Khatu Shyam Falgun Mela: राजस्थान के प्रसिद्ध तीर्थ खाटू श्याम मंदिर में लक्खी फाल्गुन मेले (Khatu Shyam Falgun Mela) की शुरुआत के साथ ही श्रद्धा अपने चरम पर पहुंच गई है। आधिकारिक उद्घाटन से पहले ही रींगस से खाटू तक का मार्ग रंग-बिरंगे ध्वजों, भक्ति गीतों और “जय श्री श्याम” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। जयपुर, सीकर, दिल्ली और देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु पदयात्रा करते हुए बाबा श्याम के दरबार की ओर बढ़ रहे हैं। इस आध्यात्मिक यात्रा में बच्चे, युवा और बुजुर्ग—हर आयु वर्ग के लोग शामिल हैं, जो भक्ति और उत्साह का अनूठा संगम प्रस्तुत कर रहे हैं।
21 से 28 फरवरी तक चलेगा आठ दिवसीय मेला
इस वर्ष फाल्गुन मेला 21 से 28 फरवरी तक आयोजित होगा। आयोजन से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, मेले में लगभग 28 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, भीड़ के रुझान को देखते हुए यह संख्या 35 लाख तक भी जा सकती है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को अंतिम 5 से 8 किलोमीटर पैदल यात्रा (Khatu Shyam Falgun Mela) करनी होगी। यह पदयात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था की परीक्षा और सामूहिक भक्ति का प्रतीक बन चुकी है।
भीड़ प्रबंधन – जिग-जैग बैरिकेडिंग और 14 कतारें
मेले में उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। लखदातार और मोदी ग्राउंड में जिग-जैग बैरिकेडिंग की गई है, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही व्यवस्थित रहे। करीब 75 फीट क्षेत्र पार करने के बाद मंदिर तक पहुंचने के लिए 14 अलग-अलग कतारें निर्धारित की गई हैं। श्री श्याम मंदिर कमेटी ट्रस्ट के अध्यक्ष शक्ति सिंह के अनुसार, पिछले वर्ष लगभग 25 लाख श्रद्धालु पहुंचे थे, जबकि इस बार संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है। सबसे अधिक भीड़ 24 से 28 फरवरी के बीच रहने का अनुमान है, जब चार दिनों में लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
सुविधाओं का विस्तृत इंतजाम
भक्तों की सुविधा के लिए पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं बड़े पैमाने पर की गई हैं।
- एक करोड़ पानी के पाउच
- 200 एमएल की पानी की बोतलें
- किन्नू के एक हजार टोकरों
- लेमन टॉफी का वितरण
वाहनों की पार्किंग के लिए 52 बीघा क्षेत्र निर्धारित किया गया है, जहां लगभग 25 हजार वाहन खड़े किए जा सकते हैं। सुरक्षा कारणों से मंदिर से लगभग तीन किलोमीटर पहले ही वाहनों को रोक दिया जाएगा, ताकि मुख्य मार्ग पर भीड़ नियंत्रित रहे।
सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था चाक-चौबंद
मेले (Khatu Shyam Falgun Mela) के दौरान सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। करीब 4400 पुलिसकर्मी, एक हजार होमगार्ड और बड़ी संख्या में निजी सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं। चिकित्सा सेवाओं के लिए 14 स्वास्थ्य शिविर लगाए गए हैं, जहां 80 डॉक्टर, 270 नर्सिंग स्टाफ और 30 एम्बुलेंस उपलब्ध रहेंगी। जयपुर रेंज के आईजी राघवेंद्र सुहास और एसपी प्रवीण नायक नूनावत के अनुसार, मेले को 22 सेक्टरों में विभाजित किया गया है, जिससे भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया में तेजी लाई जा सके।
डिजिटल पहल- ‘श्याम सारथी’ एप से मिलेगी जानकारी
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ‘श्याम सारथी’ मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया है। इस एप के माध्यम से पार्किंग, चिकित्सा शिविर, मार्गदर्शन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त की जा सकती है। डिजिटल तकनीक के उपयोग से प्रशासन का प्रयास है कि लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बावजूद व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें।
आस्था से अर्थव्यवस्था तक
फाल्गुन मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा अवसर है। होटल, धर्मशालाएं, भोजनालय और स्थानीय व्यापारियों के लिए यह समय वर्ष का सबसे व्यस्त और लाभदायक दौर होता है। खाटू में इन दिनों भक्ति के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक ऊर्जा का अनूठा वातावरण देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है, जिससे यह मेला एक बार फिर ‘लक्खी’ साबित हो सकता है।
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