Jammu Srinagar Highway Closure: लगातार बिगड़े मौसम ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे (जम्मू-श्रीनगर) को ठप कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के चलते कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। हाईवे पर (Jammu Srinagar Highway Closure) जगह-जगह मलबा गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है। सैकड़ों वाहन रास्ते में फंसे हैं और यात्रियों को घंटों नहीं, बल्कि दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।
यात्रियों की बढ़ती परेशानी, कारोबार पर भी असर
हाईवे बंद (Jammu Srinagar Highway Closure) होने का असर सिर्फ यात्रियों तक सीमित नहीं है। जम्मू से कश्मीर जाने वाले व्यापारियों, जरूरी सामान की सप्लाई और खासकर श्रद्धालुओं की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। मौसम में सुधार न होने के कारण हाईवे खुलने की उम्मीदें बार-बार टूट रही हैं। प्रशासन द्वारा मलबा हटाने और मार्ग बहाल करने की कोशिशें लगातार जारी हैं, लेकिन खराब मौसम राहत कार्यों में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है।

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सड़क ठप, रेल चालू – वंदे भारत बनी राहत का रास्ता
इसी मुश्किल घड़ी में कटड़ा से चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस यात्रियों के लिए राहत का बड़ा जरिया बनकर उभरी है। जहां सड़क मार्ग पर अनिश्चितता और जोखिम है, वहीं वंदे भारत की समयबद्धता, आरामदायक कोच और बेहतर सुरक्षा ने यात्रियों का भरोसा जीता है। बड़ी संख्या में लोग कटड़ा-श्रीनगर के बीच अपनी यात्रा रेल से पूरी कर पा रहे हैं, जिससे उन्हें हाईवे की परेशानियों से राहत मिल रही है।
कटड़ा में फंसे श्रद्धालु, बढ़ी विशेष ट्रेनों की मांग
हालांकि वंदे भारत के बावजूद स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। कश्मीर घाटी जाने के इच्छुक कई श्रद्धालु और पर्यटक अभी भी कटड़ा में फंसे हुए हैं। माता वैष्णो देवी के दर्शन के बाद आगे की यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मौजूदा ट्रेनों में सीटें सीमित होने से भीड़ का दबाव बढ़ गया है। यात्रियों की मांग है कि जब तक हाईवे पूरी तरह बहाल नहीं हो जाता, तब तक रेलवे विभाग को कटड़ा से कश्मीर के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन करना चाहिए।
विशेष ट्रेनों से क्या होंगे फायदे?
यात्रियों का कहना है कि विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था से-
- कटड़ा स्टेशन पर बढ़ती भीड़ को नियंत्रित किया जा सकेगा
- सड़क मार्ग पर फंसे यात्रियों को सुरक्षित विकल्प मिलेगा
- बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को राहत मिलेगी
- पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को झटका कम लगेगा
रेल मार्ग को लोग इस समय सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मान रहे हैं।
प्रशासन की चुनौती – मौसम बनाम व्यवस्थाएं
प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती मौसम की अनिश्चितता है। जब तक बारिश और बर्फबारी का दौर थमता नहीं, हाईवे को पूरी तरह खोलना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसे में परिवहन का दबाव रेलवे (Jammu Srinagar Highway Closure) पर बढ़ना तय है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसे हालात में रेल नेटवर्क को बैकअप सिस्टम की तरह इस्तेमाल करना भविष्य की रणनीति का अहम हिस्सा होना चाहिए।
बदलता एंगल – आपदा में अवसर
यह स्थिति एक बार फिर दिखाती है कि पहाड़ी राज्यों में वैकल्पिक परिवहन कितना जरूरी है। वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें न सिर्फ समय बचाती हैं, बल्कि आपदा के समय लाइफलाइन भी बन सकती हैं। अगर विशेष ट्रेनों की मांग पर अमल होता है, तो यह भविष्य के लिए एक मजबूत मॉडल साबित हो सकता है।
जब सड़क थमी, रेल ने रास्ता दिखाया
जम्मू-श्रीनगर हाईवे (Jammu Srinagar Highway Closure) का बार-बार बंद होना नई बात नहीं है, लेकिन हर बार यह सबक देता है कि मजबूत और लचीला परिवहन तंत्र कितना जरूरी है। इस बार वंदे भारत एक्सप्रेस ने साबित किया है कि सही समय पर सही विकल्प यात्रियों की मुश्किलें कम कर सकता है। अब नजरें रेलवे के अगले कदम पर टिकी हैं।
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