Guru Hargobind Sahib Jyoti Jot Day: सिख धर्म के छठे गुरु, गुरु हरगोबिंद साहिब का ज्योति ज्योत दिवस (Guru Hargobind Sahib Jyoti Jot Day) सोमवार को पूरे देश में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित हुए, वहीं कई प्रमुख राजनीतिक नेताओं ने भी गुरु साहिब के आदर्शों को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह दिन केवल एक धार्मिक स्मृति नहीं, बल्कि साहस, सेवा और न्याय के लिए खड़े होने की प्रेरणा का प्रतीक बनकर सामने आता है।
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वीरता और आध्यात्मिकता का अद्वितीय संगम
गुरु हरगोबिंद साहिब (Guru Hargobind Sahib Jyoti Jot Day) का जीवन सिख इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जाता है। उन्होंने ‘संत-सिपाही’ की अवधारणा को स्थापित करते हुए यह संदेश दिया कि आध्यात्मिकता के साथ-साथ अन्याय के खिलाफ खड़े होना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने शास्त्र (ज्ञान) और शस्त्र (शक्ति) दोनों के संतुलन के जरिए समाज को आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा का मार्ग दिखाया। उनके नेतृत्व में सिख पंथ ने न केवल आध्यात्मिक ऊंचाइयों को छुआ, बल्कि सामाजिक न्याय के लिए भी मजबूत आधार तैयार किया।
राजनीतिक नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरु साहिब को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन वीरता, सेवा और अटूट आस्था का प्रतीक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि गुरु साहिब के दिखाए मार्ग पर चलकर समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत बनाया जाए।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि गुरु हरगोबिंद साहिब ने संत-सिपाही की परंपरा स्थापित कर सिख धर्म को मानवता की रक्षा का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने अकाल तख्त की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे सिख धर्म को नई मजबूती मिली।
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अन्य नेताओं ने भी किया स्मरण
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरु साहिब (Guru Hargobind Sahib Jyoti Jot Day) के त्याग और समर्पण को याद करते हुए कहा कि उनकी शिक्षाएं आज भी धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें धर्म, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने का संदेश देता है।
इसी क्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने भी गुरु साहिब को नमन करते हुए उनके आदर्शों को आज के समय में प्रासंगिक बताया।
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सामाजिक एकता का संदेश
गुरु हरगोबिंद साहिब का जीवन केवल सिख समुदाय तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने समाज के हर वर्ग के लिए न्याय और समानता का संदेश दिया। उनके द्वारा अन्याय के खिलाफ खड़े होने और कमजोरों की रक्षा करने की प्रेरणा आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उनकी शिक्षाएं हमें यह सिखाती हैं कि धर्म केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि मानवता की सेवा और समाज में न्याय स्थापित करने का माध्यम भी है।
आज के समय में गुरु साहिब के आदर्शों की प्रासंगिकता
आज जब समाज कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में गुरु हरगोबिंद साहिब के आदर्श और भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि आस्था और साहस का संतुलन ही एक मजबूत समाज की नींव रख सकता है। ज्योति ज्योत दिवस के अवसर पर देशभर में लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।
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