What is Gang of Eight: मरों में बहुत पहले ही लिखी जा चुकी थी। इस हमले को अंजाम देने से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद गोपनीय और शक्तिशाली समूह को भरोसे में लिया था, जिसे अमेरिकी राजनीति में ‘गैंग ऑफ 8’ (Gang of Eight) के नाम से जाना जाता है। यह ग्रुप अमेरिकी सत्ता का वह धुरंधर हिस्सा है, जिसके सीने में दुनिया के सबसे बड़े सैन्य रहस्य दफन होते हैं। जब भी इस ग्रुप की सक्रियता बढ़ती है, तो यह स्पष्ट संकेत होता है कि अमेरिका किसी बड़े युद्ध या खुफिया ऑपरेशन की दहलीज पर खड़ा है।
व्हाइट हाउस की ओर से आधिकारिक पुष्टि की गई है कि विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने ईरान पर स्ट्राइक से पहले इस ग्रुप के सदस्यों को पूरी ब्रीफिंग दी थी। अमेरिकी कानून के तहत राष्ट्रपति के लिए यह अनिवार्य है कि वे किसी भी ‘कवर-एक्शन’ या बड़े सैन्य अभियान की जानकारी इन 8 शीर्ष नेताओं को दें। दिलचस्प बात यह है कि रूबियो इस ग्रुप के 8 में से 7 सदस्यों से संपर्क करने में सफल रहे और उन्हें स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर क्या है यह ‘गैंग ऑफ 8’ और क्यों इसकी सक्रियता दुनिया के लिए किसी बड़े खतरे की घंटी मानी जाती है।
क्या है ‘गैंग ऑफ 8’?
‘गैंग ऑफ 8’ कोई औपचारिक आधिकारिक नाम नहीं है, बल्कि यह अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के आठ सबसे शक्तिशाली नेताओं के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक शब्द है। इसमें हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट के सत्ता पक्ष और विपक्ष के शीर्ष नेता शामिल होते हैं। इसके अलावा, दोनों सदनों की इंटेलिजेंस कमेटियों के अध्यक्ष और रैंकिंग माइनॉरिटी मेंबर्स भी इसका हिस्सा होते हैं। (What is Gang of Eight)
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इस ग्रुप के 8 मुख्य पद इस प्रकार हैं:
- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर
- हाउस में माइनॉरिटी लीडर
- सीनेट में मेजॉरिटी लीडर
- सीनेट में माइनॉरिटी लीडर
- हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के चेयर
- हाउस इंटेलिजेंस कमेटी के रैंकिंग मेंबर
- सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयर
- सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के रैंकिंग मेंबर
कानूनन क्यों जरूरी है इन 8 लोगों को बताना?
अमेरिकी कानून (Title 50 U.S. Code) के तहत, राष्ट्रपति को खुफिया गतिविधियों और सैन्य अभियानों की रिपोर्टिंग कांग्रेस की पूरी इंटेलिजेंस कमेटी को देनी होती है। लेकिन ‘असाधारण परिस्थितियों’ में, जब मिशन की गोपनीयता बनाए रखना जीवन-मरण का सवाल हो, तब राष्ट्रपति कानून (50 U.S.C. § 3093) के तहत केवल इन 8 लोगों को ही जानकारी देने का अधिकार रखते हैं। ईरान के मामले में भी ट्रंप प्रशासन ने इसी ‘सुरक्षा कवच’ का इस्तेमाल किया ताकि मिशन की भनक दुश्मन को न लग सके। (What is Gang of Eight)

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हाउस स्पीकर माइक जॉनसन का बड़ा खुलासा
हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने हाल ही में पुष्टि की है कि ‘गैंग ऑफ 8’ को इस सप्ताह की शुरुआत में ही संभावित सैन्य कार्रवाई की विस्तृत जानकारी दे दी गई थी। जॉनसन के अनुसार, ईरान के बढ़ते परमाणु खतरे और अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए यह कदम उठाना बेहद जरूरी था। विदेश मंत्री मार्को रूबियो द्वारा दी गई यह ब्रीफिंग दर्शाती है कि ईरान पर हमला कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था। (What is Gang of Eight)
क्या ‘गैंग ऑफ 8’ राष्ट्रपति को रोक सकता है?
यह एक तकनीकी पेच है। इस ग्रुप के पास राष्ट्रपति के सैन्य फैसले को वीटो करने की कानूनी शक्ति नहीं है; उन्हें केवल ‘सूचित’ किया जाता है। हालांकि, यदि ये 8 दिग्गज किसी हमले का विरोध करते हैं, तो राष्ट्रपति के लिए फंड जुटाना और राजनीतिक समर्थन पाना असंभव हो जाता है। ईरान पर हुई स्ट्राइक साबित करती है कि ‘गैंग ऑफ 8’ इस मिशन के पक्ष में था। (What is Gang of Eight)
दुनिया के लिए खतरे की घंटी
जब भी ‘गैंग ऑफ 8’ की फाइलें खुलती हैं, तो दुनिया के किसी न किसी कोने में मिसाइलें गिरने वाली होती हैं। यह ग्रुप तभी सक्रिय होता है जब अमेरिका किसी देश की सत्ता पलटने वाला हो या कोई भीषण बमबारी शुरू करने वाला हो। ईरान पर हुए हमलों ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मिडिल ईस्ट की अगली तस्वीर अब इन्हीं 8 दिग्गजों की अगली ब्रीफिंग पर निर्भर करेगी। (What is Gang of Eight)



