Mount Abu Name Change: राजस्थान की राजनीति में शुक्रवार को बड़ा संदेश गया, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में राज्य के तीन ऐतिहासिक शहरों के नाम बदलने की घोषणा कर दी। मशहूर हिल स्टेशन माउंट आबू (Mount Abu Name Change) का नाम अब ‘अबू राज’ होगा, जबकि जहाजपुर का नाम ‘यज्ञपुर’ और कामा का नाम ‘कामवन’ किया जाएगा। फाइनेंस और एप्रोप्रिएशन बिल, 2026 पर बहस के जवाब में की गई इस घोषणा ने साफ संकेत दिया कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी अपने एजेंडे का अहम हिस्सा बना रही है।
विरासत के संरक्षण का संदेश
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि सरकार केवल इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इन स्थानों के नाम बदले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम सांस्कृतिक पुनर्स्थापन के व्यापक नैरेटिव का हिस्सा है, जिसके जरिए सरकार अपनी जड़ों और परंपराओं को मजबूत करने का संदेश देना चाहती है।
वॉयस वोट से पास हुआ बिल
फाइनेंस और एप्रोप्रिएशन बिल, 2026 पर लंबी चर्चा के बाद इसे सदन में वॉयस वोट से पारित कर दिया गया। बजट से जुड़े प्रावधानों के साथ ही नाम परिवर्तन की घोषणा ने सत्र को खास बना दिया। सरकार ने इसे ‘विकास और विरासत’ के संतुलन का मॉडल बताया है, जहां आर्थिक सुधार और सांस्कृतिक पहचान दोनों को प्राथमिकता दी जा रही है।
सरकारी भर्तियों में बड़ी बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री (Mount Abu Name Change) ने युवाओं के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 2026 में पहले घोषित एक लाख सरकारी नौकरियों के लक्ष्य को बढ़ाकर 1.25 लाख कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि भर्ती परीक्षाओं का कैलेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है और अब अधिक पदों को शामिल किया जाएगा। इस फैसले को युवा मतदाताओं के लिए बड़ा संदेश माना जा रहा है। राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की भी कोशिश है।
तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का दावा
सीएम ने दावा किया कि राजस्थान की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। 2026-27 में राज्य की जीएसडीपी करीब 21,52,100 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो 2023-24 की तुलना में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार होने के कारण केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति मिल रही है। उनके अनुसार, सही नीतियां, स्पष्ट इरादे और मजबूत दिशा राज्य को तेजी से आगे बढ़ा सकती हैं।
बजट का बढ़ता आकार और सामाजिक योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बजट के आकार में हुई वृद्धि को राज्य की आर्थिक मजबूती का प्रमाण बताया। उनका कहना है कि बढ़े हुए संसाधनों के जरिए किसानों के लिए नई योजनाएं, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर, महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए विशेष प्रावधान और गरीबों के लिए अधिक आवंटन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई और रोजगार सृजन पर रहेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मजबूत अर्थव्यवस्था के बिना बड़े विकास लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते।
रेवेन्यू बढ़ाने की रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राजस्व आय बढ़ाने के लिए ठोस और योजनाबद्ध कदम उठाए हैं। उनका मानना है कि जब तक राजस्व में स्थिर वृद्धि नहीं होगी, तब तक सड़क, स्कूल, अस्पताल और सिंचाई परियोजनाओं जैसे बुनियादी ढांचे के लक्ष्यों को हासिल करना मुश्किल होगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता “डेवलपमेंट के लिए मजबूत इकॉनमी” है और आने वाले वर्षों में यह रणनीति और स्पष्ट रूप से दिखाई देगी।
राजनीतिक और सामाजिक असर
नाम परिवर्तन (Mount Abu Name Change) के फैसले को जहां समर्थक सांस्कृतिक अस्मिता से जोड़ रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे प्रतीकात्मक राजनीति करार दे सकता है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि यह कदम विकास एजेंडे के समानांतर है, न कि उसका विकल्प। राजस्थान में यह घोषणा आने वाले समय में राजनीतिक विमर्श का बड़ा विषय बन सकती है। एक तरफ सांस्कृतिक पहचान को नया रूप दिया जा रहा है, तो दूसरी तरफ रोजगार और आर्थिक वृद्धि के वादों के जरिए भविष्य की दिशा तय करने की कोशिश हो रही है।
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