Lucknow Gas Crises: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव का असर अब भारत के कई शहरों में दिखाई देने लगा है। राजधानी लखनऊ में कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबार मुश्किल में पड़ गया है। गैस सिलेंडर की कमी के कारण कई छोटे रेस्टोरेंट और ढाबों के लिए किचन चलाना मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि व्यवसायी अब पारंपरिक भट्ठियों का सहारा ले रहे हैं, जिसकी वजह से इनकी मांग अचानक बहुत बढ़ गई है और कीमतें भी कई गुना तक बढ़ चुकी हैं।
Lucknow Gas Crisis: गैस की कमी से होटल और रेस्टोरेंट परेशान
लखनऊ में छोटे होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट आमतौर पर कमर्शियल LPG सिलेंडर पर ही निर्भर रहते हैं। लेकिन पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर की सप्लाई बाधित होने से इन व्यवसायों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई होटल संचालकों का कहना है कि गैस नहीं मिलने से खाना बनाना मुश्किल हो गया है और उन्हें ग्राहकों को संभालना भी कठिन हो रहा है।
कई छोटे प्रतिष्ठानों ने अपने किचन का काम सीमित कर दिया है, जबकि कुछ ने अस्थायी रूप से बंद करने तक का निर्णय ले लिया है। होटल मालिकों का कहना है कि अगर गैस सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई व्यवसायों को बंद करना पड़ सकता है।
Lucknow Gas Crisis: पारंपरिक भट्ठियों की ओर बढ़ा रुझान
गैस की कमी के कारण होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब पुराने समय में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक भट्ठियों का सहारा लेने लगे हैं। यही कारण है कि भट्ठी बनाने वाले कारीगरों के पास अचानक ऑर्डर की बाढ़ आ गई है।
कारीगर बताते हैं कि पहले उन्हें कभी-कभार ही भट्ठी बनाने का ऑर्डर मिलता था, लेकिन अब रोजाना सैकड़ों ऑर्डर आ रहे हैं। मांग इतनी ज्यादा हो गई है कि कारीगरों के लिए समय पर सभी ऑर्डर पूरा करना मुश्किल हो गया है।
Lucknow Gas Crisis: रोजाना सैकड़ों ऑर्डर मिल रहे
भट्ठी बनाने वाले कारीगरों के अनुसार पहले एक दिन में मुश्किल से एक या दो भट्ठी बनाने का ऑर्डर मिलता था। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। वर्तमान समय में उन्हें रोजाना 300 से 400 तक ऑर्डर मिल रहे हैं।
इतनी बड़ी संख्या में ऑर्डर मिलने के कारण कारीगरों को अतिरिक्त मजदूर भी लगाने पड़ रहे हैं। इसके बावजूद समय पर डिलीवरी देना मुश्किल हो रहा है। कई कारीगरों ने बताया कि मांग इतनी ज्यादा है कि उन्हें लगातार काम करना पड़ रहा है।
Lucknow Gas Crisis: एक साथ कई भट्ठियों के ऑर्डर
कारीगरों का कहना है कि ग्राहक अब एक या दो नहीं बल्कि कई-कई भट्ठियों का ऑर्डर एक साथ दे रहे हैं। खासतौर पर होटल और रेस्टोरेंट संचालक एक साथ 6 से 8 भट्ठियों तक का ऑर्डर दे रहे हैं।
ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि गैस सिलेंडर की कमी के कारण उनके पूरे किचन को भट्ठियों के सहारे चलाना पड़ रहा है। होटल मालिकों का कहना है कि जब तक गैस सप्लाई सामान्य नहीं होती, तब तक यही विकल्प बचता है।
Lucknow Gas Crisis: कीमतों में भारी बढ़ोतरी
भट्ठियों की मांग बढ़ने के साथ-साथ उनकी कीमतें भी तेजी से बढ़ गई हैं। आमतौर पर जो भट्ठी पहले लगभग 500 रुपये में मिल जाती थी, वही अब 2500 से 3500 रुपये तक में बिक रही है।
होटल संचालकों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें महंगे दामों पर भी भट्ठियां खरीदनी पड़ रही हैं, क्योंकि उनके लिए सबसे जरूरी है कि किचन किसी तरह चलता रहे और ग्राहकों को भोजन मिलता रहे।
Lucknow Gas Crisis: भट्ठी मिलने में भी लग रहा समय
पहले जहां भट्ठी बनाने में एक या दो दिन का समय लगता था, वहीं अब ऑर्डर पूरा होने में लगभग 7 से 8 दिन लग रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि लगातार बढ़ती मांग के कारण समय पर सभी ऑर्डर देना संभव नहीं हो पा रहा है।
कई होटल संचालकों ने बताया कि उन्हें तुरंत भट्ठी की जरूरत है, लेकिन लंबी वेटिंग के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
Lucknow Gas Crisis: शादी के सीजन में कैटरर्स की परेशानी
गैस की कमी का असर केवल होटल और रेस्टोरेंट तक ही सीमित नहीं है। इस समय शादी का सीजन भी चल रहा है और कैटरिंग व्यवसाय भी इससे प्रभावित हो रहा है।
कई कैटरर्स पहले से ही शादी और समारोहों की बुकिंग ले चुके हैं। लेकिन गैस की कमी के कारण बड़े स्तर पर खाना बनाना मुश्किल हो रहा है। एक कैटरर ने बताया कि वे किसी परिवार से शादी की तारीख बदलने के लिए नहीं कह सकते, इसलिए उन्हें किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है।
Lucknow Gas Crisis: जल्द समाधान की उम्मीद
व्यवसायियों का कहना है कि अगर जल्द ही कमर्शियल LPG की सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। कई छोटे होटल और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं।
व्यापारी प्रशासन और गैस कंपनियों से मांग कर रहे हैं कि जल्द से जल्द सप्लाई सामान्य की जाए, ताकि होटल और रेस्टोरेंट कारोबार को राहत मिल सके और लोगों को भी खाने-पीने की सुविधाओं में परेशानी न हो।



