AAP Gujarat Rally: आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुजरात के अमरेली में आयोजित ‘विजय विश्वास सभा’ के जरिए चुनावी माहौल को गरमा दिया। इस रैली में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। केजरीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि गुजरात (AAP Gujarat Rally) की जनता अब बदलाव चाहती है और AAP एक राजनीतिक पार्टी नहीं, बल्कि एक जनआंदोलन है जो देश को नई दिशा देना चाहता है।
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‘30 साल का शासन, लेकिन जनता त्रस्त’
केजरीवाल ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि पिछले 30 वर्षों से गुजरात पर भाजपा का कब्जा है, लेकिन इसके बावजूद आम जनता परेशान है। उन्होंने सौराष्ट्र क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि 2022 के चुनाव में यहां की 48 सीटों में से 40 भाजपा को मिली थीं। जनता ने भरोसा जताया, लेकिन बदले में उन्हें भ्रष्टाचार, अपमान और प्रशासनिक दबाव झेलना पड़ा।
पुल हादसे और किसानों का मुद्दा बना बड़ा हथियार
रैली (AAP Gujarat Rally) के दौरान केजरीवाल ने राज्य में हुए पुल हादसों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि मोरबी और बड़ौदा में पुल टूटने जैसी घटनाएं सरकार की लापरवाही को दिखाती हैं। इसके साथ ही उन्होंने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। केजरीवाल के अनुसार, किसानों की मूंगफली की फसल खराब होने के बाद सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये मुआवजे की घोषणा तो की, लेकिन वह किसानों तक नहीं पहुंचा।
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‘पंजाब मॉडल’ बनाम ‘गुजरात मॉडल’
केजरीवाल ने गुजरात की तुलना (AAP Gujarat Rally) पंजाब से करते हुए कहा कि वहां AAP की सरकार आम लोगों के लिए काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब में 117 में से 96 विधायक AAP के हैं, जिनमें से 80 से ज्यादा पहली बार राजनीति में आए हैं। ये सभी आम परिवारों से आते हैं, जबकि भाजपा और कांग्रेस पर उन्होंने परिवारवाद का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि जहां गुजरात में किसानों को आधी रात में बिजली मिलती है, वहीं पंजाब में दिन में 8 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाती है।
‘आम लोगों की राजनीति’ पर जोर
केजरीवाल ने अपनी पार्टी के नेताओं का जिक्र करते हुए कहा कि Isudan Gadhvi, Gopal Italia, Chaitar Vasava और Vinod Sorathiya जैसे नेता आम पृष्ठभूमि से आते हैं। उनका कहना था कि AAP में टिकट आम लोगों को मिलता है, न कि राजनीतिक परिवारों के सदस्यों को।
भगवंत मान ने गिनाए ‘दिल्ली-पंजाब मॉडल’ के फायदे
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने भी रैली में AAP सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में AAP सरकार के दौरान सरकारी स्कूलों का स्तर सुधरा, मोहल्ला क्लीनिक में मुफ्त इलाज मिला और गरीबों के जीवन स्तर में सुधार हुआ। मान ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद ये सुविधाएं प्रभावित हुईं और निजी स्कूल मनमानी करने लगे।
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चुनावी रणनीति- ‘गुजरात में नया विकल्प’
इस सभा (AAP Gujarat Rally) के जरिए AAP ने साफ संकेत दिया है कि वह गुजरात में खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में पेश करना चाहती है। पार्टी ‘पंजाब मॉडल’ और ‘दिल्ली मॉडल’ को आधार बनाकर जनता के बीच भरोसा बनाने की कोशिश कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP अब सीधे तौर पर भाजपा को चुनौती देने के साथ-साथ कांग्रेस के पारंपरिक वोट बैंक में भी सेंध लगाने की रणनीति पर काम कर रही है। अमरेली की यह रैली (AAP Gujarat Rally) सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि AAP की गुजरात में विस्तार की रणनीति का हिस्सा है। अब देखना होगा कि ‘बदलाव’ का यह संदेश जनता तक कितना असर छोड़ता है।
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