Bhiwadi Factory Fire: राजस्थान के अलवर जिले में स्थित भिवाड़ी के खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा (Bhiwadi Factory Fire) सामने आया। टपूकड़ा स्थित एक गत्ता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से कम से कम 7 मजदूरों की जिंदा जलकर मौत हो गई। राहत और बचाव कार्य के दौरान जले हुए शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई मजदूरों के अभी भी लापता होने की आशंका है। हादसे के वक्त फैक्ट्री में करीब 25 मजदूर मौजूद थे। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
सुबह 9 बजे के आसपास लगी आग
जानकारी के अनुसार, आग सुबह करीब 9 बजे प्लॉट संख्या G-1-118 बी स्थित एक निजी औद्योगिक इकाई में लगी। 9 बजकर 22 मिनट पर पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना मिली, जिसके बाद RIICO फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरी फैक्ट्री को अपनी चपेट में ले लिया। अंदर काम कर रहे कई मजदूर बाहर नहीं निकल सके।
Read More: जयपुर में जुटेंगे देशभर के शिक्षाविद्, CM भजनलाल शर्मा करेंगे राष्ट्रीय नेतृत्व सम्मेलन का उद्घाटन
राहत और बचाव अभियान जारी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल दल, प्रशासनिक अधिकारी और चिकित्सकीय टीम मौके पर पहुंची। फैक्ट्री परिसर को घेराबंदी कर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। राहत कार्य के दौरान 7 मजदूरों के शव बरामद किए गए। आग इतनी भीषण थी कि कई शव बुरी तरह झुलसकर कंकाल (Bhiwadi Factory Fire) जैसी अवस्था में मिले। घायलों को तत्काल अस्पताल भेजा गया है।
पुलिस और प्रशासन का बयान
अलवर के पुलिस अधीक्षक Prashant Kiran ने सात लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। अतिरिक्त जिलाधिकारी Sumita Mishra ने कहा कि नियमित गश्त के दौरान कारखाने में आग दिखाई दी, जिसके बाद तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। उनके अनुसार, फैक्ट्री में नौ लोग फंसे थे, जिनमें से अब तक सात के शव निकाले जा चुके हैं।
जांच के आदेश, मजिस्ट्रेट जांच के संकेत
प्रशासन ने आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शॉर्ट सर्किट या ज्वलनशील सामग्री (Bhiwadi Factory Fire) के कारण आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी। मजिस्ट्रेट जांच के संकेत दिए गए हैं। औद्योगिक सुरक्षा मानकों और फैक्ट्री में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा उपायों की भी जांच की जाएगी।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया दुख
इस हादसे पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने गहरा शोक व्यक्त किया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि यह घटना अत्यंत दुखद है और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की गईं। राजस्थान के मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma ने भी हादसे पर दुख जताते हुए जिला प्रशासन को राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
औद्योगिक क्षेत्र में शोक और दहशत
घटना के बाद खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है। स्थानीय मजदूरों और उनके परिजनों में भय और आक्रोश दोनों देखा जा रहा है। औद्योगिक सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट और अग्निशमन उपकरणों की अनिवार्य व्यवस्था बेहद जरूरी है। प्रशासन ने मुआवजे और प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया है।
बढ़ सकता है मृतकों का आंकड़ा
फैक्ट्री के मलबे में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है। प्रशासन को आशंका है कि अंदर और भी लोग फंसे हो सकते हैं। ऐसे में मृतकों की संख्या बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि लापरवाही कहां हुई।
Also Read: राजस्थान विश्वविद्यालय ने पीजी प्रवेश दस्तावेज़ सत्यापन की अंतिम तिथि 11 जुलाई तक बढ़ाई



