Indian Oil Tanker returns safely: पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य संघर्ष और समुद्री तनाव के बीच भारत के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर आई है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से 80,800 टन कच्चा तेल लेकर आ रहा भारतीय झंडे वाला टैंकर ‘जग लाडकी’ (Jag Ladki) बेहद खतरनाक और हाई-रिस्क समुद्री क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकल गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह टैंकर अब भारतीय बंदरगाह की ओर तेजी से बढ़ रहा है। युद्ध जैसे हालात वाले इस इलाके से जहाज का सुरक्षित निकलना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कूटनीतिक सक्रियता की एक बड़ी जीत माना जा रहा है।
भारत सरकार ने इस पूरे मिशन पर बारीकी से नजर रखी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, टैंकर पर मौजूद सभी क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित हैं। यह जहाज रविवार सुबह करीब 10:30 बजे यूएई के फुजैरा पोर्ट से रवाना हुआ था, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील तेल मार्गों में से एक ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) के करीब स्थित है। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष के कारण इन समुद्री रास्तों पर जहाजों पर हमले और कब्जे का खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में ‘जग लाडकी’ का सुरक्षित निकलना भारतीय नौसेना और समुद्री एजेंसियों की निगरानी का परिणाम है।
फुजैरा पोर्ट से भारत तक का जोखिम भरा सफर
जग लाडकी टैंकर ने यूएई के फुजैरा से अपनी यात्रा शुरू की थी। इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति इसे सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण लेकिन खतरनाक बनाती है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है। युद्ध की स्थिति में इस मार्ग पर ईरान और अन्य क्षेत्रीय शक्तियों के बीच तनाव का सीधा असर व्यापारिक जहाजों पर पड़ता है। भारत सरकार ने पुष्टि की है कि जहाज की लोकेशन और क्रू की सुरक्षा को लेकर संबंधित एजेंसियां पल-पल की अपडेट ले रही हैं। (Indian Oil Tanker returns safely)
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सुरक्षित निकलने वाला चौथा भारतीय जहाज
‘जग लाडकी’ हाल के दिनों में युद्ध क्षेत्र से सुरक्षित बाहर आने वाला चौथा भारतीय झंडे वाला जहाज बन गया है। इससे पहले भी तीन अन्य जहाजों को सरकार और भारतीय नौसेना के समन्वय से सुरक्षित निकाला गया था। यह सफलता भारत के ‘मैरीटाइम डिप्लोमेसी’ और क्षेत्रीय देशों के साथ मजबूत संबंधों को दर्शाती है। 80,800 टन कच्चा तेल भारत की घरेलू तेल रिफाइनरियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पहले से ही बाधित है। (Indian Oil Tanker returns safely)

होर्मुज जलडमरूमध्य में अब भी फंसे हैं 20 जहाज
राहत की खबर के साथ-साथ एक बड़ी चुनौती अभी भी बरकरार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय झंडे वाले 20 से ज्यादा जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पश्चिमी हिस्से में फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर सैकड़ों भारतीय नाविक तैनात हैं। संघर्ष की तीव्रता को देखते हुए इन जहाजों का वहां से निकलना फिलहाल कठिन बना हुआ है। सरकार ने आश्वासन दिया है कि वह इन जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। (Indian Oil Tanker returns safely)
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ईरान के साथ बातचीत जारी
फंसे हुए जहाजों को निकालने के लिए भारत सरकार ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार,’भारत और ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बातचीत चल रही है। हमारा मुख्य उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करना और अपने नागरिकों की सुरक्षा करना है। उन जहाजों को प्राथमिकता दी जा रही है जो तेल और गैस जैसी जरूरी सामग्री लेकर आ रहे हैं।’ जरूरत पड़ने पर भारत तेल आपूर्ति के लिए वैकल्पिक रास्तों और अन्य मित्र देशों के साथ भी संपर्क में है, ताकि देश में ईंधन की कीमतों और उपलब्धता पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। (Indian Oil Tanker returns safely)



