Neev Portal Launch: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) देश की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप ढालने की स्पष्ट रूपरेखा देती है। हालांकि, किसी भी नीति की सफलता उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। इसी दिशा में सरकार ने नीव पोर्टल विकसित किया है।
Neev Portal Launch: एक स्मार्ट शिक्षा उपकरण
नीव पोर्टल एक इंटेलिजेंट, डेटा-ड्रिवन डिसीजन सपोर्ट सिस्टम है, जो नीति निर्माण और संस्थागत क्रियान्वयन के बीच की दूरी को समाप्त करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि NEP-2020 के प्रत्येक प्रावधान का वास्तविक, निष्पक्ष और सतत मूल्यांकन हो।
यह पोर्टल (Neev Portal Launch) रियल-टाइम डेटा, प्रदर्शन संकेतक और भविष्यसूचक विश्लेषण के माध्यम से शिक्षा प्रणाली की निरंतर निगरानी करता है। इसके द्वारा यह स्पष्ट होता है कि कौन-सी संस्थाएं नीति के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं और कहां सुधार की आवश्यकता है। इस तरह यह पोर्टल केवल निगरानी का साधन नहीं, बल्कि समय रहते सुधार और दिशा-निर्देशन का प्रभावी माध्यम भी है।

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पहले चरण में विश्वविद्यालयों पर ध्यान
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में नीव पोर्टल (Neev Portal Launch) को विश्वविद्यालयों में लागू किया जा रहा है। इसके बाद महाविद्यालयों और स्कूलों सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में इसका विस्तार किया जाएगा। इस क्रमबद्ध विस्तार से शिक्षण संस्थानों में एकरूपता, गुणवत्ता और NEP-2020 के प्रति तत्परता सुनिश्चित होगी।
दीर्घकालिक लक्ष्य – शिक्षा 2047 (Neev Portal Launch)
सैनी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक एक ऐसा शिक्षा तंत्र विकसित करना है, जो वैश्विक मानकों पर खरा उतरे। नीव पोर्टल के माध्यम से सभी विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में शत-प्रतिशत NEP-2020 अनुपालन की डिजिटल ट्रैकिंग संभव होगी। इससे संस्थागत गुणवत्ता संकेतकों में सुधार, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और साक्ष्य-आधारित बजट एवं नीति निर्माण सुनिश्चित किया जा सकेगा।
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ज्ञान और प्रशासन का सेतु – एमओयू एक्सचेंज
एमओयू एक्सचेंज के बारे में मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ज्ञान सेतु’ पहल के तहत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और राज्य के लगभग 28 प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इसका उद्देश्य अकादमिक ज्ञान को वास्तविक प्रशासनिक और सामाजिक चुनौतियों से जोड़ना है।
इसके माध्यम से शोध केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि समाज और शासन की समस्याओं का समाधान भी बनेगा। साथ ही, राज्य सरकार की प्राथमिक योजनाओं और कार्यक्रमों का इम्पैक्ट इवैल्यूएशन, क्षमता निर्माण और छात्रों के लिए इंटर्नशिप व फील्ड एंगेजमेंट को बढ़ावा मिलेगा।
नीव पोर्टल का महत्व और प्रभाव (Neev Portal Launch)
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीव पोर्टल के माध्यम से नीति निर्माण अधिक सशक्त होगा और युवा प्रतिभाओं को वास्तविक प्रशासनिक अनुभव प्राप्त होगा। इससे शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता, जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी। यह पोर्टल नीति और कार्यान्वयन के बीच की खाई को पाटते हुए शिक्षा के हर स्तर में सुधार सुनिश्चित करेगा।
हरियाणा में नीव पोर्टल NEP-2020 के सफल क्रियान्वयन और शिक्षा तंत्र के डिजिटल मॉनिटरिंग में मील का पत्थर साबित होगा। इस पहल से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता, नीति अनुपालन और अकादमिक प्रशासन में नई ऊर्जा आएगी, जिससे विद्यार्थियों, शिक्षकों और नीति निर्माताओं सभी को लाभ मिलेगा।
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