Who was Farse Wale Baba: उत्तर प्रदेश के मथुरा में शनिवार को उस वक्त भारी बवाल हो गया जब प्रसिद्ध गोरक्षक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसे वाले बाबा’ की एक सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद मथुरा के कोसीकलां इलाके में तनाव फैल गया और आक्रोशित हिंदूवादी संगठनों ने दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-2) पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और रबर की गोलियां चलानी पड़ीं। भीड़ ने कई पुलिस वाहनों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे पूरे ब्रज क्षेत्र में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
‘फरसे वाले बाबा’ के नाम से मशहूर चंद्रशेखर मूल रूप से फिरोजाबाद के रहने वाले थे और अपनी निडरता के लिए जाने जाते थे। उनके समर्थकों का आरोप है कि गोतस्करों का पीछा करते समय साजिश के तहत उन्हें ट्रक से कुचलकर मार दिया गया है। हालांकि, मथुरा पुलिस ने गोतस्करी के दावों को नकारते हुए इसे कोहरे के कारण हुआ एक सड़क हादसा करार दिया है। आइए जानते हैं कौन थे फरसे वाले बाबा, जिनका प्रभाव अयोध्या से लेकर ब्रज तक फैला हुआ था।
8 साल की उम्र में संन्यास और अयोध्या का सफर
फरसे वाले बाबा का जीवन बचपन से ही भक्ति और सेवा के प्रति समर्पित था। उन्होंने मात्र 8 साल की उम्र में ही सांसारिक मोह-माया का त्याग कर दिया था और अपने माता-पिता को छोड़कर अयोध्या चले गए थे। बाबा ने करीब 20 वर्षों तक अयोध्या में रहकर साधना की और श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। अयोध्या के बाद उन्होंने ब्रज को अपनी कर्मभूमि बनाया और गोसेवा का संकल्प लिया। (Who was Farse Wale Baba)
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
क्यों पड़ा ‘फरसे वाले बाबा’ नाम?
बाबा का असली नाम चंद्रशेखर था, लेकिन ब्रज के लोग उन्हें ‘फरसे वाले बाबा’ के नाम से पुकारते थे। इसके पीछे की वजह उनका हमेशा अपने साथ फरसा लेकर चलना था। वे गोतस्करों के लिए काल माने जाते थे और हमेशा निडर होकर अवैध गोवंश परिवहन पर नजर रखते थे। उन्होंने करीब 200 युवाओं की एक समर्पित टीम तैयार की थी जो रात-दिन गोवंश की रक्षा में जुटी रहती थी। (Who was Farse Wale Baba)

मथुरा में ‘गोरक्षा’ का बड़ा केंद्र
मथुरा के छाता ब्लॉक के आजनोख में बाबा की एक विशाल गौशाला है। वे हर साल गोपाष्टमी के अवसर पर भव्य आयोजन करते थे, जिसमें हजारों की संख्या में भक्त शामिल होते थे। बाबा का मानना था कि गोसेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा है। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके एक आह्वान पर सैकड़ों युवा सड़कों पर उतर आते थे। (Who was Farse Wale Baba)
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News
शनिवार तड़के की घटना: हत्या या हादसा?
घटना शनिवार तड़के करीब 4 बजे की है। समर्थकों के अनुसार, बाबा को सूचना मिली थी कि गोवंश से भरा एक कंटेनर गुजरने वाला है। वे अपनी बाइक से उसका पीछा कर रहे थे, तभी पीछे से आए एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। गोरक्षकों का दावा है कि यह गोतस्करों की सोची-समझी साजिश है। दूसरी ओर, एसएसपी श्लोक कुमार का कहना है कि जिस ट्रक का पीछा किया जा रहा था, उसमें किराने का सामान मिला है और कोहरे के कारण यह दुर्घटना हुई है। (Who was Farse Wale Baba)
ब्रज में तनाव: पुलिस ने संभाली कमान
बाबा की मौत के बाद भड़की हिंसा को देखते हुए मथुरा के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। हिंदूवादी संगठनों की मांग है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल पुलिस शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील कर रही है और हाईवे पर यातायात सुचारू करने का प्रयास जारी है। (Who was Farse Wale Baba)



