Indian Railways Jobs: देश की दो बड़ी संस्थाओं Indian Railways और Indian Army ने मिलकर पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए रोजगार (Indian Railways Jobs) के नए द्वार खोल दिए हैं। ‘Framework of Cooperation’ नामक इस सहयोग ढांचे का उद्देश्य सेना से सेवानिवृत्त होने वाले जवानों को रेलवे में व्यवस्थित और सम्मानजनक दूसरा करियर उपलब्ध कराना है। इस पहल के तहत रेलवे की विभिन्न श्रेणियों में आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान किया गया है, जिससे सैन्य अनुभव रखने वाले युवाओं को नागरिक जीवन में सहज बदलाव का अवसर मिलेगा।
सेवा के बाद सुरक्षित भविष्य की दिशा में कदम
सेना से रिटायर होने वाले जवानों के सामने अक्सर यह चुनौती होती है कि वे अपने कौशल और अनुशासन को किस क्षेत्र में उपयोग करें। नई व्यवस्था के तहत रेलवे में लेवल-1, लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों पर आरक्षण देकर इस अंतर को भरने की कोशिश की गई है। सरकार का मानना है कि सैन्य पृष्ठभूमि वाले कर्मियों का अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और दबाव में काम करने की योग्यता रेलवे जैसे विशाल नेटवर्क के लिए बेहद (Indian Railways Jobs) उपयोगी साबित होगी।
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आरक्षण का स्पष्ट ढांचा
नई व्यवस्था के अनुसार पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए अलग-अलग स्तरों पर आरक्षण तय किया गया है-
पूर्व सैनिकों के लिए
- लेवल-1 पदों में 20% आरक्षण
- लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 10% आरक्षण
अग्निवीरों के लिए
- लेवल-1 पदों में 10% आरक्षण
- लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 5% आरक्षण
यह पहली बार है जब इस तरह संरचित और व्यापक स्तर पर आरक्षण व्यवस्था लागू की गई है, जिससे हजारों सैनिकों को सीधे लाभ मिलेगा।
2024–25 में 14,788 पद आरक्षित
रेलवे ने वर्ष 2024 और 2025 की भर्तियों में कुल 14,788 पद पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षित किए हैं। इनमें 6,485 पद लेवल-1 (पूर्व ग्रुप-डी), 8,303 पद लेवल-2 और उससे ऊपर इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया Railway Recruitment Board (RRB) और Railway Recruitment Cell (RRC) के माध्यम से प्रतियोगी परीक्षाओं द्वारा पूरी की जाएगी। इससे भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और योग्यता-आधारित बनी रहेगी, साथ ही आरक्षण का लाभ भी सुनिश्चित होगा।
5,000 से अधिक प्वाइंट्समैन की संविदा नियुक्ति
स्थायी भर्ती (Indian Railways Jobs) प्रक्रिया में समय लगने के मद्देनजर रेलवे ने अंतरिम व्यवस्था भी की है। 5,000 से अधिक पूर्व सैनिकों को “प्वाइंट्समैन” के रूप में संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) पर नियुक्त किया जाएगा। ये नियुक्तियां नियमित भर्ती पूरी होने तक प्रभावी रहेंगी। इस कदम से दोहरा लाभ होगा—रेलवे के खाली पद शीघ्र भरेंगे और पूर्व सैनिकों को तुरंत रोजगार मिलेगा।
नौ रेलवे डिवीजनों में MoU पर हस्ताक्षर
अब तक नौ रेलवे डिवीजनों ने सेना की संबंधित इकाइयों के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। अन्य डिवीजनों को भी तेजी (Indian Railways Jobs) से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। यह संकेत देता है कि पहल को चरणबद्ध तरीके से राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जाएगा।
कौशल का सम्मान, राष्ट्रहित में उपयोग
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल केवल रोजगार योजना (Indian Railways Jobs) नहीं, बल्कि सैन्य सेवा के प्रति सम्मान का प्रतीक है। सेना में वर्षों तक सेवा देने वाले जवानों को नागरिक क्षेत्र में समायोजित करने के लिए ऐसी नीतिगत पहल जरूरी मानी जाती रही है। रेलवे, जो देश का सबसे बड़ा नियोक्ता है, अपने विशाल नेटवर्क और विविध भूमिकाओं के कारण पूर्व सैनिकों के कौशल का बेहतर उपयोग कर सकता है। यह सहयोग मॉडल भविष्य में अन्य सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
आगे की राह
यदि यह ढांचा सफल रहता है, तो आने वाले वर्षों में और अधिक पदों को शामिल किया जा सकता है। साथ ही अग्निवीर योजना के तहत सेवा पूरी करने वाले युवाओं के लिए भी स्थायी करियर विकल्प मजबूत होंगे। कुल मिलाकर, ‘Framework of Cooperation’ सैन्य सेवा से नागरिक जीवन की ओर एक सुगम और सम्मानजनक संक्रमण सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
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