Rupali Ganguly RSS Statement: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का शताब्दी समारोह इस बार सिर्फ एक संगठन के सौ वर्ष पूरे होने का उत्सव नहीं रहा, बल्कि यह भारत की वैचारिक, सांस्कृतिक और सामाजिक यात्रा का जीवंत दस्तावेज बनकर सामने आया। देशभर से आए स्वयंसेवकों, समाजसेवियों, शिक्षाविदों और विचारकों के बीच जब टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री रुपाली गांगुली मंच पर नजर आईं, तो समारोह को एक नया आयाम मिल गया।
‘अनुपमा’ फेम रुपाली गांगुली की मौजूदगी ने इस आयोजन को खास तौर पर युवाओं और महिलाओं के बीच चर्चा का केंद्र बना दिया। उनकी बातें सिर्फ एक कलाकार की राय नहीं थीं, बल्कि एक जागरूक नागरिक की आत्मानुभूति का प्रतिबिंब थीं।
Rupali Ganguly RSS Statement: ‘अनुपमा’ से आगे एक जागरूक नागरिक के रूप में रुपाली गांगुली
रुपाली गांगुली ने साफ शब्दों में कहा कि संघ की विचारधारा ने उन्हें केवल एक सफल अभिनेत्री ही नहीं बनाया, बल्कि जीवन को समझने और समाज के प्रति जिम्मेदार बनने की दिशा भी दी। उन्होंने कहा कि RSS का शताब्दी समारोह भारत की सांस्कृतिक चेतना, सेवा भावना और राष्ट्रनिर्माण के मूल विचारों का प्रतीक है।
उनके अनुसार, आज जब समाज वैचारिक भ्रम और अस्थिरता से गुजर रहा है, तब संघ जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
Rupali Ganguly RSS Statement: संघ की विचारधारा जीवन को दिशा देती है – रुपाली गांगुली
मंच से भावुक होकर बोलते हुए रुपाली गांगुली ने कहा कि, ‘संघ की विचारधारा अनुशासन, सेवा और राष्ट्रहित का पाठ पढ़ाती है। यह हमें अपने व्यक्तिगत लाभ से ऊपर उठकर समाज और देश के बारे में सोचने की प्रेरणा देती है।’
उन्होंने यह भी जोड़ा कि राष्ट्रनिर्माण केवल सरकारों या संस्थाओं का काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।
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Rupali Ganguly RSS Statement: मनोरंजन जगत से RSS को मिला खुला समर्थन
आमतौर पर मनोरंजन जगत की हस्तियां वैचारिक और सामाजिक संगठनों से दूरी बनाए रखती हैं, खासकर तब जब मामला विचारधारा से जुड़ा हो। ऐसे माहौल में रुपाली गांगुली का खुलकर RSS की सोच का समर्थन करना कई मायनों में अहम माना जा रहा है।
उन्होंने बिना किसी झिझक के स्वीकार किया कि संघ की सोच ने उन्हें जीवन में सकारात्मकता, आत्मअनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व की समझ दी।
Rupali Ganguly RSS Statement: ‘राष्ट्र पहले, व्यक्ति बाद में’ की सोच पर जोर
रुपाली गांगुली ने कहा कि आज के दौर में हर भारतीय को ‘राष्ट्र पहले, व्यक्ति बाद में’ की भावना को अपनाने की जरूरत है। उनका मानना है कि चाहे व्यक्ति किसी भी पेशे, विचारधारा या पृष्ठभूमि से आता हो, राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
उनके अनुसार, संघ की सबसे बड़ी ताकत यही है कि वह व्यक्ति निर्माण के जरिए राष्ट्र निर्माण की बात करता है।
Rupali Ganguly RSS Statement: सोशल मीडिया पर मिली तीखी लेकिन व्यापक प्रतिक्रिया
रुपाली गांगुली के बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। एक तरफ जहां उनके समर्थकों ने इसे साहसिक और ईमानदार बयान बताया, वहीं दूसरी ओर आलोचकों ने सवाल भी उठाए।
हालांकि रुपाली ने संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि, ‘अपने विचार रखना किसी पर थोपना नहीं होता, बल्कि संवाद और चर्चा का रास्ता खोलना होता है।’
उन्होंने साफ किया कि यह उनका निजी अनुभव और सोच है, जिसे उन्होंने पूरे सम्मान के साथ साझा किया है।
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Rupali Ganguly RSS Statement: RSS शताब्दी समारोह का ऐतिहासिक महत्व
RSS का यह शताब्दी समारोह संगठन के सौ वर्षों की सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक संरक्षण, आपदा प्रबंधन, शिक्षा और सामाजिक समरसता से जुड़ी यात्रा को दर्शाता है। इस आयोजन में यह भी चर्चा हुई कि भविष्य में संघ समाज के हर वर्ग तक अपनी सेवा और विचारों को कैसे और प्रभावी बना सकता है।
रुपाली गांगुली जैसी लोकप्रिय हस्ती की मौजूदगी ने इस समारोह को आम लोगों, खासकर युवाओं के बीच और ज्यादा चर्चित बना दिया।
Rupali Ganguly RSS Statement: क्यों खास है रुपाली गांगुली का यह बयान?
- वह टीवी इंडस्ट्री की सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद चेहरों में से एक हैं
- ‘अनुपमा’ का किरदार आम भारतीय परिवारों से गहरा जुड़ाव रखता है
- संघ की विचारधारा पर खुलकर बोलना आज के दौर में साहसिक कदम माना जाता है
- इससे राष्ट्रवाद, संस्कृति और समाज को लेकर नई बहस को दिशा मिली
Rupali Ganguly RSS Statement: राष्ट्रवाद, संस्कृति और सेवा पर खुली बातचीत
रुपाली गांगुली ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रवाद को केवल राजनीति से जोड़कर देखना एक सीमित सोच है। उनके अनुसार, सच्चा राष्ट्रवाद संस्कृति, संस्कार, सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी से जन्म लेता है। संघ की यही सोच उन्हें सबसे अधिक प्रेरित करती है।
अंत में उन्होंने कहा कि यदि उनके विचार किसी को भी समाज और राष्ट्र के बारे में सकारात्मक सोचने की प्रेरणा देते हैं, तो यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
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