Mirabai Chanu National Championship 2026: भारतीय वेटलिफ्टिंग की स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह केवल एक चैंपियन नहीं, बल्कि लगातार खुद को बेहतर करने वाली एथलीट हैं। नेशनल वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2026 में उनका प्रदर्शन ऐसा रहा, जिसने पूरे खेल जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उत्तर प्रदेश के मोदीनगर में आयोजित इस प्रतियोगिता में मीराबाई ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में उतरते ही रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। मीराबाई ने एक ही मुकाबले में तीन नेशनल रिकॉर्ड तोड़ते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया (Mirabai Chanu National Championship) और यह साफ कर दिया कि नई कैटेगरी में भी उनका दबदबा कायम है।
48 किग्रा वर्ग में मीराबाई का एकतरफा दबदबा
मुकाबले की शुरुआत से ही मीराबाई चानू का आत्मविश्वास अलग ही स्तर पर नजर आया। उन्होंने स्नैच इवेंट में 89 किलोग्राम वजन उठाकर नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 116 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा रिकॉर्ड अपने नाम किया। इन दोनों लिफ्ट्स को मिलाकर मीराबाई का कुल वजन 205 किलोग्राम रहा, जो 48 किग्रा कैटेगरी में अब तक का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय प्रदर्शन है। इस तरह-
- स्नैच
- क्लीन एंड जर्क
- टोटल
तीनों इवेंट्स में रिकॉर्ड टूट गए।
पिछले अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन से भी आगे निकलीं मीराबाई
मीराबाई का यह प्रदर्शन उनके हालिया अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड (Mirabai Chanu National Championship) से भी बेहतर रहा। 2025 वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतते समय उनका कुल वजन 199 किलोग्राम था, जबकि इस बार उन्होंने 205 किलोग्राम का आंकड़ा पार कर लिया। हालांकि वह स्नैच में 91 किलोग्राम उठाने की कोशिश में सफल नहीं हो सकीं, लेकिन इससे उनके शानदार प्रदर्शन की चमक पर कोई असर नहीं पड़ा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह दिखाता है कि मीराबाई अभी भी पीक फॉर्म की ओर बढ़ रही हैं।
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गोल्ड जीतने के बाद मीराबाई का बयान
गोल्ड मेडल जीतने (Mirabai Chanu National Championship) के बाद मीराबाई चानू ने कहा कि 48 किग्रा कैटेगरी में इस तरह का प्रदर्शन करना उनके लिए बेहद खास है। उन्होंने बताया कि पहले वह 49 किग्रा वर्ग में खेलती थीं और नई कैटेगरी में ढलना आसान नहीं था। मीराबाई ने कहा, ‘रिकॉर्ड बनाना मेरे आत्मविश्वास को और मजबूत करता है। मेरा अगला लक्ष्य स्नैच में 90 किलो से ज्यादा वजन उठाना है।’ उन्होंने यह भी साफ किया कि आने वाले महीनों में वह बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट्स के लिए खुद को और मजबूत करेंगी।
बाकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन
48 किग्रा कैटेगरी में मुकाबला भले ही मीराबाई के नाम रहा, लेकिन अन्य खिलाड़ियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।
- राधा सोनी (अखिल भारतीय पुलिस) ने 183 किलोग्राम कुल वजन के साथ सिल्वर मेडल जीता
- कोमल कोहर ने लगातार सुधार दिखाते हुए ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया
ओलिंपिक सिल्वर से नई कैटेगरी तक का सफर
मीराबाई चानू टोक्यो ओलिंपिक 2021 में भारत के लिए सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। 2024 ओलिंपिक में वह चौथे स्थान पर रहीं और पदक से चूक गई थीं। इसके बाद 49 किग्रा कैटेगरी से हटने के बाद उन्हें 48 किग्रा में स्विच करना पड़ा।
अब इस नई कैटेगरी में उनका रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन यह संकेत देता है कि मीराबाई आगामी एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलिंपिक क्वालिफिकेशन में भारत के लिए फिर से मजबूत दावेदारी पेश कर सकती हैं।
भारतीय वेटलिफ्टिंग को मिला नया आत्मविश्वास
मीराबाई चानू का यह प्रदर्शन सिर्फ एक गोल्ड मेडल नहीं, बल्कि भारतीय वेटलिफ्टिंग के भविष्य के लिए (Mirabai Chanu National Championship)आत्मविश्वास का संदेश है। वह एक बार फिर साबित कर चुकी हैं कि दबाव हो या नई कैटेगरी – मीराबाई हर चुनौती के लिए तैयार हैं।
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