By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
LokhitkrantiLokhitkrantiLokhitkranti
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Reading: Maoist surrender: माओवादी संगठन को बड़ा झटका… शीर्ष कमांडर देवजी ने किया सरेंडर, बस्तर के नक्सलियों ने भी मुख्यधारा में लौटने के संकेत दिए
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
Font ResizerAa
LokhitkrantiLokhitkranti
Search
  • होम
  • मेरा शहर
    • गाजियाबाद
    • नोएडा
    • हापुड़
    • मुजफ्फरनगर
    • दिल्ली एनसीआर
  • राज्य
    • दिल्ली एनसीआर
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • झारखंड
    • आंध्र प्रदेश
    • हिमाचल प्रदेश
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • मध्य प्रदेश
    • बिहार
    • पश्चिम बंगाल
    • पंजाब
    • जम्मू-कश्मीर
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • महाराष्ट्र
  • राष्ट्रीय
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • राजनीति
  • ताज़ा खबरे
  • शिक्षा
  • ई पेपर
  • अन्य
    • खेल
    • बॉलीवुड
    • लाइफस्टाइल
    • टेक्नोलॉजी
    • जीडीए
    • हेल्थ
    • ट्रेंडिंग
    • वायरल
    • धर्म कर्म
    • बिज़नेस
    • ऑटोमोबाइल
    • जॉब
    • मनोरंजन
Have an existing account? Sign In
Follow US
Lokhitkranti > Blog > राष्ट्रीय > Maoist surrender: माओवादी संगठन को बड़ा झटका… शीर्ष कमांडर देवजी ने किया सरेंडर, बस्तर के नक्सलियों ने भी मुख्यधारा में लौटने के संकेत दिए
राष्ट्रीय

Maoist surrender: माओवादी संगठन को बड़ा झटका… शीर्ष कमांडर देवजी ने किया सरेंडर, बस्तर के नक्सलियों ने भी मुख्यधारा में लौटने के संकेत दिए

Manisha
Last updated: 2026-02-24 2:13 अपराह्न
Manisha Published 2026-02-24
Share
Maoist surrender
Maoist surrender: माओवादी संगठन को बड़ा झटका... शीर्ष कमांडर देवजी ने किया सरेंडर, बस्तर के नक्सलियों ने भी मुख्यधारा में लौटने के संकेत दिए
SHARE

Maoist surrender: माओवादी संगठन को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके शीर्ष कमांडर और प्रमुख रणनीतिकार तिप्पिरी तिरुपति उर्फ देवजी ने तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। लंबे समय से सक्रिय रहे देवजी को संगठन की रणनीतिक इकाइयों में अहम भूमिका निभाने वाला नेता माना जाता था। उनके सरेंडर की खबर सामने आते ही नक्सली नेटवर्क के भीतर हलचल तेज हो गई है।

Contents
बस्तर में भी हलचल, नक्सलियों का पत्रबदलता परिदृश्य और पुनर्वास नीतिसुरक्षा एजेंसियों की रणनीतिसंगठन के भीतर बढ़ता दबावमुख्यधारा में वापसी का संदेशआगे की राह

पुलिस सूत्रों के अनुसार, देवजी पर कई गंभीर मामलों में संलिप्तता के आरोप रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उनका आत्मसमर्पण न केवल संगठन की रणनीतिक क्षमताओं को प्रभावित करेगा, बल्कि अन्य सक्रिय कैडरों पर भी मनोवैज्ञानिक असर डालेगा। तेलंगाना पुलिस ने इसे राज्य में चल रहे समर्पण और पुनर्वास अभियान की बड़ी सफलता बताया है।

बस्तर में भी हलचल, नक्सलियों का पत्र

देवजी के Maoist surrender के तुरंत बाद छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से भी महत्वपूर्ण संकेत मिले हैं। बलांगीर-बरगढ़-महासमुंद डिवीजन से जुड़े कुछ नक्सलियों ने राज्य के डिप्टी सीएम Vijay Sharma को पत्र लिखकर आत्मसमर्पण की इच्छा जताई है। इस पत्र की पुष्टि स्वयं डिप्टी सीएम ने की है।

READ MORE: ड्रोन-सैटेलाइट की निगरानी, टायसन की बहादुरी… ऐसे टूटा जैश का ‘इजरायल ग्रुप’

उन्होंने कहा कि जो भी नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका स्वागत किया जाएगा। सरकार की नीति स्पष्ट है कि जो हथियार छोड़ेंगे, उन्हें पुनर्वास योजनाओं के तहत अवसर दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि Maoist surrender  करने वालों के लिए रेड कारपेट बिछाकर स्वागत किया जाएगा, ताकि वे सम्मानपूर्वक समाज में पुनर्स्थापित हो सकें।

बदलता परिदृश्य और पुनर्वास नीति

पिछले कुछ वर्षों में केंद्र और राज्य सरकारों ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के साथ-साथ विकास और पुनर्वास पर भी जोर दिया है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के विस्तार ने कई युवाओं को वैकल्पिक रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब शीर्ष स्तर का कमांडर surrender  करता है तो संगठन की वैचारिक और संचालनात्मक क्षमता पर असर पड़ता है। इससे निचले स्तर के कैडर भी भविष्य को लेकर पुनर्विचार करते हैं। देवजी Maoist surrender का कदम इसी व्यापक बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

Read : AI समिट प्रोटेस्ट केस में सख्ती, ग्वालियर से यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार

सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति

सुरक्षा एजेंसियों ने लंबे समय से “सख्ती और संवेदनशीलता” की दोहरी रणनीति अपनाई है। एक ओर हिंसक गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण रखा गया, वहीं दूसरी ओर आत्मसमर्पण करने वालों को पुनर्वास पैकेज और कौशल विकास के अवसर दिए गए।

तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में चल रहे अभियानों के चलते कई सक्रिय नक्सली पहले भी आत्मसमर्पण कर चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि जो लोग जंगलों में संघर्ष कर रहे हैं, उन्हें अब यह महसूस हो रहा है कि हथियारबंद रास्ता स्थायी समाधान नहीं है।

संगठन के भीतर बढ़ता दबाव

Maoist surrender जैसे वरिष्ठ रणनीतिकार के surrender से संगठन के भीतर असमंजस की स्थिति पैदा होना स्वाभाविक है। सूत्रों के मुताबिक, आंतरिक बैठकों और संदेशों के माध्यम से कैडरों को एकजुट रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि जमीनी स्तर पर सुरक्षा दबाव और विकास परियोजनाओं के विस्तार ने संगठन की पकड़ कमजोर की है।

Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर

विशेषज्ञों का कहना है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में अब युवा पीढ़ी शिक्षा और रोजगार की ओर अधिक आकर्षित हो रही है। इससे संगठन के लिए नए सदस्यों की भर्ती भी चुनौतीपूर्ण हो गई है।

मुख्यधारा में वापसी का संदेश

डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि जो भी व्यक्ति हिंसा छोड़कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास जताएगा, उसे पूरा सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसी को दंडित करना नहीं, बल्कि भटके हुए लोगों को समाज से जोड़ना है।

यदि बस्तर क्षेत्र से मिले पत्र के अनुरूप सामूहिक आत्मसमर्पण होता है, तो यह राज्य में शांति प्रक्रिया को मजबूत करेगा। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि इससे विकास कार्यों को गति मिलेगी और स्थानीय समुदायों में विश्वास बढ़ेगा।

आगे की राह

देवजी के Maoist surrender और बस्तर के नक्सलियों के पत्र ने यह संकेत दिया है कि क्षेत्र में परिस्थितियां बदल रही हैं। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां अभी भी सतर्क हैं और किसी भी अप्रत्याशित गतिविधि पर नजर रखे हुए हैं।

आने वाले समय में यह स्पष्ट होगा कि कितने नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटते हैं। फिलहाल, सरकार और सुरक्षा बल इस Maoist surrender  को शांति और स्थिरता की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं।

पढ़े ताजा अपडेट:  Hindi News, Today Hindi News, Breaking News

You Might Also Like

Modi Cabinet Meeting: ‘सेवा तीर्थ’ से बड़ा संदेश, केरल अब कहलाएगा ‘केरलम’

Jaish Terror Module: ड्रोन-सैटेलाइट की निगरानी, टायसन की बहादुरी… ऐसे टूटा जैश का ‘इजरायल ग्रुप’

Tyson Bishnoi: कौन है टायसन बिश्नोई? जिसने संभाली लॉरेंस गैंग की कमान, जानिए

AI Summit Protest Congress: AI समिट में हंगामे पर मार्गरेट अल्वा ने जताई नाराजगी, 5वीं गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस में हलचल

Delhi AI Summit 2026: AI समिट प्रोटेस्ट केस में सख्ती, ग्वालियर से यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता गिरफ्तार

TAGGED:Bastar NaxalitesChhattisgarh newsDevji surrenderLeft Wing Extremism IndiaMaoist surrenderNaxal letterTelangana PoliceVijay Sharma
Share This Article
Facebook Twitter Email Print
Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
TwitterFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
Helicopter Crash 2026 02 ad93a9a1fab41527c4c8f4d7e377ef88 3x2 1
Uncategorized

Helicopter crash update: अंडमान सागर में हेलीकॉप्टर क्रैश, पायलट की सूझबूझ से बची 7 लोगों की जान

Kannu Kannu 2026-02-24
Epstein Files Case: एपस्टीन फाइल्स में भूचाल! क्या सच में गिरफ्तार हुए प्रिंस एंड्रयू?
CM Yogi News: सिंगापुर में CM योगी का बड़ा ऐलान! भारत की ताकत को जल्द ही देखेगी दुनिया
Pakistan News: इमरान खान को 24 घंटे में 4 बड़ी राहत, क्या बदल रहा है पाकिस्तान की सत्ता का खेल?
Ramadan 2026 Fasting Hours: रमजान में रोज़ा क्यों अलग-अलग समय तक रखा जाता है? जानें कौन-से देश में है रोज़े की सबसे लंबी अवधि
- Advertisement -
Ad imageAd image

Categories

  • ताज़ा खबरे
  • बॉलीवुड
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • धर्म कर्म
  • वायरल
  • बिज़नेस

About US

लोकहित क्रांति न्यूज़ एक निष्पक्ष, विश्वसनीय और जनहित को समर्पित डिजिटल समाचार मंच है। हमारा उद्देश्य देश–दुनिया की ताज़ा, सटीक और प्रमाणिक ख़बरें आप तक तेज़ी से पहुँचाना है।
Quick Link
  • About Us
  • Contact Us
  • Terms and Condition
  • DNPA Code of Ethics
Must Read
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Grievance Redressal Policy

Subscribe US

Subscribe to our newsletter to get our newest articles instantly!

Copyrights © Lokhit Kranti. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?