Cambridge University CBSE admission: विदेश में पढ़ाई करने का सपना देखने वाले लाखों भारतीय छात्रों के लिए यह खबर किसी बड़ी राहत से कम नहीं है। दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित और पुरानी यूनिवर्सिटीज़ में शामिल कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने अब CBSE बोर्ड के छात्रों को सीधे मौका (Cambridge University CBSE admission) देने का फैसला किया है। अब CBSE कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर छात्र कैम्ब्रिज के कुछ अंडरग्रेजुएट (UG) कोर्सेज़ में एडमिशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। अब तक भारतीय बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्रों को कई बार अतिरिक्त योग्यता परीक्षाएं, फाउंडेशन कोर्स या इंटरनेशनल बोर्ड सर्टिफिकेट दिखाने पड़ते थे। लेकिन कैम्ब्रिज के इस फैसले से यह रास्ता पहले से ज्यादा साफ और आसान होता नजर आ रहा है।
CBSE बोर्ड को मिली अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने स्पष्ट किया है कि CBSE बोर्ड से पढ़ाई करने वाले छात्र अब कुछ चुनिंदा UG प्रोग्राम्स के लिए पात्र होंगे। यह कदम भारतीय स्कूल शिक्षा प्रणाली के लिए एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय मान्यता के रूप में देखा जा रहा है।
कैम्ब्रिज की वाइस-चांसलर डेबोरा प्रेंटिस ने कहा कि यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों की अकादमिक क्षमता और अनुशासन को पहचानती है। उनके मुताबिक, ‘भारत में पढ़ने वाले छात्रों में गहरी समझ, मेहनत और सीखने की ललक होती है, और कैम्ब्रिज उन्हें वैश्विक मंच देना चाहता है।’ हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि सिर्फ 12वीं के अंक ही काफी नहीं होंगे। छात्रों को इंटरव्यू, सब्जेक्ट-स्पेसिफिक टेस्ट और अन्य प्रवेश मानदंड भी पूरे करने होंगे।

भारतीय छात्रों के लिए क्यों है यह फैसला खास?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव उन छात्रों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जो भारत में स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद सीधे दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी में जाना चाहते हैं। अब तक अधिकतर छात्र IB या A-Level जैसे इंटरनेशनल बोर्ड को ज्यादा सुरक्षित विकल्प मानते थे। लेकिन कैम्ब्रिज के इस कदम से CBSE छात्रों (Cambridge University CBSE admission) का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें भारत में रहकर भी वैश्विक स्तर की तैयारी का भरोसा मिलेगा।
भारत-कैम्ब्रिज साझेदारी को मिलेगा नया आधार
केवल एडमिशन प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी ने भारत के साथ अपने शैक्षणिक रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने Cambridge-India Centre for Advanced Studies (CAS) शुरू करने का ऐलान किया है। यह सेंटर रिसर्च, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और नई शिक्षा पद्धतियों पर काम करेगा। इसका उद्देश्य भारत की तेजी से बढ़ती नॉलेज इकॉनमी (Cambridge University CBSE admission) को वैश्विक शिक्षा और रिसर्च नेटवर्क से जोड़ना है।
रिसर्च, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को नई रफ्तार
CAS के जरिए भारत और ब्रिटेन के वैज्ञानिक, प्रोफेसर और रिसर्च स्कॉलर्स मिलकर काम करेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइंस, सोशल साइंस, क्लाइमेट स्टडीज़ और हेल्थ जैसे क्षेत्रों में संयुक्त रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा।
इस पहल से भारतीय छात्रों को सिर्फ एडमिशन ही नहीं, बल्कि विश्वस्तरीय रिसर्च इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटरनेशनल एक्सपोज़र (Cambridge University CBSE admission) भी मिलेगा। लंबे समय में यह भारतीय शिक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और वैश्विक पहचान दोनों को मजबूत करेगा।
भविष्य की तैयारी का संकेत
शिक्षा जानकारों के अनुसार, कैम्ब्रिज का यह फैसला संकेत देता है कि आने वाले वर्षों में और भी विदेशी यूनिवर्सिटीज़ भारतीय बोर्ड्स (Cambridge University CBSE admission)को ज्यादा गंभीरता से स्वीकार कर सकती हैं। इससे भारतीय छात्रों को देश में रहकर भी वैश्विक करियर की तैयारी करने का आत्मविश्वास मिलेगा।
कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का यह कदम केवल एक एडमिशन पॉलिसी बदलाव नहीं, बल्कि भारतीय छात्रों की क्षमता पर वैश्विक भरोसे की मुहर है। CBSE छात्रों के लिए अब दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटी का सपना पहले से कहीं ज्यादा करीब नजर आ रहा है।
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