Imran Khan 4 Big Relief: पाकिस्तान की पॉलिटिक्स में एक बार फिर उथल-पुथल मची हुई है। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पिछले 24 घंटों में मिली चार बड़ी राहतों ने पावर और मिलिट्री के बीच के डायनामिक्स पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह सरकार का पीछे हटना है? या पर्दे के पीछे कोई ‘डील’ रची जा रही है? इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर पाकिस्तानी पॉलिटिक्स को अस्थिर कर दिया है।
Imran Khan 4 Big Relief: इमरान खान को 24 घंटों में चार बड़ी राहतें मिलीं
सूत्रों के मुताबिक, इमरान खान को पिछले 24 घंटों में अलग-अलग मामलों में लीगल और एडमिनिस्ट्रेटिव राहत मिली है। इनमें शामिल हैं –
- कुछ मामलों में बेल या सजा पर रोक
- मुलाकात पर लगी रोक में ढील
- लीगल टीम के लिए बेहतर एक्सेस
- जेल ट्रांसफर या सिक्योरिटी में बदलाव
इन राहतों ने पॉलिटिकल गलियारों में हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि, क्या यह सिर्फ एक लीगल प्रोसेस है या पावर के गलियारों में कुछ बड़ा चल रहा है?
Imran Khan 4 Big Relief: मोहसिन नकवी की एंट्री – क्या गेम बदलेगा?
मोहसिन नकवी को इस पूरे मामले को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है। नकवी को पाकिस्तान के पावर स्ट्रक्चर में असरदार माना जाता है और कहा जाता है कि वे आर्मी चीफ असीम मुनीर के करीबी हैं।
नकवी की नियुक्ति को अपने आप में एक सिग्नल के तौर पर देखा जा रहा है। पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि जब मिलिट्री के भरोसेमंद लोग ऐसे सेंसिटिव मामलों में आगे आते हैं, तो यह सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटिव कदम नहीं होता – इसके पीछे स्ट्रेटेजिक सोच होती है।
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Imran Khan 4 Big Relief: क्या सरकार बैकफुट पर है?
शहबाज शरीफ की लीडरशिप वाली मौजूदा सरकार पहले से ही आर्थिक संकट, महंगाई और जनता के गुस्से से जूझ रही है। ऐसे में इमरान खान की राहत को सरकार की तरफ से एक कमजोरी के तौर पर भी देखा जा रहा है।
सोशल मीडिया पर यह सवाल ट्रेंड कर रहा है कि, ‘क्या सरकार दबाव में है?’ कई लोग इसे पब्लिक प्रेशर और इंटरनेशनल जांच की वजह से मान रहे हैं। अगर सरकार सख्ती दिखाती है, तो पॉलिटिकल अस्थिरता बढ़ सकती है। और अगर वह नरमी दिखाती है, तो विपक्ष मजबूत होगा। यही असली मुश्किल है।
Imran Khan 4 Big Relief: मिलिट्री के रोल पर क्यों उठाए जा रहे सवाल?
पाकिस्तानी पॉलिटिक्स में मिलिट्री का रोल कोई राज नहीं है। इतिहास गवाह है कि मिलिट्री ने अक्सर पावर से जुड़े फैसलों में अहम रोल निभाया है। इसलिए, जब इमरान खान जैसे बड़े लीडर को अचानक राहत मिलती है, तो नजरें मिलिट्री की तरफ जाना स्वाभाविक है।
क्या यह इस बात का इशारा है कि टकराव के बजाय समझौते की कोशिश की जा रही है? या यह हालात को कंट्रोल में रखने के लिए एक स्ट्रेटेजिक चाल है?
पॉलिटिकल सर्कल में चर्चा है कि आने वाले चुनावों और एक संभावित बड़े आंदोलन को देखते हुए एक ‘कंट्रोल्ड सिचुएशन’ बनाई जा रही है।
Imran Khan 4 Big Relief: इमरान खान की बढ़ती हमदर्दी की लहर
जेल में होने के बावजूद, इमरान खान की पॉपुलैरिटी कम नहीं हुई है। उनकी पार्टी, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI), लगातार दावा कर रही है कि उनके लीडर को एक पॉलिटिकल साजिश के तहत फंसाया गया है।
हर राहत के साथ, उनके सपोर्टर्स में फिर से जोश भरता दिख रहा है। सोशल मीडिया कैंपेन, रैलियों की तैयारी और इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर उठ रही आवाजें इशारा करती हैं कि इमरान खान पाकिस्तानी पॉलिटिक्स के सेंटर में बने हुए हैं।
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Imran Khan 4 Big Relief: ‘डील’ की शर्तें क्या हो सकती हैं?
अगर पर्दे के पीछे कोई डील हो रही है, तो उसकी शर्तें क्या हो सकती हैं?
- राजनीति में सीमित भूमिका
- कुछ मुद्दों पर समझौता
- चुनावी रणनीति में बदलाव
- सार्वजनिक बयानबाजी में नरमी
हालांकि इन अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इन घटनाक्रमों का समय कई सवाल खड़े करता है।
Imran Khan 4 Big Relief: क्या अंतरराष्ट्रीय दबाव भी एक वजह है?
पाकिस्तान इस समय आर्थिक संकट से जूझ रहा है। IMF पैकेज, विदेशी निवेश और डिप्लोमैटिक संबंधों के लिए राजनीतिक स्थिरता जरूरी है। ऐसे में, लगातार टकराव देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकता है। एनालिस्ट का मानना है कि वैश्विक दबाव भी सरकार और सत्ताधारी दल को नरम रुख अपनाने के लिए मजबूर कर सकता है।
Imran Khan 4 Big Relief: आगे क्या होगा?
अगले कुछ दिन बहुत ज़रूरी माने जा रहे हैं। अगर छूट जारी रहती है, तो यह साफ संकेत होगा कि समीकरण बदल रहे हैं। अगर अचानक सख्ती बढ़ जाती है, तो इससे यह भी संदेश जाएगा कि यह सिर्फ कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा था। पाकिस्तानी राजनीति में ये ’24 घंटे’ आने वाले महीनों की दिशा तय कर सकते हैं।
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