PM Modi CCS meeting: पश्चिम एशिया (West Asia) में गहराते युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर पैदा हुए अस्थिरता के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में ‘सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति’ (CCS) की एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। लगभग ढाई घंटे तक चली इस हाई-लेवल मीटिंग में युद्ध के कारण भारत की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की गहन समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल का असर भारत के आम आदमी की जेब और थाली पर नहीं पड़ना चाहिए।
बैठक के दौरान मुख्य ध्यान आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, कीमतों को स्थिर रखने और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर लगाम लगाने पर रहा। पीएम मोदी ने विशेष रूप से किसानों के हितों की रक्षा के लिए उर्वरकों (खाद) की उपलब्धता और आम जनता के लिए रसोई गैस (LPG) व PNG की निरंतर सप्लाई का रोडमैप तैयार करने को कहा। सरकार ने इस संकट से निपटने के लिए राज्यों के साथ समन्वय बैठाने हेतु विशेष ‘कंट्रोल रूम’ भी सक्रिय कर दिए हैं। (PM Modi CCS meeting)
खाद की किल्लत रोकने के लिए ‘सप्लाई डायवर्सिफिकेशन’ पर जोर
बैठक में कृषि क्षेत्र और किसानों की चिंताओं को प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री ने खरीफ और रबी सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिया कि यूरिया का घरेलू उत्पादन स्थिर रखा जाए और DAP व NPK की आपूर्ति के लिए विदेशी सप्लायर्स के साथ बातचीत तेज की जाए। सरकार का लक्ष्य है कि युद्ध की वजह से खाद की कीमतों में कोई उछाल न आए और किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो। (PM Modi CCS meeting)
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LPG-PNG और ईंधन शुल्क में कटौती की संभावना
पश्चिम एशिया संकट का सबसे सीधा असर पेट्रोलियम पदार्थों पर पड़ता है। बैठक में LPG और LNG की सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए ‘सप्लाई डायवर्सिफिकेशन’ (आपूर्ति के वैकल्पिक स्रोत) पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, आम जनता को महंगाई से राहत देने के लिए फ्यूल ड्यूटी (ईंधन शुल्क) में कमी करने और पावर सेक्टर में कोयले के पर्याप्त स्टॉक की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि देश में बिजली उत्पादन के लिए कोयले का पर्याप्त भंडार मौजूद है। (PM Modi CCS meeting)
जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त एक्शन
पीएम मोदी ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में जरूरी चीजों की कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी नहीं होनी चाहिए। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ‘जरूरी वस्तु अधिनियम’ (Essential Commodities Act) को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जनता को अफवाहों से बचाने के लिए समय पर सही जानकारी साझा करने पर जोर दिया गया है। (PM Modi CCS meeting)
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पिछली बैठक के फैसलों की समीक्षा और नई रणनीति
यह बैठक 22 मार्च को हुई पिछली बैठक की निरंतरता में थी। बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित कैबिनेट के तमाम दिग्गज मंत्री शामिल रहे। पीएम मोदी ने कहा, ‘यह संघर्ष बदलती हुई स्थिति है, जिससे पूरी दुनिया प्रभावित है। ऐसी स्थिति में इस संघर्ष के प्रभाव से लोगों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने चाहिए।’ (PM Modi CCS meeting)
रसद और MSME क्षेत्रों के लिए सुरक्षा कवच
युद्ध की वजह से वैश्विक शिपिंग लाइन्स और लॉजिस्टिक्स प्रभावित हो रहे हैं। CCS की बैठक में एविएशन, शिपिंग और MSME सेक्टर में आने वाली चुनौतियों पर भी मंथन हुआ। निर्यातकों को होने वाले नुकसान को कम करने और सप्लाई चेन को टूटने से बचाने के लिए वित्त मंत्रालय और वाणिज्य मंत्रालय को मिलकर काम करने का निर्देश दिया गया है। (PM Modi CCS meeting)



