World Air Quality Report 2025: दुनिया भर में बढ़ते प्रदूषण के बीच आई ताजा रिपोर्ट ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। World Air Quality Report 2025 के अनुसार, भारत में भले ही कुल प्रदूषण स्तर में हल्की गिरावट दर्ज की गई हो, लेकिन दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों की सूची में भारतीय शहरों का दबदबा अब भी बना हुआ है।
रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के 25 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत, पाकिस्तान और चीन के शहर शामिल हैं, जिनमें भारत की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है।
लोनी बना दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर
इस रिपोर्ट की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उत्तर प्रदेश का लोनी शहर दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बनकर सामने आया है। World Air Quality Report 2025 के मुताबिक, लोनी में PM2.5 का सालाना औसत स्तर 112.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया।
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यह स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के तय मानकों से करीब 22 गुना अधिक है। यही नहीं, पिछले साल की तुलना में इसमें लगभग 23 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की गई है, जो स्थिति की गंभीरता को और बढ़ाता है।
दिल्ली फिर सबसे प्रदूषित राजधानी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि नई दिल्ली एक बार फिर दुनिया की सबसे प्रदूषित राजधानी बनी हुई है। World Air Quality Report 2025 के अनुसार, दिल्ली का औसत PM2.5 स्तर 99.6µg/m³ दर्ज किया गया, जो WHO के सुरक्षित स्तर से करीब 20 गुना ज्यादा है।
हालांकि 2024 की तुलना में इसमें कुछ सुधार जरूर हुआ है। दिल्ली के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका और ताजिकिस्तान का दुशांबे क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
भारत के कई शहर टॉप सूची में शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया के टॉप 50 सबसे प्रदूषित शहरों में से 29 शहर भारत के हैं। यह आंकड़ा बताता है कि World Air Quality Report 2025 सिर्फ एक शहर या राज्य की समस्या नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर की चुनौती बन चुका है।
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मेघालय का बिरनीहाट और चीन का होटन भी इस सूची में ऊंचे स्थान पर हैं, लेकिन भारत के शहरों की संख्या सबसे ज्यादा है।
देश स्तर पर थोड़ी राहत, लेकिन खतरा बरकरार
अगर देशों की बात करें तो भारत अब दुनिया के टॉप 5 सबसे प्रदूषित देशों में शामिल नहीं है।
World Air Quality Report 2025 के अनुसार, भारत छठे स्थान पर पहुंच गया है, जहां औसत PM2.5 स्तर 48.9µg/m³ दर्ज किया गया। यह 2024 के मुकाबले लगभग 3 प्रतिशत कम है। हालांकि यह सुधार मामूली है और अभी भी WHO के सुरक्षित स्तर से कई गुना ज्यादा है।
दुनिया के सबसे प्रदूषित देश कौन?
रिपोर्ट में पाकिस्तान, बांग्लादेश, ताजिकिस्तान, चाड और कांगो को दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में शामिल किया गया है। इन देशों में प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर भी पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है।
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प्रदूषण के पीछे क्या कारण?
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरीकरण, औद्योगिक गतिविधियां, वाहनों की संख्या में वृद्धि और निर्माण कार्य जैसे कारण प्रदूषण के मुख्य स्रोत हैं।
इसके अलावा, धूल भरी आंधियां और मौसम की स्थितियां भी प्रदूषण को बढ़ाने में भूमिका निभाती हैं। World Air Quality Report 2025 इस बात की पुष्टि करता है कि समस्या बहुआयामी है और इसके समाधान के लिए समग्र नीति की जरूरत है।
कुल मिलाकर, World Air Quality Report 2025 भारत के लिए एक चेतावनी है। भले ही आंकड़ों में हल्का सुधार दिख रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी गंभीर है।
लोनी का दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर बनना इस बात का संकेत है कि अब ठोस कदम उठाने की जरूरत है। अगर समय रहते प्रभावी नीतियां लागू नहीं की गईं, तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और भी विकराल रूप ले सकती है।
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