MP Krishi Manthan 2026: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज जबलपुर पहुंचे और जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कृषि मंथन 2026 कार्यक्रम (MP Krishi Manthan 2026) में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रदेश में कृषि इनोवेशन, टेक्नोलॉजिकल अपग्रेडेशन और किसानों के सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था।
नई तकनीक और परियोजनाओं का अवलोकन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम (MP Krishi Manthan 2026) स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों और प्रोजेक्ट्स से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कृषि अनुसंधान, स्मार्ट फार्मिंग और प्राकृतिक खेती में उपयोग की जाने वाली अत्याधुनिक तकनीकों की समीक्षा की। इससे यह संकेत मिलता है कि मध्य प्रदेश कृषि के क्षेत्र में टेक्नोलॉजी और नवाचार को गंभीरता से अपना रहा है।
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भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रशासनिक भवन का लोकार्पण
कार्यक्रम (MP Krishi Manthan 2026) के दौरान मोहन यादव ने लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत से बने नए प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। इस भवन का नाम भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रशासनिक भवन रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन विश्वविद्यालय और कृषि अनुसंधान के लिए नए युग का प्रतीक है और छात्रों तथा किसानों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
अन्य प्रमुख परियोजनाओं का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया। इनमें शामिल हैं-
- बोहानी में गन्ना अनुसंधान केंद्र का भवन (₹1.11 करोड़)
- बालाघाट में कौशल विकास केंद्र (₹1 करोड़)
- जबलपुर में स्वचालित तरल जैव उर्वरक उत्पादन केंद्र (₹1.26 करोड़)
- कृषि विकास विभाग की चार इकाइयां (₹4.92 करोड़)
इन परियोजनाओं का उद्देश्य किसानों के लिए बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक अनुसंधान और उत्पादन क्षमता बढ़ाना है।
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राज्य स्तरीय कृषि विचार मंथन कार्यशाला
कार्यक्रम के दौरान राज्य स्तरीय कृषि विचार मंथन कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। इस कार्यशाला में तकनीक, कौशल और बाजार को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसानों को नई तकनीकों के प्रयोग और बाजार तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
प्राकृतिक खेती और प्रशिक्षण
कृषि मंथन 2026 के तहत मुख्यमंत्री ने 1,000 कृषि सखियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की। इस प्रशिक्षण से महिला किसानों और कृषि सहायिकाओं को प्राकृतिक खेती की तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में जवाहर चारा डिजिटल स्कैनर और कृषि अनुसंधान ट्रैकिंग एप का भी विमोचन किया गया, जिससे कृषि अनुसंधान और डेटा का डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगा।
स्टार्टअप्स और किसानों को वित्तीय सहायता
कृषि मंथन में केंद्रीय वित्त पोषण से जुड़े 10 स्टार्टअप्स को ₹108 लाख की सहायता मंजूर की गई। इसके अलावा किसानों और पशुपालकों को विभिन्न योजनाओं के तहत वित्तीय लाभ भी वितरित किए गए। इनमें डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत ₹1.03 करोड़ से अधिक की सहायता शामिल है।
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कृषि मंथन 2026 का महत्व
कृषि मंथन 2026 को प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी उन्नयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह कार्यक्रम किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, उनकी आय बढ़ाने और कृषि उत्पादन को अधिक लाभकारी बनाने में मदद करेगा। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि भविष्य में ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे ताकि मध्य प्रदेश के किसान सतत विकास और आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ सकें। मध्य प्रदेश की कृषि नीति में यह पहल केवल तकनीकी सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महिला किसानों, युवा स्टार्टअप्स और अनुसंधानकर्ताओं के लिए भी नए अवसर पैदा होंगे। राज्य के कृषि क्षेत्र में यह एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
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