India vs NZ ODI Umpire Controversy: इंडिया और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की ODI सीरीज का पहला मैच वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम में हुआ। क्रिकेट फैंस के लिए यह सीरीज खास है क्योंकि वर्ल्ड क्रिकेट रैंकिंग की टॉप 2 टीमें आपस में टक्कर दे रही हैं। मैच का स्टार्ट ही काफी धमाकेदार रहा, लेकिन इस बार फैंस का ध्यान एक चीज पर गया अंपायर शरफुद्दौला सैकत।
India vs NZ ODI Umpire Controversy: बांग्लादेशी अंपायर शरफुद्दौला सैकत की एंट्री
शरफुद्दौला सैकत को इस मैच में टीवी अंपायर की जिम्मेदारी दी गई है। और यही चीज फैंस को सरप्राइज कर गई, क्योंकि इंडिया और बांग्लादेश के बीच पॉलिटिकल और डिप्लोमैटिक टेंशन चल रहे हैं। सोशल मीडिया पर अचानक चर्चा शुरू हो गई और लोग BCCI के फैसलों पर सवाल उठाने लगे।
लेकिन यहां एक जरूरी बात है, अंपायर का सिलेक्शन BCCI नहीं करता। यह काम ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) का होता है। ICC के एलीट पैनल अंपायरों को ही इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग का मौका मिलता है। और शरफुद्दौला सैकत भी इसी ICC एलीट पैनल का हिस्सा हैं।
Read : कौन हैं अनुष्का शर्मा? WPL डेब्यू में विस्फोटक पारी खेलकर बनी नई क्रिकेट सनसनी
India vs NZ ODI Umpire Controversy: ICC का अंपायर सिलेक्शन प्रोसेस
ICC के रूल्स के हिसाब से, ODI और T20I मैच में कम से कम एक एलीट पैनल अंपायर अंपायरिंग करता है। यह अंपायर सिलेक्शन का प्रोसेस कुछ इस तरह होता है –
• परफॉर्मेंस: अंपायर का पिछला परफॉर्मेंस देखा जाता है
• एक्सपीरियंस: इंटरनेशनल मैच का एक्सपीरियंस माना जाता है
• अवेलेबिलिटी: सिर्फ अवेलेबल अंपायर को ही असाइन किया जाता है
• न्यूट्रैलिटी: मैच में अंपायर का न्यूट्रल होना जरूरी है
इसी प्रोसेस के तहत टीवी अंपायर या थर्ड अंपायर को आमतौर पर ICC एलीट पैनल या इंटरनेशनल पैनल से सिलेक्ट किया जाता है, ताकि मैच पूरी तरह से न्यूट्रल हो जाए।
India vs NZ ODI Umpire Controversy: BCCI की जिम्मेदारी
हो सकता है कि फैंस कंफ्यूज हो जाएं, लेकिन BCCI सिर्फ चौथे अंपायर और लोकल मैच के लिए डोमेस्टिक अंपायर अपॉइंट करता है। जरूरी अंपायर जैसे कि ऑन-फील्ड और तीसरे अंपायर का सिलेक्शन सिर्फ ICC करती है। इस शर्फुद्दौला सैकत का इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड मैच में होना बिल्कुल स्टैंडर्ड प्रैक्टिस है।
खेल की बड़ी खबर देखने के लिये क्लिक करे
India vs NZ ODI Umpire Controversy: सोशल मीडिया रिएक्शन
जैसे ही ये न्यूज सोशल मीडिया पर आई, क्रिकेट फैंस काफी एक्साइटेड और थोड़ा नर्वस भी हो गए। एक्स और इंस्टाग्राम पर हैशटैग ट्रेंड करने लगे जैसे –
• #शरफुद्दौलाइनइंडिया
• #BCCIvsICC
• #IndiaNZODI
लोग ये डिबेट कर रहे हैं कि क्या पॉलिटिकल टेंशन के बीच न्यूट्रल अंपायरिंग का कॉन्सेप्ट काम करता है या नहीं। लेकिन ICC के स्टैंडपॉइंट के हिसाब से, ये पूरी तरह से फेयर है।
India vs NZ ODI Umpire Controversy: पहले की अंपायर कॉन्ट्रोवर्सी
ये पहली बार नहीं है जब इंटरनेशनल क्रिकेट में न्यूट्रल अंपायर कॉन्ट्रोवर्सी हुई हो। पहले भी इंडिया-पाकिस्तान, इंडिया-श्रीलंका जैसे मैच में फैंस ने अंपायर की नेशनैलिटी पर डिस्कशन किया है। लेकिन ICC का रूल सिंपल है न्यूट्रल अंपायर पक्का करना और मैच की इंटेग्रिटी बनाए रखना।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
India vs NZ ODI Umpire Controversy: शर्फुद्दौला सैकत का बैकग्राउंड
शर्फुद्दौला सैकत एक अनुभवी अंपायर हैं जिन्होंने कई इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग की है। इनका ICC एलीट पैनल का हिस्सा होना उनकी क्रेडिबिलिटी और न्यूट्रैलिटी को पक्का करता है। ये थर्ड अंपायर के रूप में मैच के फैसलों में वीडियो रिव्यू और टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं, जिससे मैच के नतीजे पर फेयर इम्पैक्ट पड़ता है।
India vs NZ ODI Umpire Controversy: ICC का ऑफिशियल स्टैंड
ICC ने साफ किया है कि, ‘मैच अंपायरों का सिलेक्शन परफॉर्मेंस, एक्सपीरियंस, अवेलेबिलिटी और न्यूट्रैलिटी के बेसिस पर होता है। पॉलिटिकल या रीजनल बायस के लिए सिलेक्शन नहीं किया जाता।’
यानी, यह पूरा प्रोसेस क्रिकेट की फेयरनेस और इंटीग्रिटी के लिए डिज़ाइन किया गया है, न कि किसी पॉलिटिकल असर के लिए।
India vs NZ ODI Umpire Controversy: आखिरी विचार
इंडिया बनाम न्यूजीलैंड ODI सीरीज का फोकस अभी भी क्रिकेट परफॉर्मेंस पर है, लेकिन अंपायर सिलेक्शन कॉन्ट्रोवर्सी ने फैंस का ध्यान खींचा। अगर आप क्रिकेट के हार्डकोर फैन हैं, तो यह समझना जरूरी है कि BCCI सिर्फ लोकल मामलों में दखल देता है, और इंटरनेशनल अंपायरिंग ICC के नियमों के तहत होती है।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking



