Haryana Drain Cleaning Saini Plan: हरियाणा में इस बार मानसून से पहले बाढ़ और जलभराव की समस्या से निपटने के लिए सरकार ने व्यापक रणनीति तैयार कर ली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी ड्रेन, नहरों और नालों की सफाई (Haryana Drain Cleaning Saini Plan) तय समयसीमा में पूरी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
ड्रेनों की सफाई और मजबूत तटबंध पर जोर
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि आबादी वाले क्षेत्रों में ड्रेन और नहरों के किनारे मजबूत बर्म (ऊंचे किनारे) बनाए जाएं ताकि पानी के ओवरफ्लो को रोका जा सके। इसके साथ ही जिन क्षेत्रों में तटबंध कमजोर हैं, वहां समय रहते निरीक्षण कर उन्हें मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि जलभराव (Haryana Drain Cleaning Saini Plan) की स्थिति न बने।
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नदियों की सफाई और जल प्रवाह सुधार योजना
राज्य सरकार घग्गर नदी, मारकंडा नदी और टांगरी नदी की सफाई (Haryana Drain Cleaning Saini Plan) पर भी विशेष ध्यान दे रही है। वहीं सरस्वती नदी के बहाव को कुरुक्षेत्र के चीका क्षेत्र के पास सीधा करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे जल निकासी बेहतर हो सके।
फतेहाबाद और बावल के लिए विशेष योजना
फतेहाबाद में राजस्थान सीमा तक बरसाती पानी की निकासी के लिए नई ड्रेन का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य सिर्फ पानी निकालना ही नहीं, बल्कि उस पानी का उपयोग किसानों द्वारा सिंचाई में करना भी है। वहीं रेवाड़ी के बावल क्षेत्र में इंडस्ट्री से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए अलग से योजना तैयार की जा रही है।
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शहरी इलाकों में नई जल निकासी परियोजनाएं
तेजी से बढ़ती आबादी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने शहरी क्षेत्रों में नई ड्रेनेज परियोजनाएं (Haryana Drain Cleaning Saini Plan) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसका मकसद भविष्य में जलभराव की समस्या से बचाव करना है, जो अक्सर भारी बारिश के दौरान शहरों में देखने को मिलती है।
काम की प्रगति – आंकड़ों में तैयारी
अधिकारियों ने बैठक में बताया कि 825 ड्रेन और नालों में से 713 पर काम पूरा हो चुका है। बाकी कार्य जून तक पूरा कर लिया जाएगा। 425 बाढ़ बचाव कार्यों में से 250 के टेंडर फाइनल हो चुके हैं। शेष टेंडर अप्रैल के अंत तक पूरे होंगे। यह आंकड़े बताते हैं कि सरकार मानसून से पहले तैयारी को लेकर तेजी से काम कर रही है।
पंपिंग सिस्टम पूरी तरह तैयार
जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए राज्य में बड़े स्तर पर पंपिंग व्यवस्था तैयार की गई है-
- 839 डीजल पंप (1678 क्यूसेक क्षमता)
- 1389 इलेक्ट्रिक पंप (4466 क्यूसेक क्षमता)
- 495 मोबाइल पंप (3465 क्यूसेक क्षमता)
कुल मिलाकर 2723 पंपों के जरिए 9609 क्यूसेक पानी निकासी की क्षमता विकसित की गई है।
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स्थानीय निकाय और जनस्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी
राज्य के 87 स्थानीय निकायों में 2382 ड्रेनों (2655 किमी) में से 1116 किमी की सफाई पूरी हो चुकी है। बाकी काम जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग को 85 शहरों में 100 किमी ड्रेनों की सफाई मई के अंत तक पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
तटबंधों पर हरियाली भी बढ़ेगी
मुख्यमंत्री (Haryana Drain Cleaning Saini Plan) ने निर्देश दिए कि तटबंधों के किनारे पेड़ लगाए जाएं, जिससे न सिर्फ पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि मिट्टी का कटाव भी रोका जा सकेगा।
सरकार का फोकस – बाढ़ से पहले पूरी तैयारी
इस बार हरियाणा सरकार का फोकस ‘रिएक्शन’ नहीं बल्कि ‘प्रिवेंशन’ पर है। यानी बाढ़ आने के बाद राहत देने के बजाय पहले ही ऐसी तैयारी करना जिससे नुकसान कम से कम हो। अगर तय समय में ये सभी योजनाएं पूरी हो जाती हैं, तो राज्य में मानसून के दौरान जलभराव और बाढ़ की समस्या काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।
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