Trump on Hormuz Crisis: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा रणनीतिक खुलासा किया है। ट्रंप का दावा है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) को समुद्री माइंस से मुक्त करने के लिए अब नाटो (NATO) और ब्रिटेन भी अमेरिका के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हो गए हैं। फॉक्स न्यूज के साथ बातचीत में ट्रंप ने स्पष्ट किया कि नाटो देशों ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को साफ करने में मदद की पेशकश की है, जिससे वैश्विक व्यापार के लिए खतरा बनी ईरानी माइंस को जल्द से जल्द हटाया जा सके।
दूसरी ओर, इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे की मैराथन शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने खाली हाथ लौटते हुए साफ कर दिया कि ईरान ने अमेरिका की ‘रेड लाइन्स’ को मानने से इनकार कर दिया है। बातचीत के विफल होते ही अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने समंदर में अपनी हलचल तेज कर दी है और होर्मुज को खोलने के लिए बड़े पैमाने पर सैन्य ऑपरेशन शुरू कर दिया है। (Trump on Hormuz Crisis)
NATO और ब्रिटेन भेज रहे हैं माइनस्वीपर
डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो के रुख में आए बदलाव पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि अब वैश्विक शक्तियां इस संकट को खत्म करने के लिए एकजुट हैं। ट्रंप के शब्दों में,’नाटो ने होर्मुज को साफ करने में मदद की पेशकश की है। पहले हम नाटो से बहुत निराश थे, लेकिन अब वे आना चाहते हैं। इसे साफ करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा। अमेरिका माइनस्वीपर ला रहा है, और ब्रिटेन भी ऐसा ही करेगा। मुझे पता चला है कि ब्रिटेन और कुछ अन्य देश माइनस्वीपर भेज रहे हैं।’ (Trump on Hormuz Crisis)
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जेडी वेंस की ‘नो डील’ वापसी
इस्लामाबाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई वार्ता के बारे में जेडी वेंस ने बताया कि पाकिस्तान ने मेजबान के तौर पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के नेतृत्व में बेहतरीन प्रयास किए। हालांकि, ईरान के अड़ियल रुख ने समझौते की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वेंस ने कहा,’अच्छी बात यह है कि बातचीत गंभीर रही, लेकिन खराब खबर यह है कि कोई डील नहीं हो पाई। हमने स्पष्ट कर दिया था कि किन मुद्दों पर समझौता हो सकता है और किन पर नहीं, लेकिन ईरान ने प्रस्तावों को ठुकरा दिया।’ (Trump on Hormuz Crisis)
समंदर में गूंजी अमेरिकी युद्धपोतों की दहाड़
बातचीत के विफल होने के तुरंत बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ऑपरेशन शुरू करने की पुष्टि की। अमेरिकी नौसेना ने USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy जैसे अत्याधुनिक गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर जहाजों को तैनात कर दिया है। इनका मुख्य उद्देश्य समुद्र में बिछाई गई माइंस को नष्ट करना और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता तैयार करना है। (Trump on Hormuz Crisis)
ईरान की सैन्य क्षमता पर ट्रंप का प्रहार
राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसैनिक और सैन्य क्षमता अब पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने पहले ही ईरान के कई माइंस बिछाने वाले जहाजों को तबाह कर दिया है। ट्रंप का सख्त रुख यह संकेत दे रहा है कि अमेरिका अब ईरान की सहमति का इंतजार नहीं करेगा और सैन्य बल के प्रयोग से होर्मुज को वैश्विक आवाजाही के लिए खोल देगा। (Trump on Hormuz Crisis)
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