Maharashtra Budget Session 2026: महाराष्ट्र की पॉलिटिक्स एक बार फिर गरमा गई है। कल से शुरू हो रहे महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सेशन में जोरदार टकराव होने की उम्मीद है। विपक्षी गठबंधन, महा विकास अघाड़ी (MVA), सत्ताधारी सरकार को घेरने के लिए पूरी तरह तैयार है। महंगाई, किसानों की समस्या, बेरोजगारी, कानून-व्यवस्था और कथित घोटालों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की स्ट्रैटेजी बनाई गई है।
पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बजट सेशन न सिर्फ इकोनॉमिक डॉक्यूमेंट्स पेश करने का प्लेटफॉर्म होगा, बल्कि सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के बीच सीधी पॉलिटिकल लड़ाई भी देखने को मिलेगी।
Maharashtra Budget Session 2026: बजट सेशन 2026 – यह सेशन क्यों अहम है?
यह बजट सेशन कई मायनों में खास माना जा रहा है। सरकार जहां अपने डेवलपमेंट प्लान्स और इकोनॉमिक अचीवमेंट्स पेश करने की तैयारी कर रही है, वहीं MVA सरकार की पॉलिसीज को फेलियर बताने में लगी है।
विपक्ष का आरोप है कि सरकार ने किसानों, युवाओं और मिडिल क्लास को राहत देने के अपने वादे पूरे नहीं किए हैं। वहीं, सरकार का दावा है कि राज्य की इकॉनमी मजबूत हुई है और डेवलपमेंट की रफ्तार तेज हुई है।
Maharashtra Budget Session 2026: MVA की स्ट्रैटेजी – किन मुद्दों पर होगी घेराबंदी?
महा विकास अघाड़ी, जिसमें शिवसेना (UBT), नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) और इंडियन नेशनल कांग्रेस शामिल हैं, ने सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की योजना बनाई है।
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1. महंगाई और बेरोजगारी
MVA का आरोप है कि राज्य में बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। पेट्रोल, डीजल, बिजली और रोजाना की चीजों की बढ़ती कीमतों से जनता परेशान है। युवाओं में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा बन गया है। विपक्ष का कहना है कि नौकरी देने के वादे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गए हैं।
2. किसानों की समस्याएं
किसानों की आत्महत्या और कर्ज का मुद्दा महाराष्ट्र में सुर्खियों में बना हुआ है। विपक्ष सरकार से किसानों की इनकम दोगुनी करने के वादे पर सवाल पूछेगा। फसल बीमा और सपोर्ट प्राइस को लेकर भी सरकार से सवाल पूछे जाएंगे।
3. लॉ एंड ऑर्डर के सवाल
MVA ने यह भी संकेत दिया है कि वह हाल की आपराधिक घटनाओं पर सरकार को घेरेगी। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में लॉ एंड ऑर्डर खराब हो गया है और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
4. कथित घोटाले और ट्रांसपेरेंसी
विपक्ष कुछ विभागों में कथित गड़बड़ियों और कॉन्ट्रैक्ट बांटने में ट्रांसपेरेंसी की कमी का मुद्दा भी उठा सकता है। MVA नेताओं ने पहले ही संकेत दिया है कि वे डॉक्यूमेंट्स के साथ सरकार का सामना करेंगे।
Maharashtra Budget Session 2026: फडणवीस सरकार की तैयारी
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की लीडरशिप वाली सरकार पूरी तरह तैयार है। सरकार का दावा है कि विपक्ष बिना किसी मुद्दे के, सिर्फ पॉलिटिकल फायदे के लिए हंगामा करना चाहता है।
सरकार बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्रियल इन्वेस्टमेंट, मेट्रो प्रोजेक्ट्स, एग्रीकल्चरल रिफॉर्म्स और सोशल वेलफेयर स्कीम्स पर फोकस करने का प्लान बना रही है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार राज्य की GDP ग्रोथ और इन्वेस्टमेंट प्रपोजल्स पर डेटा पेश करके विपक्ष के आरोपों का जवाब देने की स्ट्रैटेजी बना रही है।
Maharashtra Budget Session 2026: क्या असेंबली में टकराव होने वाला है?
पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि बजट स्पीच के दौरान और बाद में सदन में जोरदार नारेबाजी और वॉकआउट हो सकता है। MVA ने संकेत दिया है कि अगर उसके सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह सदन की कार्यवाही में रुकावट डाल सकता है।
रूलिंग पार्टी भी पलटवार करने के मूड में है। BJP और उसके सहयोगी विपक्ष को अपने शासन के दौरान की पॉलिसी याद दिलाकर पलटवार कर सकते हैं। इसलिए, सदन का माहौल काफी गरम रहने की संभावना है।
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Maharashtra Budget Session 2026: इसका जनता पर क्या असर पड़ेगा?
पॉलिटिकल हंगामे के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आम जनता को क्या मिलेगा? क्या बजट में मिडिल क्लास को टैक्स में राहत मिलेगी? क्या किसानों के लिए नई स्कीमें आएंगी? क्या युवाओं के लिए रोजगार के मौके बढ़ेंगे?
अगर सरकार ठोस घोषणाएं करती है, तो विपक्ष के आरोप कमजोर पड़ सकते हैं। हालांकि, अगर बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता है, तो MVA के पास सरकार के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा होगा।
Maharashtra Budget Session 2026: 2026 के लिए पॉलिटिकल मैसेज और पॉलिटिक्स
यह बजट सेशन न सिर्फ इकोनॉमिक बल्कि पॉलिटिकल मैसेजिंग का भी एक प्लेटफॉर्म है। आने वाले चुनावों को देखते हुए सभी पार्टियां अपनी पोजीशन मजबूत करने में लगी हैं।
इस सेशन के जरिए MVA अपना मजबूत और आक्रामक विपक्ष दिखाना चाहती है, जबकि सरकार अपनी स्टेबिलिटी और डेवलपमेंट एजेंडा दिखाने की कोशिश करेगी। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह सेशन आने वाले महीनों की पॉलिटिकल दिशा तय कर सकता है।
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