Navjot Kaur Sidhu Resignation: पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक नवजोत कौर सिद्धू ने शनिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे (Navjot Kaur Sidhu Resignation) के साथ ही उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें अब तक का सबसे अक्षम, भ्रष्ट और नाकाबिल अध्यक्ष करार दिया। उनका यह फैसला ऐसे समय आया है, जब पार्टी पहले ही राज्य में संगठनात्मक कमजोरियों और नेतृत्व संकट से जूझ रही है।
निलंबन के बाद बढ़ा टकराव, इस्तीफे में बदली नाराजगी
गौरतलब है कि पिछले महीने कांग्रेस ने नवजोत कौर को प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया था। यह कार्रवाई उनके उस बयान के बाद की गई थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी के लिए 500 करोड़ रुपये’ की टिप्पणी की थी। इस बयान ने पंजाब की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया था। निलंबन के बाद से ही उनके और प्रदेश नेतृत्व के बीच तनाव खुलकर सामने आने लगा था, जो अब इस्तीफे तक पहुंच गया।
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राजा वड़िंग पर AAP से मिलीभगत का आरोप
नवजोत कौर सिद्धू, जो कि पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Kaur Sidhu Resignation) की पत्नी हैं, ने प्रदेश अध्यक्ष पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राजा वड़िंग ने पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) से समझौता कर लिया है और निजी फायदे के लिए कांग्रेस को कमजोर किया।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘राजा वड़िंग अब तक के सबसे भयानक, अक्षम और भ्रष्ट अध्यक्ष हैं। तुमने मुख्यमंत्री के साथ साझेदारी कर खुद को जेल जाने से बचाया और कांग्रेस को बर्बाद किया। तुमने AAP से मिलीभगत कर पार्टी को छोटे-छोटे फायदे के लिए बेच दिया।’
चुनिंदा कार्रवाई का आरोप, वरिष्ठ नेताओं को बख्शने का दावा
नवजोत कौर ने यह भी आरोप लगाया कि उनका निलंबन पहले से तय था और इसका पत्र पहले ही तैयार कर लिया गया था। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर ऐसे करीब 12 वरिष्ठ कांग्रेस नेता हैं, जिन्होंने उनके खिलाफ साजिश की और विरोधी दलों के नेताओं के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई करने के बजाय, राजा वड़िंग ने उन्हें बड़े पदों से नवाज दिया, जबकि उन्हें पार्टी लाइन से अलग राय रखने पर दंडित किया गया।
‘सबूत हैं, लेकिन अब कोई दिलचस्पी नहीं’ – नवजोत कौर
प्रदेश नेतृत्व पर हमला जारी रखते हुए नवजोत कौर ने कहा,’मेरे पास तुम्हें राजनीतिक रूप से बर्बाद करने के लिए काफी सबूत हैं, लेकिन अब मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है, क्योंकि मैंने उस पार्टी को छोड़ दिया है, जहां किसी भी सक्षम और ईमानदार नेता की बात नहीं सुनी जाती।’ उनके इस बयान को कांग्रेस के अंदर गहरे असंतोष और टूटते भरोसे का संकेत माना जा रहा है।
पंजाब कांग्रेस के लिए क्या हैं सियासी मायने?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नवजोत कौर का इस्तीफा (Navjot Kaur Sidhu Resignation) सिर्फ एक नेता के जाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पंजाब कांग्रेस में गहराते नेतृत्व संकट को उजागर करता है। पहले से ही कमजोर संगठन, गुटबाजी और चुनावी हार के बाद यह घटनाक्रम पार्टी के लिए नई चुनौती बन सकता है। यह भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या आने वाले दिनों में कांग्रेस से और नेता अलग राह पकड़ सकते हैं।
अभी अगला कदम क्या?
नवजोत कौर ने फिलहाल किसी अन्य पार्टी में शामिल होने का ऐलान नहीं किया है। लेकिन उनके आरोपों और तेवरों से यह साफ है कि पंजाब की राजनीति में आने वाले दिनों में नया समीकरण बन सकता है।
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