UP Blackout Drill 2026: उत्तर प्रदेश में आज, 23 जनवरी 2026 को शाम 6 बजे राज्य के सभी 75 जिलों में मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान अचानक तेज सायरन बजेगा और बिजली कुछ मिनटों के लिए बंद कर दी जाएगी। पूरे इलाके में अंधेरा छा जाएगा। लेकिन डरने की कोई बात नहीं है। यह कोई असली खतरा नहीं, बल्कि सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल है। इसका उद्देश्य यह देखना है कि आपात स्थिति में प्रशासन और नागरिक कितने तैयार हैं।
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UP Blackout Drill 2026: मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों जैसे हवाई हमला, युद्ध या किसी बड़ी आपदा में प्रशासन और नागरिकों की तैयारियों को परखना है। इसका मतलब है कि अगर भविष्य में कभी वास्तविक खतरा आए, तो लोग सुरक्षित स्थानों तक पहुंच सकें और प्रशासन तुरंत कार्रवाई कर सके। मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस, बिजली विभाग, स्वास्थ्य और अग्निशमन विभाग एक साथ काम करेंगे और तालमेल परखेंगे।
UP Blackout Drill 2026: लखनऊ में मुख्य कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित मुख्य मॉक ड्रिल में शामिल होंगे। उनके साथ प्रमुख सचिव गृह, प्रमुख सचिव नगर विकास, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, डीजीपी, डीजी फायर और राहत आयुक्त भी उपस्थित रहेंगे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति सुनिश्चित करेगी कि अभ्यास सही ढंग से और पूर्ण तैयारी के साथ संपन्न हो।
UP Blackout Drill 2026: 10 मिनट का ब्लैकआउट और सायरन
आज शाम 6 बजे सभी जिलों में 10 मिनट का ब्लैकआउट होगा। तेज आवाज में सायरन बजेगा, जो हवाई हमले की चेतावनी का संकेत देगा। इस दौरान अधिकारी और कर्मचारी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे। नागरिकों को निर्देश दिए जाएंगे कि वे सुरक्षित स्थानों जैसे बेसमेंट, मजबूत कमरे या चिन्हित शेल्टर में रहें। मॉक ड्रिल खत्म होने के बाद सायरन फिर बजेगा और बिजली बहाल कर दी जाएगी।
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UP Blackout Drill 2026: पूरे प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था
मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस प्रमुखों को मॉक ड्रिल कराने के निर्देश दिए हैं। इस अभ्यास में पुलिस, सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, अग्निशमन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। यह सुनिश्चित करेगा कि आपात स्थिति में सभी विभाग एक साथ काम कर सकें और नागरिकों की सुरक्षा पूरी तरह हो।
UP Blackout Drill 2026: पिछली मॉक ड्रिल का अनुभव
इससे पहले 7 मई 2025 को भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव के दौरान मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। उस समय देश के 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल हुई थी। उत्तर प्रदेश में 19 जिलों को चिन्हित किया गया था, जहां युद्ध जैसी स्थिति में नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी का अभ्यास किया गया। आज की मॉक ड्रिल उसी अभ्यास को और मजबूत बनाने के लिए की जा रही है।
UP Blackout Drill 2026: नागरिकों के लिए जरूरी निर्देश
सायरन सुनते ही घबराना नहीं है। अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा न करें। घर में रहकर सुरक्षित स्थानों पर जाएं। यदि संभव हो तो बिजली बंद होने पर खिड़कियों और खुले स्थानों से दूर रहें। प्रशासन ने बार-बार कहा है कि यह कोई वास्तविक खतरा नहीं है। मॉक ड्रिल का उद्देश्य केवल नागरिकों और अधिकारियों को सुरक्षित और सतर्क बनाना है।
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UP Blackout Drill 2026: मॉक ड्रिल का महत्व
यह मॉक ड्रिल उत्तर प्रदेश को आपातकालीन परिस्थितियों के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे नागरिक और अधिकारी सीखेंगे कि खतरे की स्थिति में क्या करना चाहिए। यह अभ्यास सुनिश्चित करेगा कि वास्तविक आपदा या हमले की स्थिति में सही निर्णय समय पर लिया जा सके। याद रखें सायरन और अंधेरा सिर्फ अभ्यास का हिस्सा हैं, घबराने की कोई जरूरत नहीं।
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