Nandini Kaushik Joins Women Cricket Team: मेरठ की एक साधारण परिवार की बेटी नंदिनी कौशिक ने क्रिकेट के मैदान पर अपनी मेहनत और जुनून से एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। 6 फरवरी से शुरू हो रहे सीनियर महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में नंदिनी उत्तराखंड टीम (uttrakhand team) की ओर से चौके-छक्के लगाकर विपक्षी टीमों को चुनौती देती नजर आएंगी।
Also Read: जो पहले कभी नहीं हुआ… विराट-रोहित की वजह से BCCI लेने जा रही है चौंकाने वाला फैसला
Nandini Kaushik Joins Women Cricket Team: मेरठ से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर
नंदिनी कौशिक (nandini Kaushik) का जन्म और पालन-पोषण मेरठ में हुआ। उन्होंने क्रिकेट की शुरुआती ट्रेनिंग कराना क्रिकेट एकेडमी से ली। कोच छाया कराना के मार्गदर्शन में नंदिनी ने दिन-रात मेहनत की और अपने खेल को धार दी। दाहिने हाथ की आक्रामक बल्लेबाज नंदिनी मैदान पर आत्मविश्वास के साथ उतरती हैं और हर मैच में अपनी टीम के लिए महत्वपूर्ण रन बनाने का प्रयास करती हैं।
Nandini Kaushik Joins Women Cricket Team: क्रिकेट में आदर्श – शुभमन गिल
नंदिनी का कहना है कि भारतीय टीम (team india) के वनडे कप्तान शुभमन गिल (shubman gill) उनके क्रिकेट आदर्श हैं। उनकी तरह जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करना और मैदान पर खुद को साबित करना नंदिनी का सपना है। यही प्रेरणा उन्हें हर मैच में बेहतरीन प्रदर्शन करने की ताकत देती है।
Nandini Kaushik Joins Women Cricket Team: अंडर-19 से सीनियर टीम तक का सफर
नंदिनी ने उत्तराखंड की अंडर-19 टीम (under 19 team) का भी प्रतिनिधित्व किया है। घरेलू क्रिकेट में भी उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने उत्तराखंड प्रीमियर लीग (uttrakhand Premier league) दो सीजन खेलते हुए लगातार रन बनाए और चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा। पिथौरागढ़ की ओर से खेलते हुए उन्होंने एक मैच में ताबड़तोड़ अर्धशतक जड़ा। मल्टीडेज ट्रॉफी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
Nandini Kaushik Joins Women Cricket Team: पढ़ाई और क्रिकेट का संतुलन
नंदिनी फिलहाल हरिद्वार में कक्षा 12 की पढ़ाई कर रही हैं। पढ़ाई और क्रिकेट दोनों को संतुलित करना आसान नहीं था, लेकिन नंदिनी ने कभी हार नहीं मानी। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी होने के बावजूद उन्होंने अपने खेल और पढ़ाई दोनों में मेहनत जारी रखी।
Read : पाकिस्तान के फैसले से श्रीलंका को करोड़ों का झटका, PCB से जताई नाराजगी
Nandini Kaushik Joins Women Cricket Team: पिता का समर्थन और परिवार की प्रेरणा
नंदिनी के पिता हापुड़ अड्डे पर पंडित जी छोले-भटूरे नाम की छोटी सी दुकान चलाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बेटी के सपनों को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने समाज की आलोचना की परवाह किए बिना नंदिनी को क्रिकेट खेलने की आजादी दी। पिता कहते हैं, ‘बेटी बचपन से ही क्रिकेट में रुचि रखती थी। हमने उसे पूरा समर्थन दिया और उसके सपनों को पंख दिए।’
Nandini Kaushik Joins Women Cricket Team: मैदान पर अपनी छवि बनाना
नंदिनी की मेहनत और लगन ने उन्हें उत्तराखंड सीनियर महिला क्रिकेट टीम (Uttarakhand Senior Women’s Cricket Team) में जगह दिलाई है। अब वह टूर्नामेंट में चौके-छक्के लगाकर विरोधी टीमों के लिए चुनौती बनेगी। उनकी कहानी यह दिखाती है कि साधारण परिवार की लड़की भी अगर मेहनत और सपनों के प्रति ईमानदार हो, तो बड़े मुकाम हासिल कर सकती है।
नंदिनी कौशिक की यह सफलता मेहनत, आत्मविश्वास और परिवार के समर्थन का नतीजा है। उनकी कहानी उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों में भी अपने सपनों को पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं।
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News



