UPSC Exam Update: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षाओं (UPSC Exam Update) का आयोजन करता है। हर साल लाखों उम्मीदवार IAS, IPS, IFS जैसी शीर्ष सेवाओं में चयन के सपने के साथ इन परीक्षाओं में शामिल होते हैं। इतनी बड़ी और संवेदनशील भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुरक्षा बनाए रखना आयोग के लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है।
इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए यूपीएससी ने अब सभी परीक्षा केंद्रों पर फेस रिकॉग्निशन (Face Recognition) प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है। अब परीक्षा में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों की पहचान चेहरे की पहचान तकनीक के जरिए की जाएगी।

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UPSC Exam Update: फेस रिकॉग्निशन क्यों जरूरी समझा गया?
अब तक परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की पहचान (UPSC Exam Update) मुख्य रूप से एडमिट कार्ड, फोटो पहचान पत्र, मैन्युअल जांच के माध्यम से की जाती थी। हालांकि, समय के साथ फर्जीवाड़े और डमी उम्मीदवारों की शिकायतें सामने आती रही हैं। यूपीएससी अधिकारियों के अनुसार, फेस रिकॉग्निशन सिस्टम लागू करने के पीछे मुख्य उद्देश्य हैं-
- यह सुनिश्चित करना कि परीक्षा में वही उम्मीदवार बैठे, जिसने आवेदन किया है
- किसी और की जगह परीक्षा देने जैसी धोखाधड़ी पर रोक
- भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का भरोसा बनाए रखना
- मैन्युअल जांच और लंबी कतारों को कम करना
- पूरी प्रक्रिया को अधिक ऑटोमेटिक, तेज और सुरक्षित बनाना
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UPSC Exam Update: कैसे काम करेगी फेस रिकॉग्निशन तकनीक?
फेस रिकॉग्निशन पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित प्रणाली है। इसका तरीका बेहद सरल और तेज है-
- उम्मीदवार ने आवेदन के समय अपनी फोटो अपलोड की होती है
- परीक्षा के दिन एंट्री गेट पर लगे कैमरे के सामने उम्मीदवार खड़ा होगा
- सिस्टम लाइव फोटो को आवेदन में दी गई फोटो से मिलाएगा
- अगर दोनों फोटो मैच होती हैं, तो उम्मीदवार को परीक्षा कक्ष में प्रवेश मिलेगा
यह पूरी प्रक्रिया सिर्फ 8 से 10 सेकंड में पूरी हो जाती है और इसमें किसी मैन्युअल हस्तक्षेप की जरूरत नहीं होती।
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पायलट प्रोजेक्ट में सफल रहा प्रयोग
UPSC ने इस प्रणाली को सीधे पूरे देश में लागू करने के बजाय पहले इसका पायलट परीक्षण (UPSC Exam Update) किया। यह परीक्षण NDA और CDS परीक्षाओं के दौरान 14 सितंबर 2025 को गुरुग्राम के चुनिंदा परीक्षा केंद्रों पर किया गया था। पायलट टेस्ट में उम्मीदवारों की लाइव फोटो को डिजिटल रूप से आवेदन की फोटो से मिलाया गया। परिणाम बेहद सकारात्मक रहे-
- सत्यापन में केवल 8–10 सेकंड लगे
- एंट्री प्रक्रिया ज्यादा सुव्यवस्थित रही
- सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों में सुधार दिखा
इसी सफलता के बाद आयोग ने इसे सभी UPSC भर्ती परीक्षाओं में लागू करने का फैसला किया।
परीक्षा के दिन उम्मीदवारों को किन बातों का ध्यान रखना होगा?
फेस रिकॉग्निशन अब अनिवार्य हो चुका है, इसलिए उम्मीदवारों (UPSC Exam Update) को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना होगा-
- आवेदन के समय अपलोड की गई फोटो और वर्तमान चेहरे में स्पष्ट समानता हो
- परीक्षा केंद्र पर कैमरे के सामने शांत होकर सत्यापन कराएं
- पहले की तरह एडमिट कार्ड और वैध ID प्रूफ साथ रखें
- चेहरे पर जरूरत से ज्यादा बदलाव (भारी मेकअप, फेस कवर) से बचें
- वहीं, परीक्षा केंद्रों को यह सुनिश्चित करना होगा कि:
- कैमरे सही तरीके से काम कर रहे हों
- इंटरनेट कनेक्टिविटी मजबूत हो
- सत्यापन में किसी तरह की तकनीकी देरी न हो
UPSC Exam Update: परीक्षा प्रणाली में टेक्नोलॉजी का नया दौर
फेस रिकॉग्निशन सिस्टम के लागू होने से UPSC की परीक्षा प्रक्रिया (UPSC Exam Update) और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और विश्वसनीय बनेगी। यह बदलाव न सिर्फ फर्जीवाड़े पर लगाम लगाएगा, बल्कि ईमानदार उम्मीदवारों को यह भरोसा भी देगा कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष है।
UPSC का यह फैसला साफ संकेत देता है कि देश की सबसे बड़ी भर्ती एजेंसी अब तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रही है। फेस रिकॉग्निशन के जरिए परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने का यह कदम आने वाले समय में अन्य परीक्षाओं के लिए भी मिसाल बन सकता है।
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