Ajit Pawar Plane Crash Theories: महाराष्ट्र की राजनीति उस वक्त स्तब्ध रह गई, जब बारामती में हुए भीषण विमान हादसे में राज्य के डिप्टी सीएम अजित पवार का निधन हो गया। इस दर्दनाक दुर्घटना में पायलट, को-पायलट समेत चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। हादसा इतना भयावह था कि चंद सेकंड में निजी चार्टर्ड जेट आग के गोले में तब्दील हो गया और बचाव का कोई मौका नहीं बचा।
घटना के बाद जहां एक ओर पूरे देश में शोक की लहर है, वहीं दूसरी ओर हादसे के कारणों को लेकर सवाल, शंकाएं और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं। खराब विजिबिलिटी, तकनीकी पहलुओं और ATC से बातचीत के आखिरी पलों से लेकर विमान कंपनी के पुराने रिकॉर्ड तकहर कड़ी अब जांच के दायरे में है।
Ajit Pawar Plane Crash Theories- हादसा कब और कहां हुआ?
अजित पवार बुधवार सुबह मुंबई से चुनाव प्रचार के लिए बारामती रवाना हुए थे। सुबह करीब 8 बजकर 44 मिनट पर जब उनका निजी विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी यह हादसा हुआ। रनवे के पास विमान क्रैश हुआ और तुरंत आग लग गई। चश्मदीदों के मुताबिक, कुछ ही सेकंड में विमान पूरी तरह जलकर राख हो गया। यह खौफनाक मंजर पास लगे CCTV कैमरे में भी कैद हुआ।
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ATC और पायलट के बीच आखिरी बातचीत- Ajit Pawar Plane Crash Theories
उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, पायलट को मौसम और दृश्यता को ध्यान में रखते हुए विवेक से लैंडिंग करने की सलाह दी गई थी। क्रू ने हवाओं और विजिबिलिटी के बारे में पूछा ATC ने बताया कि हवाएं शांत हैं और विजिबिलिटी करीब 3000 मीटर है। पहले प्रयास में रनवे दिखाई न देने पर पायलट ने गो-अराउंड किया। कुछ सेकंड बाद रनवे दिखने की सूचना दी गई। 8:43 बजे रनवे-11 पर उतरने की अनुमति दी गई। हालांकि, मंत्रालय के बयान के मुताबिक, इसके बाद पायलट ने ATC को लैंडिंग क्लीयरेंस का जवाब नहीं दिया और 8:44 बजे रनवे के पास आग की लपटें दिखाई दीं।
Ajit Pawar Plane Crash Theories- कोहरा और विजिबिलिटी बनी बड़ी वजह?
स्थानीय चश्मदीदों का कहना है कि उस वक्त बारामती में घना कोहरा था। रनवे साफ नजर नहीं आ रहा था, इसी वजह से पहली लैंडिंग असफल रही। दूसरी कोशिश में विमान रनवे से फिसल गया और क्रैश हो गया। शुरुआती संकेतों में खराब दृश्यता को हादसे की बड़ी वजह माना जा रहा है।
Ajit Pawar Plane Crash Theories- विमान और कंपनी का रिकॉर्ड सवालों में
यह विमान VSR वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड का था। क्रैश हुआ प्लेन 16 साल पुराना Learjet-45 था। इसे Bombardier Aerospace बनाती है। कंपनी का दावा है कि वह बड़े कमर्शियल विमानों जैसे सेफ्टी पैरामीटर्स फॉलो करती है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि 2023 में भी इसी कंपनी का एक विमान हादसे का शिकार हो चुका है, जिसके बाद से VSR एविएशन पहले भी जांच के घेरे में रही है।

Ajit Pawar Plane Crash Theories- पायलट के अनुभव पर कंपनी का बचाव
VSR एविएशन के मालिक ने बयान जारी कर कहा, विमान पूरी तरह फिट था और इसे बेहद अनुभवी पायलट उड़ा रहे थे। मुख्य पायलट को करीब 15,000 घंटे विमान उड़ाने का अनुभव था। कंपनी ने किसी भी तरह की तकनीकी लापरवाही से इनकार किया है। हादसे के बाद राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि अजित पवार महायुति गठबंधन से खुश नहीं थे और जल्द बड़ा राजनीतिक फैसला लेने वाले थे। उन्होंने कहा, ‘एक सिटिंग डिप्टी सीएम का इस तरह विमान हादसे में मारा जाना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए।’ इस मांग को अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी नेताओं का समर्थन मिला। वहीं, शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई ने कहा कि दुख के माहौल में इस तरह के राजनीतिक आरोपों से बचना चाहिए।
Ajit Pawar Plane Crash Theories- केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय का भरोसा
केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय ने निष्पक्ष और विस्तृत जांच का आश्वासन दिया है। ब्लैक बॉक्स, ATC रिकॉर्ड, मौसम रिपोर्ट और तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की जाएगी, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हादसा तकनीकी चूक, मौसम की मार या मानवीय भूल का नतीजा थाया फिर कुछ और।



