MP Kotma Building Collapse: मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा में शनिवार शाम को एक भयानक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया। कोतमा बस स्टैंड के पास स्थित तीन-चार मंजिला अग्रवाल लॉज (MP Kotma Building Collapse) अचानक भरभरा कर गिर गई। इस हादसे में अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। मलबे के नीचे अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लॉज के ठीक बगल में अंडरग्राउंड बेसमेंट निर्माण का कार्य चल रहा था। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस गहरी खुदाई के कारण लॉज की नींव कमजोर हो गई और यह इमारत अचानक गिर पड़ी। बिल्डिंग गिरने से आसपास की कई छोटी दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है।
Read More: इंदौर को मिली नई उड़ान, अहिल्याबाई एयरपोर्ट का अत्याधुनिक टर्मिनल बना विकास का नया प्रतीक
स्थानीय लोगों की तत्पर प्रतिक्रिया
हादसे (MP Kotma Building Collapse) के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए बचाव कार्य शुरू किया। मलबे से अब तक 3 लोगों को बाहर निकाला गया, जिनमें से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है और दो को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। अनूपपुर के पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि मलबे में अभी भी लगभग 8 से 10 लोग दबे होने की संभावना है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और रेस्क्यू टीमों को तत्काल राहत कार्य जारी रखने के निर्देश दिए।
Read More: बस-पिकअप की भीषण टक्कर में 10 की मौत, 30 से ज्यादा घायल
प्रशासन की देरी और स्थानीय आक्रोश
इस भयावह हादसे (MP Kotma Building Collapse) के बीच प्रशासन और स्थानीय पुलिस की तत्परता पर सवाल खड़े हो गए हैं। हादसे के तुरंत बाद कई लोगों ने कोतमा थाना प्रभारी को फोन किया, लेकिन दो बार घंटी बजने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद डायल 112 को सूचना दी गई। शुरुआती दौर में मौके पर प्रशासनिक अमला नहीं पहुंचने के कारण स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखा गया।
पढ़े ताजा अपडेट : Hindi News, Today Hindi News, Breaking
बचाव कार्य जारी, प्राथमिकता फंसी जिंदगियों को सुरक्षित निकालना
फिलहाल, घटनास्थल पर भारी भीड़ जमा है। स्थानीय लोगों, पुलिस और रेस्क्यू टीमों की मदद से मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर बचाव कार्य चल रहा है। प्रशासन की प्राथमिकता है कि जल्द से जल्द सभी फंसी जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए। माना जा रहा है कि अग्रवाल लॉज (MP Kotma Building Collapse) जैसी पुरानी इमारतों में निर्माण कार्य और आसपास की खुदाई के दौरान अतिरिक्त सावधानी की आवश्यकता होती है। यह हादसा हमें यह याद दिलाता है कि निर्माण सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी गंभीर परिणाम दे सकती है।
Latest News Update Uttar Pradesh News, उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
स्थानीय समाज में असर और भविष्य की तैयारी
हादसे (MP Kotma Building Collapse) के बाद स्थानीय समाज में सुरक्षा के प्रति चेतना बढ़ी है। लोग अब अधिक सतर्क हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए नियमित निरीक्षण और कड़े नियम लागू किए जाएं। इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि समय पर प्रतिक्रिया, प्रशिक्षित बचाव दल और नागरिकों की सक्रियता किसी भी आपदा में जान बचाने में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।
Also Read: मध्य प्रदेश के कर्मचारियों को मिल सकती है राहत, 3 फीसदी महंगाई भत्ता बढ़ाने की तैयारी



