Energy Lockdown: ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिलाकर रख दिया है। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz), जो दुनिया की तेल आपूर्ति की जीवन रेखा मानी जाती है, वहां जारी गतिरोध ने 1970 के दशक जैसे भयानक तेल संकट की यादें ताजा कर दी हैं। सप्लाई चेन टूटने के कारण कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, जिससे एशिया से लेकर यूरोप तक ‘एनर्जी लॉकडाउन’ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। फिलीपींस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आधिकारिक तौर पर ‘नेशनल एनर्जी इमरजेंसी’ की घोषणा कर दी है, जहां ईंधन बचाने के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
इस संकट का सबसे गहरा असर एशियाई देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ता दिख रहा है। मनीला से लेकर बैंकॉक और कराची से लेकर ढाका तक, सरकारों ने बिजली और तेल बचाने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम, स्कूलों की बंदी और राशनिंग जैसे नियमों को लागू कर दिया है। पेट्रोल पंपों पर किलोमीटर लंबी कतारें लगी हैं और डीजल की कीमतें कुछ देशों में 220 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गई हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज का रास्ता जल्द सुचारू नहीं हुआ, तो आने वाले हफ्तों में वैश्विक परिवहन और औद्योगिक उत्पादन पूरी तरह ठप हो सकता है। (Energy Lockdown)
फिलीपींस में हाहाकार
राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर के आदेश के बाद फिलीपींस में ऊर्जा बचाने के लिए युद्ध स्तर पर काम शुरू हो गया है। मनीला जैसे बड़े शहरों में शॉपिंग मॉल्स के खुलने का समय घटा दिया गया है ताकि बिजली की खपत कम की जा सके। परिवहन क्षेत्र को बचाने के लिए सरकार ने तेल भरवाने की सीमा तय कर दी है और जेट फ्यूल की कमी के कारण उड़ानों के रद्द होने का खतरा मंडरा रहा है। प्रशासन ने उद्योगों को अस्थाई रूप से कम गुणवत्ता वाले ईंधन के इस्तेमाल की अनुमति दी है ताकि उत्पादन प्रक्रिया जारी रह सके। (Energy Lockdown)
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पड़ोसी देशों का हाल
सिर्फ फिलीपींस ही नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया के अन्य देश भी इस संकट की आग में झुलस रहे हैं:
पाकिस्तान: ईंधन की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण स्कूलों को दो हफ्ते के लिए बंद कर दिया गया है। सिंध प्रांत में ‘स्मार्ट लॉकडाउन’ लागू करने पर विचार किया जा रहा है और दफ्तरों के लिए वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है।
श्रीलंका: आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका ने ईंधन बचाने के लिए हर बुधवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
बांग्लादेश: बिजली की भारी कटौती के बीच स्कूलों में रमजान की छुट्टियां समय से पहले ही शुरू कर दी गई हैं।
वियतनाम और म्यांमार: वियतनाम में गैर-जरूरी यात्राओं पर पाबंदी है, जबकि म्यांमार में गाड़ियों के लिए ‘ऑड-ईवन’ नियम लागू कर दिया गया है। (Energy Lockdown)

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होर्मुज जलडमरूमध्य
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ‘ऑयल चोकपॉइंट’ है। वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा इसी संकरे समुद्री रास्ते से गुजरता है। ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव के कारण यदि यह रास्ता पूरी तरह बंद होता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति में प्रति दिन लाखों बैरल की कमी आ जाएगी। यही कारण है कि ऊर्जा विशेषज्ञ इसे ‘1970 के दशक के बाद का सबसे बड़ा ऊर्जा संकट’ बता रहे हैं। (Energy Lockdown)
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यूरोप पर मंडराता खतरा
हालांकि यूरोपीय देश फिलहाल अपने सुरक्षित गैस भंडार (Gas Reserves) के दम पर स्थिति को संभाले हुए हैं, लेकिन संकट लंबा खिंचने पर उनकी चिंताएं भी बढ़ गई हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सप्लाई बहाल नहीं हुई, तो अप्रैल 2026 के अंत तक यूरोप में भी बड़े पैमाने पर बिजली कटौती और औद्योगिक शटडाउन की नौबत आ सकती है। मांग और आपूर्ति के बीच का यह असंतुलन वैश्विक मुद्रास्फीति को नए रिकॉर्ड स्तर पर ले जा सकता है। (Energy Lockdown)



