Hapur soldier martyrdom : देश के लिए शहीद हुए जवान को जब उसका नन्हा सा बेटा मुखाग्नि दे रहा था, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी। जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के ट्रक हादसे में शहीद हुए हापुड़ के जवान को उनके एक साल के मासूम बेटे ने अंतिम विदाई दी। यह दृश्य इतना भावुक था कि कलेक्टर, पुलिस अधिकारी और गांव के लोग खुद को रोक नहीं पाए और फूट-फूटकर रो पड़े।
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Hapur soldier martyrdom: जम्मू-कश्मीर में हादसे में हुए थे शहीद
हापुड़ जिले के रहने वाले भारतीय सेना के जवान जम्मू-कश्मीर में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान सेना का एक ट्रक हादसे का शिकार हो गया, जिसमें जवान गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान उन्होंने वीरगति प्राप्त कर ली। जैसे ही शहादत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में मातम छा गया। घर में खुशी का माहौल अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ था कि अचानक यह दुखद खबर परिवार पर टूट पड़ी। शहीद जवान अपने पीछे पत्नी, एक साल का बेटा और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गए हैं।
Hapur soldier martyrdom: तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर पहुंचा गांव
शहीद जवान का पार्थिव शरीर जब तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो पूरा गांव भारत माता की जय और शहीद अमर रहें के नारों से गूंज उठा। सैकड़ों लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। हर किसी की आंखों में आंसू थे, लेकिन चेहरे पर गर्व भी साफ झलक रहा था। गांव की गलियों से जब शहीद की अंतिम यात्रा निकली, तो महिलाएं छतों से पुष्प वर्षा कर रही थीं। लोग नम आंखों से अपने लाल को आखिरी सलाम कर रहे थे।
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Hapur soldier martyrdom: एक साल के बेटे ने दी मुखाग्नि, टूट पड़ा हर दिल
अंतिम संस्कार के दौरान सबसे भावुक पल तब आया, जब शहीद जवान के एक साल के बेटे को गोद में लेकर मुखाग्नि दिलाई गई। मासूम को यह भी नहीं पता था कि वह अपने पिता को हमेशा के लिए अलविदा कह रहा है। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। हापुड़ के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारी भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
Hapur soldier martyrdom: पत्नी और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
शहीद जवान की पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार बेसुध हो रही थीं। परिवार के लोग उन्हें संभालते नजर आए। बुजुर्ग माता-पिता अपने बेटे की शहादत पर गर्व भी कर रहे थे, लेकिन बेटे को खोने का दर्द उनके चेहरे से साफ झलक रहा था। परिवार वालों ने बताया कि जवान बेहद जिम्मेदार और देशभक्त थे। हमेशा कहते थे कि देश की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।
Hapur soldier martyrdom: प्रशासन और सेना ने दिया सम्मान
अंतिम संस्कार में सेना के जवानों ने पूरे सम्मान के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया। प्रशासन की ओर से भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। अधिकारियों ने परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। जिलाधिकारी ने कहा कि शहीद के परिवार को सरकार की सभी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा और प्रशासन हर कदम पर उनके साथ खड़ा है।
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Hapur soldier martyrdom: गांव में छाया मातम, हर कोई कर रहा सलाम
शहीद की शहादत से पूरे गांव में शोक का माहौल है। स्कूल, दुकानें और प्रतिष्ठान बंद रहे। लोग सिर्फ एक ही बात कह रहे थे कि गांव का बेटा देश के लिए शहीद हुआ है, इस पर गर्व है। ग्रामीणों ने कहा कि शहीद जवान की कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उनका नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाएगा।
Hapur soldier martyrdom: देश के लिए शहादत, अमर हो गया नाम
एक साल के मासूम द्वारा पिता को दी गई मुखाग्नि ने पूरे देश को भावुक कर दिया है। यह दृश्य बताता है कि देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिक और उनके परिवार कितनी बड़ी कीमत चुकाते हैं। शहीद जवान का नाम अब अमर हो गया है। उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देती रहेगी। देश ने एक वीर सपूत खो दिया, लेकिन उसकी वीरता और बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
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