Nepal Election Results: नेपाल की राजनीति में इस समय बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। हालिया आम चुनाव की मतगणना से संकेत मिल रहे हैं कि देश की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों को कड़ी चुनौती मिली है और नई राजनीतिक ताकत तेजी से उभरकर सामने आई है। रैपर से नेता बने बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) कई सीटों पर मजबूत बढ़त बनाती दिख रही है, जिससे उनके नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की चर्चा तेज हो गई है।
Nepal Election Results को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह चुनाव उस राजनीतिक उथल-पुथल के बाद हो रहा है, जब युवाओं के बड़े विरोध प्रदर्शनों के कारण केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से हटना पड़ा था। उस समय भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लिया था।
RSP की अप्रत्याशित बढ़त
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) शुरुआती रुझानों में कई सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। अब तक RSP पार्टी छह सीटें जीत चुकी है और 110 से अधिक सीटों पर आगे बताई जा रही है। यह परिणाम नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है, क्योंकि यह पार्टी अपेक्षाकृत नई है और पारंपरिक दलों के मुकाबले हाल ही में उभरी है।
सबसे चौंकाने वाली खबर झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से सामने आई है, जहां बालेन शाह ने चार बार प्रधानमंत्री रह चुके केपी शर्मा ओली को कड़ी चुनौती दी है। शुरुआती मतगणना में बालेन शाह को 15 हजार से अधिक वोट मिल चुके हैं, जबकि ओली को लगभग 3,300 वोट ही प्राप्त हुए हैं। यदि यह रुझान परिणामों में बदलता है तो यह Nepal की राजनीति में एक ऐतिहासिक घटना होगी।
प्रधानमंत्री पद के लिए मजबूत दावेदारी
35 वर्षीय बालेन शाह पेशे से इंजीनियर हैं और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माने जाते हैं। वे सोशल मीडिया और जनसंपर्क के माध्यम से अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उनकी लोकप्रियता खासकर युवा मतदाताओं के बीच तेजी से बढ़ी है, जो पारंपरिक राजनीतिक दलों से निराश बताए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उनकी पार्टी स्पष्ट बहुमत के करीब पहुंचती है या गठबंधन बनाने में सफल होती है, तो बालेन शाह Nepal के अगले प्रधानमंत्री बन सकते हैं। नेपाल में पिछले 18 वर्षों में 14 बार सरकार बदल चुकी है, जिससे देश की राजनीतिक स्थिरता लगातार प्रभावित रही है। ऐसे में नई राजनीतिक ताकत का उभरना जनता की बदलाव की इच्छा को दर्शाता है।
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भारत की नजर नेपाल के चुनाव पर
Nepal Election Results पर भारत भी करीबी नजर बनाए हुए है। भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। भारत सरकार ने भी संकेत दिया है कि वह नेपाल में बनने वाली नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत नेपाल के साथ अपने मजबूत और बहुआयामी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत नेपाल में शांति, स्थिरता और विकास का लगातार समर्थन करता रहा है और चुनावों के दौरान Nepal सरकार के अनुरोध पर आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध कराई गई थी।
अन्य दलों की स्थिति
मतगणना के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, नेपाली कांग्रेस ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है और करीब 13 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। वहीं कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (CPN-UML) लगभग 10 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य छोटे दल भी कुछ सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं।
Nepal की संसद, जिसे हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स कहा जाता है, में कुल 275 सदस्य होते हैं। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली के तहत चुने जाते हैं, जबकि 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के माध्यम से भरी जाती हैं। इस चुनाव में लगभग 1.89 करोड़ मतदाता मतदान के पात्र थे।
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चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान
निर्वाचन आयोग के अनुसार, चुनाव के दौरान लगभग 60 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। देशभर में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और मतगणना देर रात तक जारी रही।
इस बीच कई प्रमुख नेताओं की जीत की खबरें भी सामने आई हैं। माओवादी नेता पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ ने रुकुम पूर्व सीट से जीत दर्ज की है। वहीं आरएसपी के कई उम्मीदवारों ने काठमांडू की सीटों पर मजबूत प्रदर्शन किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि मौजूदा रुझान परिणामों में बदलते हैं, तो नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी और नई सोच का दौर शुरू हो सकता है। आने वाले दिनों में स्पष्ट हो जाएगा कि क्या बालेन शाह वास्तव में नेपाल की सत्ता की कमान संभालते हैं या फिर देश में एक बार फिर गठबंधन की राजनीति देखने को मिलेगी।
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