By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Pongal 2026: पोंगल पर क्यों उबाले जाते हैं दूध और चावल? जानिए इस शुभ परंपरा का आध्यात्मिक रहस्य
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > धर्म कर्म > Pongal 2026: पोंगल पर क्यों उबाले जाते हैं दूध और चावल? जानिए इस शुभ परंपरा का आध्यात्मिक रहस्य
धर्म कर्म

Pongal 2026: पोंगल पर क्यों उबाले जाते हैं दूध और चावल? जानिए इस शुभ परंपरा का आध्यात्मिक रहस्य

ShreeJi
Last updated: 2026-01-15 4:56 अपराह्न
ShreeJi Published 2026-01-15
Share
Pongal Milk Rice Significance
Pongal 2026: पोंगल पर क्यों उबाले जाते हैं दूध और चावल? जानिए इस शुभ परंपरा का आध्यात्मिक रहस्य
SHARE

Pongal Milk Rice Significance: पोंगल भारत का एक प्रमुख कृषि पर्व है, जिसे विशेष रूप से तमिलनाडु और दक्षिण भारत में अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव, प्रकृति और किसानों के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है। वर्ष 2026 में पोंगल 14 जनवरी से 17 जनवरी तक मनाया जाएगा। पोंगल का शाब्दिक अर्थ ही है ‘उफान आना’ जो इस पर्व की सबसे महत्वपूर्ण परंपरा से जुड़ा है।

Contents
Pongal Milk Rice Significance: पोंगल में दूध और चावल उबालने की परंपरा क्या है?Pongal Milk Rice Significance: दूध-चावल के उफान का आध्यात्मिक अर्थPongal Milk Rice Significance: सूर्य देव की पूजा और पोंगल का संबंधPongal Milk Rice Significance: पारिवारिक और सामाजिक एकता का प्रतीकPongal Milk Rice Significance: पोंगल में दूध और चावल का वैज्ञानिक व स्वास्थ्य महत्वPongal Milk Rice Significance: मिट्टी के बर्तन में पोंगल क्यों पकाया जाता है?

Pongal Milk Rice Significance: पोंगल में दूध और चावल उबालने की परंपरा क्या है?

पोंगल के दिन मिट्टी या धातु के नए बर्तन में दूध और चावल को खुले स्थान पर उबाला जाता है। जैसे ही दूध उफनकर बाहर आता है, पूरे परिवार द्वारा ‘पोंगलो पोंगल!’ का जयघोष किया जाता है। यही क्षण पोंगल पर्व का सबसे शुभ और प्रतीक्षित पल माना जाता है।

यह प्रक्रिया केवल भोजन बनाने की नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुष्ठान है, जिसमें प्रकृति की प्रचुरता और ईश्वर की कृपा को स्वीकार किया जाता है।

Read : पोंगल पर नई फसल की पूजा क्यों जरूरी? जानिए दक्षिण भारत के इस महापर्व का आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व

Pongal Milk Rice Significance: दूध-चावल के उफान का आध्यात्मिक अर्थ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दूध और चावल का उफान समृद्धि, खुशहाली और सौभाग्य का प्रतीक है। उफान यह दर्शाता है कि जैसे बर्तन भर गया, वैसे ही घर धन, अन्न और सुख से परिपूर्ण होगा।

वैदिक परंपरा में इसे सूर्य देव के आशीर्वाद का संकेत माना गया है। सूर्य, जो फसलों को ऊर्जा देता है, उसी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने के लिए यह पवित्र पकवान अर्पित किया जाता है।

Pongal Milk Rice Significance: सूर्य देव की पूजा और पोंगल का संबंध

पोंगल मुख्य रूप से सूर्य पूजा का पर्व है। इस दिन सूर्य देव को ताजा पोंगल अर्पित किया जाता है। उफान के समय यह मंत्र बोला जाता है, ‘पोंगल पोंगतु, सूर्य देवस्य आशीर्वादेन अस्माभिः लाभः स्यात्।’ इस मंत्र का अर्थ है सूर्य देव की कृपा से हमारे जीवन में समृद्धि और लाभ बना रहे।

Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

Pongal Milk Rice Significance: पारिवारिक और सामाजिक एकता का प्रतीक

पोंगल केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक पर्व भी है। दूध-चावल उबालने की प्रक्रिया में बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और पुरुष सभी सहभागी बनते हैं। यह सहभागिता परिवार में एकता, सहयोग और संस्कारों को मजबूत करती है।

इस अवसर पर रिश्तेदारों, पड़ोसियों और मित्रों के साथ पोंगल साझा किया जाता है, जिससे सामाजिक सौहार्द बढ़ता है।

Also Read : मकर संक्रांति के बाद क्यों मनाया जाता है माघ बिहू?

