Power Bank Flight Ban: हवाई यात्रा को और सुरक्षित बनाने की दिशा में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने पावर बैंक और लिथियम बैटरी वाले डिवाइसों को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। अब फ्लाइट के दौरान पावर बैंक (Power Bank Flight Ban) से मोबाइल या अन्य डिवाइस चार्ज करना प्रतिबंधित कर दिया गया है। दुनियाभर में पावर बैंक से जुड़ी आग की घटनाओं के बाद यह फैसला लिया गया है। एयरलाइंस भी यात्रियों को लगातार इन नियमों की जानकारी दे रही हैं।
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Power Bank Flight Ban: क्या है नया नियम?
DGCA के मौजूदा एविएशन सेफ्टी दिशानिर्देशों के अनुसार:
पावर बैंक (Power Bank Flight Ban) केवल केबिन बैगेज (हैंड बैग) में ले जाने की अनुमति है।
चेक-इन लगेज में पावर बैंक ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से किसी भी डिवाइस को चार्ज करने की अनुमति नहीं होगी।
एयरलाइंस अब बोर्डिंग अनाउंसमेंट और इन-फ्लाइट ब्रीफिंग के जरिए यात्रियों को इस पाबंदी की याद दिला रही हैं।

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क्यों खतरनाक साबित हो सकते हैं पावर बैंक?
DGCA ने नवंबर में जारी अपनी एडवाइजरी में बताया था कि पावर बैंक और स्पेयर लिथियम बैटरियां आग लगने का बड़ा कारण बन सकती हैं। लिथियम बैटरियों में ऊर्जा घनत्व (Energy Density) बहुत अधिक होता है, जिससे इनमें आग तेजी से पकड़ती है और उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है।
एविएशन सेफ्टी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एयरक्राफ्ट के केबिन के अंदर लगी छोटी-सी बैटरी में आग भी कुछ ही सेकंड में गंभीर रूप ले सकती है, जो यात्रियों और क्रू दोनों के लिए खतरा बन सकती है।
Power Bank Flight Ban: ओवरहेड कंपार्टमेंट में क्यों नहीं?
DGCA के अनुसार, ओवरहेड स्टोरेज या कैरी-ऑन बैग के अंदर रखी लिथियम बैटरियां अक्सर छिपी रहती हैं।
- ऐसी स्थिति में धुआं या आग का समय पर पता लगाना मुश्किल हो जाता है।
- अगर आग लगती है, तो क्रू मेंबर्स को तुरंत पहुंचने और कार्रवाई करने में देरी हो सकती है।
इसी वजह से पावर बैंक (Power Bank Flight Ban) को ओवरहेड कंपार्टमेंट में रखने की भी अनुमति नहीं है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इसे अपने पास, सीट के नीचे या जेब में रखें लेकिन इस्तेमाल न करें।
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दुनियाभर में सामने आ चुकी हैं घटनाएं
DGCA के सर्कुलर में बताया गया है कि वैश्विक स्तर पर कई फ्लाइट्स में पावर बैंक (Power Bank Flight Ban) और लिथियम बैटरी की वजह से आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और रिचार्जेबल डिवाइसों के चलते फ्लाइट्स में ऐसी बैटरियों की संख्या भी बढ़ी है, जिससे जोखिम और गंभीर हो गया है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
- यात्रा से पहले एयरलाइन की बैटरी पॉलिसी जरूर जांचें।
- पावर बैंक को चार्जिंग के लिए फ्लाइट में इस्तेमाल न करें।
- अगर पावर बैंक गर्म हो जाए, धुआं निकले या अजीब गंध आए, तो तुरंत क्रू को सूचित करें।
आगे और सख्ती संभव
सूत्रों के मुताबिक, DGCA आने वाले समय में इन नियमों को और सख्त कर सकता है। इसका मकसद सिर्फ एक है – यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। तकनीक के साथ जोखिम भी बढ़ा है, और ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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