Swastika Mukherjee: बंगाली फिल्म इंडस्ट्री (Tollywood) में इन दिनों एक्टर राहुल अरुणोदय बनर्जी की दुखद मौत और उसके बाद शुरू हुई बयानबाजी ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। राहुल की ओडिशा में एक टीवी सीरियल की शूटिंग के दौरान डूबने से हुई मौत ने पूरी इंडस्ट्री को झकझोर कर रख दिया था। लेकिन इस दुखद घटना के बीच पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली के एक तर्क ने विवाद को जन्म दे दिया है। सौरव गांगुली ने राहुल के पानी में जाने पर सवाल उठाया था, जिसे लेकर मशहूर एक्ट्रेस स्वास्तिका मुखर्जी ने उन पर तीखा हमला बोला है और इसे एक कलाकार के संघर्ष का अपमान करार दिया है।
Swastika Mukherjee ने सौरव गांगुली के बयान को पूरी तरह से संवेदनहीन और जमीनी हकीकत से परे बताया है। स्वास्तिका का मानना है कि सौरव गांगुली जैसे कद के व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से कुछ भी बोलने से पहले शब्दों की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए था। उन्होंने तर्क दिया कि एक कलाकार अपने काम की प्रतिबद्धता (Work Commitment) के कारण जोखिम उठाता है और उसे यह पूछकर कठघरे में खड़ा करना कि ‘वह वहां गया ही क्यों,’ उसकी मेहनत और मजबूरी दोनों का तिरस्कार है। स्वास्तिका के इस बेबाक बयान ने अब सोशल मीडिया पर एक नई बहस छेड़ दी है।
सौरव गांगुली का वो बयान जिस पर मचा बवाल
एक्टर राहुल बनर्जी की मौत पर प्रतिक्रिया देते हुए सौरव गांगुली ने कथित तौर पर यह कहकर सबको हैरान कर दिया था कि वे यह नहीं समझ पा रहे कि राहुल आखिर शूटिंग के लिए पानी में गए ही क्यों। हालांकि उन्होंने घटना को दुखद बताया था, लेकिन उनके इस तर्कपूर्ण सवाल ने राहुल के परिवार और उनके साथी कलाकारों को आहत कर दिया। फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों का मानना है कि किसी की मौत के बाद उसके फैसलों पर सवाल उठाना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।
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फ्लोर पर रहने वाले नहीं समझेंगे जमीनी संघर्ष’
Swastika Mukherjee ने सौरव गांगुली और एक आम कलाकार के काम करने के माहौल के बीच के अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि सौरव गांगुली एक बड़े वैश्विक स्टार हैं और उनकी अधिकांश शूटिंग वातानुकूलित (AC) स्टूडियो में होती है। स्वास्तिका ने कहा, ‘सौरव गांगुली जैसे सितारों को हर सुख-सुविधा आसानी से मिल जाती है, इसलिए वे उन कलाकारों के जोखिम को नहीं समझ पा रहे जो चिलचिलाती धूप या गहरे पानी में काम करने के लिए मजबूर होते हैं।’ उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर राहुल पानी में नहीं उतरते, तो काम की डिमांड को पूरा करने के लिए उनकी जगह कोई और कलाकार वहां होता।

आजीविका और प्रोफेशन का अपमान
Swastika Mukherjee ने जोर देकर कहा कि हर कलाकार अपनी आजीविका चलाने के लिए संघर्ष करता है। उन्होंने सौरव गांगुली के लहजे को ‘तिरस्कार पूर्ण’ बताते हुए कहा कि किसी मशहूर शख्सियत होने का मतलब यह नहीं है कि आप दूसरों के प्रोफेशन की जरूरतों को खारिज कर दें। स्वास्तिका के अनुसार, ‘मशहूर हस्तियों के बयानों का समाज और शोक संतप्त परिवार पर गहरा असर पड़ता है, इसलिए भाषा के चुनाव में सावधानी जरूरी है।’
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इंडस्ट्री में बढ़ा तनाव
राहुल बनर्जी की मौत 29 मार्च को हुई थी, और तब से सुरक्षा मानकों को लेकर पहले ही बहस छिड़ी हुई थी। ऐसे में सौरव गांगुली और Swastika Mukherjee के बीच के इस वैचारिक टकराव ने बंगाली फिल्म और खेल जगत को दो गुटों में बांट दिया है। जहां कुछ लोग सौरव गांगुली के सवाल को तार्किक मान रहे हैं, वहीं स्वास्तिका के पक्ष में खड़े लोगों का कहना है कि शूटिंग के दौरान सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रोडक्शन की होती है, न कि कलाकार के विवेक की।



