Kanpur Gangrape Case: उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए इस समय एक दरोगा बड़ी चुनौती बना हुआ है। गैंगरेप के गंभीर आरोप में फंसा यह दरोगा लगातार फरार चल रहा है। उसे पकड़ने के लिए पुलिस की चार विशेष टीमें प्रदेश के कई जिलों में लगातार दबिश दे रही हैं, लेकिन अब तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। इस फरार दरोगा का नाम अमित मौर्या है, जिस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
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Kanpur Gangrape Case: क्या है पूरा मामला
यह मामला कानपुर के सचेंडी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। यहां एक किशोरी ने आरोप लगाया कि उसके साथ गैंगरेप किया गया। पीड़िता के अनुसार, सोमवार रात उसे जबरन काली रंग की स्कॉर्पियो में खींचा गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। इस वारदात में यूट्यूबर शिवबरन यादव और भीमसेन पुलिस चौकी में तैनात दरोगा अमित मौर्या के शामिल होने का आरोप है। पीड़िता का आरोप सामने आने के बाद मामला तूल पकड़ गया। जांच में सामने आया कि घटना को दबाने की कोशिश की गई और शुरुआती स्तर पर पुलिस ने गंभीर लापरवाही बरती।
Kanpur Gangrape Case: फरार है आरोपी दरोगा
गैंगरेप का आरोपी दरोगा अमित मौर्या घटना के बाद से ही फरार है। उसकी तलाश में पुलिस की चार टीमें लगाई गई हैं। पुलिस को उसकी लोकेशन पहले प्रयागराज, गोरखपुर, लखनऊ और वाराणसी (Varanasi) में मिली थी। हालांकि पिछले दो दिनों से उसका मोबाइल फोन बंद जा रहा है, जिससे उसकी सही लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया है।
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Kanpur Gangrape Case:अमित मौर्या का गृह जनपद
गोरखपुर बताया जा रहा है। इसी वजह से एक टीम गोरखपुर में भी लगातार दबिश दे रही है। वहीं, सचेंडी थाना प्रभारी खुद उसकी तलाश में जुटे हुए हैं।
Kanpur Gangrape Case: 50 हजार का इनाम घोषित
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। आरोपी दरोगा की गिरफ्तारी के लिए उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हाल में आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के अनुसार, इस मामले में आरोपी यूट्यूबर शिवबरन यादव को पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वारदात में इस्तेमाल की गई काली रंग की स्कॉर्पियो भी पुलिस ने बरामद कर ली है। फिलहाल मुख्य आरोपी दरोगा अमित मौर्या की तलाश जारी है।
Kanpur Gangrape Case: घटना छिपाने की कोशिश, कई अफसर नपे
इस मामले में सिर्फ दरोगा ही नहीं, बल्कि कई पुलिस अधिकारियों पर भी गाज गिरी है। आरोप है कि गैंगरेप की घटना को छिपाने की कोशिश की गई। तत्कालीन सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह ने अज्ञात लोगों के खिलाफ सिर्फ छह लाइनों में एफआईआर दर्ज कर मामले को दबाने का प्रयास किया।
जांच में सामने आया कि घटना के बाद पुलिस ने सही तरीके से कार्रवाई नहीं की। इसी लापरवाही और मामले को दबाने के आरोप में कई अधिकारियों पर कार्रवाई हुई है।
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Kanpur Gangrape Case: डीसीपी और एसीपी हटाए गए
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने इस प्रकरण में सख्त कदम उठाते हुए डीसीपी पश्चिम दिनेश त्रिपाठी और एसीपी पनकी शिखर को उनके पद से हटा दिया। इसके अलावा, सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह, सेन पश्चिम पारा चौकी इंचार्ज दिनेश कुमार, आरोपी दरोगा अमित कुमार मौर्या इन सभी को निलंबित कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक, दरोगा अमित मौर्या की भूमिका शुरू से ही संदिग्ध थी, लेकिन उसे बचाने की कोशिश की जाती रही। जब मामला मीडिया और उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तब जाकर सख्त कार्रवाई शुरू हुई।
Kanpur Gangrape Case: परिजनों से भी संपर्क
पुलिस ने आरोपी दरोगा के परिजनों से भी संपर्क किया है। उनसे कहा गया है कि वे अमित मौर्या को आत्मसमर्पण करने के लिए समझाएं। पुलिस का कहना है कि यदि आरोपी जल्द सामने नहीं आता है तो उसके खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
Kanpur Gangrape Case: पुलिस की साख पर सवाल
यह मामला यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। एक तरफ जहां एक दरोगा पर गैंगरेप जैसा गंभीर आरोप है, वहीं दूसरी ओर उसी सिस्टम के कुछ लोग मामले को दबाने की कोशिश करते नजर आए। अब पुलिस के लिए यह सिर्फ आरोपी को पकड़ने का मामला नहीं, बल्कि अपनी साख बचाने की भी चुनौती बन गया है।
फिलहाल, प्रदेश भर में पुलिस की टीमें खाक छान रही हैं और हर किसी की नजर इस बात पर टिकी है कि इनामी दरोगा अमित मौर्या कब और कैसे पुलिस की गिरफ्त में आता है।
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