Gautam Adani: अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अडानी ग्रुप के चेयरमैन और देश के दिग्गज उद्योगपति गौतम अडानी ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए अपने जीवन की सफलता का श्रेय अपने परिवार की महिलाओं को दिया है। अडानी ने बताया कि उनके जीवन के मूल्यों, उनके साहस और उनकी सोच को आकार देने में उनकी मां, पत्नी और परिवार की अन्य महिलाओं की सबसे अहम भूमिका रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि आज वे जिस मुकाम पर हैं, उसकी नींव उनके बचपन में मिली उन सीखों से बनी है जो उनकी मां ने उन्हें दी थी।
गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपनी इस यात्रा का जिक्र करते हुए उन पलों को याद किया, जब वे महज 16 साल की उम्र में अपना भविष्य संवारने के लिए मुंबई चले गए थे। उन्होंने कहा कि बड़े व्यापारिक साम्राज्य खड़े करना आसान हो सकता है, लेकिन एक बेहतर इंसान बनने और जिम्मेदारी को समझने की प्रेरणा उन्हें हमेशा अपनों से ही मिली। इस खास दिन पर उन्होंने नारी शक्ति के साहस और सेवा भाव को नमन करते हुए समाज के निर्माण में उनके योगदान को अतुलनीय बताया।
मां की कहानियों से मिला साहस और कर्तव्य का बोध
अडानी ने अपने पोस्ट में पुरानी यादें ताजा करते हुए लिखा कि बचपन में उनकी मां उन्हें भारत के महान महाकाव्यों की कहानियां सुनाया करती थीं। इन कहानियों ने उनके मन पर गहरा असर डाला। ‘बचपन में मां से सुनी कहानियों से मुझे साहस, त्याग, कर्तव्य और विश्वास जैसे जीवन मूल्यों की सीख मिली। उन कहानियों में ऐसी गहराई थी जो किसी पाठ्यपुस्तक से कहीं ज्यादा असरदार थी।’ उन्होंने यह भी बताया कि जब वे 16 साल की उम्र में मुंबई के लिए निकले, तो उनकी मां का अपने बेटे को अनिश्चित भविष्य की ओर भेजना उनके असीम साहस का प्रतीक था। (Gautam Adani)
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प्रीति अडानी: व्यापारिक साम्राज्य के पीछे की ‘अंतरात्मा’
गौतम अडानी ने अपनी पत्नी प्रीति अडानी की भूमिका को बेहद खास बताया। उन्होंने प्रीति अडानी को अपनी ‘अंतरात्मा की रक्षक’ (Guardian of conscience) कहा। पेशे से डेंटिस्ट रहीं प्रीति अडानी ने अपने करियर को समाज सेवा के लिए समर्पित कर दिया। आज उनके नेतृत्व में ‘अडानी फाउंडेशन’ देश के 22 राज्यों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के माध्यम से एक करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है। अडानी के अनुसार, प्रीति के सेवा भाव ने उन्हें हमेशा जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। (Gautam Adani)

नई पीढ़ी और भविष्य की सोच
अडानी ने अपने परिवार की नई पीढ़ी, विशेषकर अपनी बहुओं और पोतियों का जिक्र करते हुए कहा कि वे उनके जीवन में नई ऊर्जा और आधुनिक सोच लेकर आई हैं। उन्होंने अपने संदेश के जरिए यह स्पष्ट किया कि परिवार की महिलाएं केवल घरेलू जिम्मेदारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे पूरे परिवार के नैतिक मूल्यों की संरक्षक हैं। (Gautam Adani)
‘इंसान प्लांट बना सकता है, पर नींव रिश्तों से बनती है’
अपने संदेश के अंत में गौतम अडानी ने एक बहुत गहरी बात कही, जो हर उद्यमी और व्यक्ति के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा, ‘इंसान जीवन में बंदरगाह, एयरपोर्ट, पावर प्लांट या बड़े कारोबार तो बना सकता है, लेकिन जिंदगी की असली नींव उन लोगों से बनती है जो हमें बेहतर इंसान बनने की प्रेरणा देते हैं।’ यह संदेश स्पष्ट करता है कि अडानी समूह की वैश्विक सफलता के पीछे केवल वित्तीय रणनीति नहीं, बल्कि वे मजबूत पारिवारिक और नैतिक मूल्य भी हैं जो गौतम अडानी को अपनी मां और पत्नी से विरासत में मिले हैं। (Gautam Adani)