Pongal Milk Rice Significance: पोंगल में दूध और चावल का वैज्ञानिक व स्वास्थ्य महत्व

दूध और चावल दोनों ही सात्विक और पोषक तत्वों से भरपूर माने जाते हैं।

• दूध: प्रोटीन, कैल्शियम और ऊर्जा का उत्कृष्ट स्रोत

• चावल: कार्बोहाइड्रेट से भरपूर, सुपाच्य और ऊर्जा देने वाला

ठंड के मौसम में पोंगल शरीर को गर्मी और संतुलन प्रदान करता है। यह मानसिक शांति और शारीरिक स्फूर्ति भी देता है, जो इसे एक आदर्श उत्सव भोजन बनाता है।

Pongal Milk Rice Significance: मिट्टी के बर्तन में पोंगल क्यों पकाया जाता है?

परंपरागत रूप से पोंगल मिट्टी के बर्तन में पकाया जाता है, क्योंकि मिट्टी प्राकृतिक ऊर्जा को संतुलित करती है। इससे भोजन अधिक शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक माना जाता है। यह प्रकृति के साथ सामंजस्य का भी प्रतीक है।

Pongal Milk Rice Significance: पोंगल का सबसे शुभ क्षण – उफान का पल

दूध-चावल का उफान पोंगल का आध्यात्मिक शिखर क्षण होता है। यह दर्शाता है कि जीवन में रुकावटें टूट रही हैं और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ रहा है। यही कारण है कि इस पल को देखकर लोग आनंद, उल्लास और आस्था से भर जाते हैं।

पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking

You Might Also Like

Eid Celebrations 2026: देशभर में ईद-उल-फितर की रौनक, नमाज और भाईचारे के साथ मनाया जा रहा पर्व

Maa Chandraghanta Aarti : तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना, Maa Chandraghanta Aarti के बिना अधूरी मानी जाती है पूजा

Chaitra Navratri 2026: अगर बुझ जाए अखंड ज्योत तो क्या करें? जानें आसान और सही तरीका

Chaitra Navratri 2026 Day 2: नवरात्रि के दूसरे दिन होती है मां ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानें विधि, शुभ मुहूर्त, मंत्र और भोग

Eid 2026 India: चांद नहीं दिखा तो बढ़ा इंतजार, अब 21 मार्च को देशभर में मनाया जाएगा ईद का त्योहार

TAGGED:Hindu Harvest FestivalIndian FestivalsMilk Rice Pongal SignificancePongal 2026Pongal FestivalPongal Overflow MeaningPongal Spiritual MeaningPongal TraditionsSurya Dev WorshipTamil Culture
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Dhurandhar 2
बॉलीवुड

Dhurandhar 2: धुरंधर 2 फिल्म में सिख किरदार के स्मोकिंग सीन पर मचा बवाल, क्या टल जाएगी 19 मार्च की रिलीज?

Rupam Rupam 2026-03-15
UPSC Success Story: आजमगढ़ के आदित्य सिंह ने हासिल की 508वीं रैंक, गाजीपुर में हुआ भव्य स्वागत
NDA Clean Sweep Bihar: राज्यसभा चुनाव में चला नीतीश का जादू, NDA ने छीनी महागठबंधन की पांचवीं सीट
‘लंबी जुदाई’ फेम अभिनेत्री मधु मल्होत्रा का निधन, अमिताभ बच्चन और जैकी श्रॉफ के साथ किया था काम
Zomato Platform Fee Hike: अब ऑनलाइन खाना मंगाना पड़ेगा महंगा, Zomato ने बढ़ाई प्लेटफॉर्म फीस, Swiggy और Rapido पर भी बढ़ेगा दबाव
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?