Iran vs USA Military Strength: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कई सालों से जारी है। 7 जनवरी 2026 को ईरान के आर्मी चीफ मेजर जनरल अमीर हातमी ने चेतावनी दी कि कोई भी विदेशी ताकत ईरान को धमकी नहीं दे सकती और हमला करने पर उसका “हाथ काट दिया जाएगा।” यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर उठाए गए कदमों के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरानी प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए तैयार है।
Iran vs USA Military Strength: युद्ध कितना लंबा चल सकता है?
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग के मुताबिक, अमेरिका दुनिया की नंबर 1 मिलिट्री पावर है, जिसका पावर इंडेक्स 0.0744 है, जबकि ईरान 145 देशों में 16वें नंबर पर है और उसका पावर इंडेक्स 0.3048 है। अमेरिका की सेना हर क्षेत्र में बैलेंस्ड है और NATO का फाउंडिंग मेंबर होने के कारण उसे वैश्विक समर्थन भी प्राप्त है, वहीं ईरान मुख्य रूप से लैंड फोर्स और मिसाइल सिस्टम पर जोर देता है और रूस तथा अन्य देशों के साथ पार्टनरशिप रखता है।
मानव संसाधन की बात करें तो अमेरिका की मैनपावर 15 करोड़ से ज्यादा है, जिसमें 12.4 करोड़ सर्विस के लिए फिट हैं, एक्टिव मिलिट्री 13.2 लाख और रिजर्व 7.9 लाख है। ईरान में कुल मैनपावर 4.94 करोड़ है, जिसमें 4.15 करोड़ सर्विस के लिए फिट हैं, एक्टिव 6 लाख+, रिजर्व 3.5 लाख और 2.2 लाख पैरामिलिट्री सैनिक हैं। अमेरिका की मैनपावर ईरान से लगभग चार गुना ज्यादा है, लेकिन ईरान की IRGC पैरामिलिट्री फोर्स असिमेट्रिक वारफेयर में बेहद मजबूत मानी जाती है।
Iran vs USA Military Strength: हथियार और बजट में अंतर
अमेरिका और ईरान के बीच हथियार और बजट में बड़ा अंतर है। अमेरिका का डिफेंस बजट 895 बिलियन डॉलर है और उसके पास दुनिया की सबसे एडवांस्ड एयरफोर्स, 4,640 टैंक और 440 नेवल एसेट्स मौजूद हैं, जो हाईटेक टैंक और ग्लोबल नेवल कैपेसिटी के साथ पूरी तरह तैयार हैं। इसके मुकाबले ईरान का डिफेंस बजट केवल 15.45 बिलियन डॉलर है और उसकी ताकत मुख्य रूप से ड्रोन, मिसाइल और मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम (MLRS) पर निर्भर है। ईरान के पास 1,713 टैंक और 107 नेवल एसेट्स हैं, जो उसे क्षेत्रीय स्तर पर खतरा पैदा करने की क्षमता तो देते हैं, लेकिन टेक्नोलॉजी, संख्या और वैश्विक पहुंच में अमेरिका से काफी पीछे हैं।

Iran vs USA Military Strength: न्यूक्लियर क्षमता
अमेरिका न्यूक्लियर पावर है, जबकि ईरान इंडिजिनस न्यूक्लियर क्षमता पर काम कर रहा है। युद्ध में न्यूक्लियर हथियारों के इस्तेमाल की संभावना कम है क्योंकि दोनों देशों के लिए यह अत्यंत खतरनाक होगा।
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कौन ज्यादा ताकतवर?
ग्लोबल फायरपावर रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका हर कैटेगरी में ईरान से आगे है। युद्ध की स्थिति में अमेरिका जीत सकता है, लेकिन ईरान की असिमेट्रिक रणनीति और प्रॉक्सी फोर्सेस अमेरिका को नुकसान पहुंचा सकती हैं। फिलहाल दोनों देशों में जंग की स्थिति नहीं बन रही है, लेकिन तनाव लगातार बढ़ रहा है।



