Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ‘फांसी घर’ मामले में दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होने के लिए तैयार हो गए हैं। केजरीवाल ने समिति को पत्र लिखकर सूचित किया है कि वह आगामी 6 मार्च को दोपहर 3 बजे व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेंगे। हालांकि, इस पेशी से पहले उन्होंने एक बड़ी शर्त रख दी है। केजरीवाल ने पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही का हवाला देते हुए मांग की है कि समिति की पूरी कार्यवाही का सीधा प्रसारण (Live Streaming) किया जाए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए केजरीवाल ने दिल्ली की वर्तमान स्थिति पर भी गहरी चिंता जताई है। उन्होंने रेखा गुप्ता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली इस वक्त प्रदूषण, टूटी सड़कों और अस्पतालों में दवाओं की कमी जैसे गंभीर संकटों से जूझ रही है। केजरीवाल ने अपनी चिट्ठी में लिखा है कि वह विधानसभा के नियमों का सम्मान करते हुए पेश होंगे, लेकिन जनता को यह जानने का हक है कि ‘फांसी घर’ से जुड़े सवालों पर क्या चर्चा हो रही है।
पारदर्शिता पर जोर
Arvind Kejriwal ने विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन संबंधी नियम 172 और 220 के तहत जारी समन का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे। पत्र में उन्होंने विशेष रूप से आग्रह किया, ‘पारदर्शिता और सार्वजनिक जवाबदेही के हित में आग्रह करता हूं कि कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग हो।’ जानकारों का मानना है कि लाइव स्ट्रीमिंग की मांग के जरिए केजरीवाल इस पूरे मामले को जनता की अदालत में ले जाना चाहते हैं, ताकि विपक्ष के आरोपों का सीधा जवाब दिया जा सके।
रॉकस्टार इज बैक! ‘लव एंड वॉर’ के लिए रणबीर कपूर ने बदला लुक, क्लीन सेव देख फैंस हुए क्रेजी
क्या है ‘फांसी घर’ विवाद और इसका इतिहास?
यह पूरा विवाद दिल्ली विधानसभा परिसर के भीतर स्थित एक ऐतिहासिक संरचना से जुड़ा है। साल 2016 में विधानसभा भवन के नीचे एक गुप्त सुरंग मिली थी, जिसे अंग्रेजों के समय (1912) का बताया गया था। साल 2021 में तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने परिसर में एक ‘फांसी घर’ होने का दावा किया था। आम आदमी पार्टी की सरकार ने बाद में इस जगह का जीर्णोद्धार (Renovation) कराया और इसे ‘फांसी घर’ के रूप में आधिकारिक उद्घाटन किया। अब इसी संरचना की प्रामाणिकता और इससे जुड़े दावों को लेकर विशेषाधिकार समिति केजरीवाल से पूछताछ करना चाहती है।

दिल्ली की समस्याओं पर सरकार को घेरा
समन का जवाब देने के साथ-साथ Arvind Kejriwal ने दिल्ली की बदहाली का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली प्रदूषण से जूझ रही है। सड़कें टूटी पड़ी हैं। हर तरफ कूड़े के ढेर हैं। अस्पतालों में दवाइयां नहीं हैं।’ Arvind Kejriwal ने आरोप लगाया कि जब दिल्ली की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, उस समय उन्हें ‘फांसी घर’ जैसे पुराने मामलों में उलझाया जा रहा है।
6 मार्च को क्या होगा?
6 मार्च को होने वाली यह पेशी राजनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि विशेषाधिकार समिति लाइव स्ट्रीमिंग की मांग स्वीकार करती है, तो यह अपनी तरह का पहला मामला होगा। भाजपा और आप के बीच चल रही जुबानी जंग के बीच ‘फांसी घर’ की यह सुरंग अब दिल्ली की राजनीति में एक नया मोड़ ले चुकी है। अब सबकी नजरें 6 मार्च को होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं।



