IPS Ajay Pal Sharma Controversy: शहर में एक गंभीर विवाद उभर कर सामने आया है, जिसमें नाबालिग शिष्यों के यौन शोषण के आरोपों से घिरे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उत्तर प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी IPS अजय पाल शर्मा शामिल हैं। हाल ही में स्वामी ने एक पुरानी तस्वीर जारी कर पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
स्वामी का दावा है कि प्रयागराज में दर्ज पॉक्सो एक्ट की एफआईआर में शिकायतकर्ता और आईपीएस अधिकारी के पुराने संबंध हैं। इस तस्वीर में 2011 बैच के IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा एक केक काटते हुए शिकायतकर्ता आशुतोष के साथ नजर आ रहे हैं। स्वामी ने इसे अपने खिलाफ रची गई साजिश बताते हुए कहा कि इस आधार पर जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
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IPS Ajay Pal Sharma Controversy: तस्वीर ने बढ़ाया विवाद
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने हाल ही में वाराणसी से एक तस्वीर जारी की, जिसमें आईपीएस अजय पाल शर्मा और शिकायतकर्ता आशुतोष एक समारोह में केक काटते दिख रहे हैं। स्वामी का दावा है कि यह फोटो दोनों के बीच पुराने और करीबी संबंधों को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता आशुतोष शामली के कांधला का रहने वाला है, जबकि अजय पाल शर्मा भी अपने करियर में वहां एसपी रह चुके हैं। इस तथ्य के कारण, स्वामी का कहना है कि पोक्सो एक्ट के तहत जांच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठते हैं। इस तस्वीर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया और स्थानीय मीडिया में चर्चा तेज हो गई है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या पुलिस अधिकारी और शिकायतकर्ता के बीच पुराने संबंध जांच पर असर डाल सकते हैं।
IPS Ajay Pal Sharma Controversy: कौन है IPS अजय पाल शर्मा
अजय पाल शर्मा उत्तर प्रदेश पुलिस में एक प्रतिष्ठित अधिकारी माने जाते हैं। उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ के रूप में जाना जाता है। उनके करियर में कई बड़े मुकदमों और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई रही है।
शर्मा ने शामली, नोएडा, जौनपुर और रामपुर में तैनाती के दौरान कई बदमाशों को मुठभेड़ में ढेर किया। वह हाथरस के कप्तान भी रह चुके हैं और वर्तमान में प्रयागराज में एडिशनल पुलिस कमिश्नर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। उनकी मुठभेड़ और अपराध नियंत्रण की छवि जनता में काफी प्रसिद्ध है। हालांकि, स्वामी द्वारा जारी फोटो ने उनके पेशेवर जीवन में नया विवाद पैदा कर दिया है। संत समाज का कहना है कि यह फोटो जांच के पीछे गहरी साजिश का संकेत हो सकती है।
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IPS Ajay Pal Sharma Controversy: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बयान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत नहीं है। उनके अनुसार, यह पूरी तरह से पुलिस और शिकायतकर्ता के बीच पुराने रिश्तों पर आधारित है, जिससे मामले की निष्पक्ष जांच पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने मीडिया से कहा,हम चाहते हैं कि इस मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी हो। अगर पुलिस और शिकायतकर्ता के बीच पुराने संबंधों की वजह से न्याय प्रभावित हुआ, तो यह समाज और नाबालिगों के अधिकारों के लिए गंभीर खतरा होगा। स्वामी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी को बदनाम करना नहीं है, बल्कि केवल जांच की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना है।
IPS Ajay Pal Sharma Controversy: जांच की वर्तमान स्थिति
प्रयागराज पुलिस ने पोक्सो एक्ट के तहत मामले की जांच तेज कर दी है। मामले में पुलिस अधिकारियों और अन्य संबंधित पक्षों से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि जांच पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के अनुसार और निष्पक्ष हो।
हालांकि, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा जारी फोटो ने मामले में नई बहस छेड़ दी है। लोग सोशल मीडिया पर इसे लेकर दो गुटों में बंटे हुए हैं। एक तरफ कुछ लोग मानते हैं कि फोटो सिर्फ एक पुरानी यादगार तस्वीर है, जबकि दूसरी तरफ कई लोग इसे जांच में संभावित पक्षपात का सबूत मान रहे हैं।
IPS Ajay Pal Sharma Controversy: सामाजिक और मीडिया प्रतिक्रिया
मामले ने समाज और मीडिया में तेज़ी से चर्चा पैदा कर दी है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, संत समाज और नागरिक संगठन लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उनका कहना है कि बच्चों और नाबालिगों के संरक्षण में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
सोशल मीडिया पर भी #IPSअजयपालशर्मा और #SwamiAvimukteshwaranand ट्रेंड कर रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या जांच पूरी निष्पक्ष होगी और बच्चों के हितों की रक्षा की जाएगी।
प्रयागराज का यह विवाद दर्शाता है कि पॉक्सो एक्ट और नाबालिगों के संरक्षण के मामलों में सभी पक्षों की भूमिका और निष्पक्ष जांच कितनी महत्वपूर्ण है। IPS अजय पाल शर्मा का करियर और उनके अनुभव को देखते हुए जनता उन्हें सम्मान देती है, लेकिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा जारी फोटो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जांच की पारदर्शिता पर लगातार सवाल उठाए जा सकते हैं।
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