Atal Pension Yojana Extension: केंद्रीय कैबिनेट ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030-31 तक जारी रखने का फैसला किया है। इसके साथ ही योजना के प्रचार, जागरूकता और विस्तार से जुड़ी गतिविधियों के लिए अतिरिक्त फंडिंग सपोर्ट देने को भी मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे योजना (Atal Pension Yojana Extension) की पहुंच और गहरी होगी और असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। कैबिनेट ने यह भी तय किया है कि योजना को लंबे समय तक टिकाऊ बनाए रखने के लिए गैप फंडिंग जारी रहेगी, ताकि भविष्य में पेंशन भुगतान पर कोई दबाव न आए।
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8.66 करोड़ से ज्यादा लोग पहले ही जुड़े
अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana Extension) की शुरुआत 9 मई 2015 को की गई थी, जिसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के कामगारों को 60 साल की उम्र के बाद नियमित आय देना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 19 जनवरी 2026 तक 8.66 करोड़ से अधिक लोग इस योजना से जुड़ चुके हैं। यह इसे देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल करता है।
योजना के तहत लाभार्थियों को 60 वर्ष की आयु के बाद 1,000 से 5,000 रुपये तक की गारंटीड मासिक पेंशन मिलती है। सरकार का मानना है कि APY का विस्तार भारत को एक पेंशन-सुरक्षित समाज बनाने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।

कौन ले सकता है अटल पेंशन योजना का लाभ
सरकार ने योजना के लिए स्पष्ट पात्रता मानदंड तय किए हैं-
- आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए
- बचत बैंक या डाकघर बचत बैंक खाता होना जरूरी
1 अक्टूबर 2022 के बाद आयकरदाता नए APY खाते के लिए पात्र नहीं हैं। योजना (Atal Pension Yojana Extension) में शामिल होने के लिए नागरिक अपने बैंक से संपर्क कर सकते हैं। केवाईसी और जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद मासिक, त्रैमासिक या छमाही आधार पर प्रीमियम खाते से काटा जाता है। कम उम्र में निवेश करने पर प्रीमियम कम पड़ता है। उदाहरण के तौर पर, 18 वर्ष की उम्र में 5,000 रुपये पेंशन के लिए करीब 210 रुपये प्रति माह, जबकि 40 वर्ष की उम्र में यही पेंशन पाने के लिए 1,454 रुपये प्रति माह योगदान करना होता है।
MSME सेक्टर को बड़ा सहारा: SIDBI को 5,000 रुपये करोड़
कैबिनेट ने MSME सेक्टर को मजबूती देने के लिए स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) को 5,000 रुपये करोड़ की इक्विटी सहायता देने को भी मंजूरी दी है। यह राशि तीन चरणों में दी जाएगी-
- 2025-26: 3,000 करोड़ रुपये
- 2026-27: 1,000 करोड़ रुपये
- 2027-28: 1,000 करोड़ रुपये
इस पूंजी से SIDBI की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वह छोटे उद्योगों को अधिक मात्रा में सस्ता और सुलभ कर्ज उपलब्ध करा सकेगा।
25 लाख नए MSME और 1 करोड़ से ज्यादा रोजगार की उम्मीद
सरकार के अनुसार, इस इक्विटी निवेश से SIDBI के जरिए वित्तीय सहायता पाने वाले MSME की संख्या 76.26 लाख से बढ़कर 1.02 करोड़ तक पहुंच सकती है।
यानी करीब 25.74 लाख नए MSME सीधे लाभान्वित होंगे। मौजूदा औसत के अनुसार, हर MSME लगभग 4 लोगों को रोजगार देता है, जिससे 1.12 करोड़ नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है।
सरकार ने बताया कि डिजिटल लोन, बिना गारंटी वाले कर्ज और स्टार्टअप्स को वेंचर डेट देने पर फोकस बढ़ने से SIDBI की बैलेंस शीट पर जोखिम बढ़ेगा। ऐसे में मजबूत पूंजी आधार जरूरी है, ताकि बैंक की CRAR और क्रेडिट रेटिंग सुरक्षित बनी रहे।
सामाजिक सुरक्षा और विकास का साझा रोडमैप
अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana Extension) का विस्तार जहां करोड़ों लोगों को बुढ़ापे की आर्थिक चिंता से राहत देगा, वहीं SIDBI को मिली पूंजी MSME सेक्टर को नई रफ्तार देगी। ये दोनों फैसले मिलकर संकेत देते हैं कि सरकार कल्याण और विकास को साथ लेकर चलने की रणनीति पर काम कर रही है।
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