Jat Regiment Soldiers Daughter Wedding: उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के काठा गांव में हुई एक शादी ने लोगों के दिलों को छू लिया। यह केवल एक पारिवारिक समारोह नहीं था, बल्कि फौजी भाईचारे की एक अनोखी मिसाल बन गया। दुल्हन के पिता इस दुनिया में नहीं थे, लेकिन उनके साथ काम कर चुके सैनिकों ने उनकी कमी महसूस नहीं होने दी। उन्होंने शादी के हर काम में हिस्सा लिया और परिवार के सदस्य की तरह सारी जिम्मेदारी निभाई।
Jat Regiment Soldiers Daughter Wedding: शहीद हवलदार की याद में निभाया साथ
काठा गांव के रहने वाले हवलदार हरेंद्र वर्ष 2001 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे और 21 जाट रेजीमेंट में अपनी सेवाएं दे रहे थे। साल 2020 में अरुणाचल प्रदेश में एक सड़क दुर्घटना में उनका निधन हो गया। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पत्नी अमृता देवी और तीन बच्चों की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। लेकिन हरेंद्र के साथ ड्यूटी करने वाले सैनिकों ने परिवार से रिश्ता नहीं तोड़ा और हमेशा उनका साथ दिया।
Jat Regiment Soldiers Daughter Wedding: बेटी की शादी में सैनिक बने परिवार
जब हरेंद्र की बड़ी बेटी प्राची की शादी तय हुई तो उनके साथी सैनिकों ने एक अहम फैसला लिया। उन्होंने तय किया कि वे अपने दोस्त की बेटी की शादी में पिता की भूमिका निभाएंगे। इसके लिए कई सैनिकों ने सेना से छुट्टी ली और अलग-अलग राज्यों से बागपत के काठा गांव पहुंचे। शादी के दिन सुबह से ही सैनिक पूरे आयोजन में शामिल हो गए और हर जिम्मेदारी को अपने हाथों में ले लिया।
Jat Regiment Soldiers Daughter Wedding: घर के बड़े की तरह निभाई हर रस्म
शादी में कई सेवानिवृत्त और सेवा में तैनात सैनिक पहुंचे। इनमें रिटायर्ड कैप्टन राजेश गुलिया, कैप्टन यशपाल सिंह, सूबेदार धर्मवीर सिंह, सूबेदार रामरतन, सूबेदार धर्मेंद्र और हवलदार किरनपाल समेत कई सैनिक शामिल थे। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान से भी सैनिक आए। इन सभी ने बारात के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था और शादी की हर रस्म को घर के बड़े सदस्य की तरह निभाया।
Jat Regiment Soldiers Daughter Wedding: मंडप में पिता की कमी नहीं होने दी
शादी के दौरान सबसे भावुक पल तब आया जब दुल्हन को मंडप तक लाया गया। सैनिकों ने मिलकर प्राची को स्टेज तक पहुंचाया और उसे पूरा सहारा दिया। ऐसा लग रहा था जैसे पूरी फौज ही उसके साथ खड़ी हो। सैनिकों ने मिलकर लगभग साढ़े छह लाख रुपये का कन्यादान भी दिया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
Jat Regiment Soldiers Daughter Wedding: विदाई के समय भावुक हुआ माहौल
जब शादी की सभी रस्में पूरी हो गईं और विदाई का समय आया, तो माहौल बेहद भावुक हो गया। सैनिकों की आंखों में भी आंसू थे, क्योंकि वे अपने दोस्त की बेटी को विदा कर रहे थे। गांव के लोगों ने भी पहली बार देखा कि सेना में बनने वाले रिश्ते कितने गहरे होते हैं। यह शादी केवल एक परिवार की खुशी नहीं थी, बल्कि फौजी भाईचारे और इंसानियत की एक अनोखी मिसाल बन गई।



