Holi Dry Day Controversy: होली से पहले दिल्ली की पॉलिटिक्स में एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस होली पर राजधानी में शराब की दुकानें खुली रहेंगी, क्योंकि दिल्ली सरकार ने त्योहार को ड्राई डे की लिस्ट से हटा दिया है। इस फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला किया है। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा, ‘शराब के नाम पर BJP की असली औकात सामने आ गई है। अब सवाल यह उठता है कि होली पर शराब बेचना समझदारी भरा फैसला है या पॉलिटिकल चाल?
Holi Dry Day Controversy: दिल्ली सरकार का फैसला – होली को ड्राई डे से हटाया गया
दिल्ली आमतौर पर कुछ खास मौकों पर ड्राई डे घोषित करती है, जिसमें नेशनल हॉलिडे और कुछ बड़े धार्मिक त्योहार शामिल हैं। हालांकि, इस बार होली को ड्राई डे लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। इसका मतलब है कि रंगों के इस त्योहार पर शराब की दुकानें आम दिनों की तरह ही खुली रहेंगी।
सरकार के इस फैसले पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं। कुछ लोग इसे निजी आजादी से जोड़ रहे हैं, तो कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने इसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया है।
Holi Dry Day Controversy: AAP का हमला – ‘यह न तो सनातनी है और न ही देशभक्त’
आम आदमी पार्टी के सीनियर नेता सौरभ भारद्वाज ने BJP पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो पार्टी संस्कृति और सनातन धर्म की रक्षक होने का दावा करती है, वही अब त्योहारों पर शराब की खुली बिक्री की इजाजत दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP के लिए सामाजिक मूल्यों की रक्षा से ज्यादा रेवेन्यू और राजनीतिक फायदा जरूरी है।
AAP नेताओं का कहना है कि अगर BJP सच में भारतीय संस्कृति और सनातन मूल्यों को महत्व देती है, तो उसे होली जैसे पवित्र त्योहार पर शराब की बिक्री पर बैन लगा देना चाहिए था।
Read : अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा कमेटी को लिखी चिट्ठी, बोले- ‘सबके सामने होगी पूछताछ’
Holi Dry Day Controversy: BJP का संभावित तर्क – पर्सनल आजादी और रेवेन्यू
हालांकि इस मुद्दे पर BJP की तरफ से ऑफिशियल जवाब कम ही आया है, लेकिन पॉलिटिकल एनालिस्ट का मानना है कि सरकार इस फैसले को पर्सनल आजादी और रेवेन्यू से जोड़ सकती है। राजधानी में शराब पर लगने वाले टैक्स सरकार के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा हैं। इसलिए, त्योहार पर दुकानें बंद रखना रेवेन्यू के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
कुछ सपोर्टर का तर्क है कि होली पर शराब पीना कोई नई बात नहीं है, और इसे रोकने से ज्यादा जरूरी कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
Holi Dry Day Controversy: कल्चर बनाम मॉडर्निटी – होली का बदलता चेहरा
होली को पारंपरिक रूप से रंग, प्यार और भाईचारे का त्योहार माना जाता है। हालांकि, समय के साथ इसका नेचर बदल गया है। कई जगहों पर होली पार्टियों में शराब आम हो गई है। यही वजह है कि इस मुद्दे पर समाज बंटा हुआ लगता है।
एक ग्रुप का मानना है कि होली पर शराब से गुंडागर्दी और क्राइम बढ़ता है। दूसरा ग्रुप इसे पर्सनल चॉइस और मॉडर्न लाइफस्टाइल का हिस्सा मानता है।
Holi Dry Day Controversy: क्या कहता है कानून?
ड्राई डे घोषित करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है। दिल्ली सरकार समय-समय पर अपनी लिस्ट में बदलाव कर सकती है। इसलिए, होली को लिस्ट से हटाना पूरी तरह से एडमिनिस्ट्रेटिव फैसला है। हालांकि, चूंकि यह मुद्दा धार्मिक और कल्चरल भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए पॉलिटिकल बयानबाजी तेज हो गई है।
Latest News Update Uttar Pradesh News,उत्तराखंड की ताज़ा ख़बर
Holi Dry Day Controversy: सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी
यह मुद्दा ट्विटर (अब X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ट्रेंड कर रहा है। लोग #HoliDryDay, #DelhiLiquorPolicy और #AAPvsBJP जैसे हैशटैग का इस्तेमाल करके अपनी राय दे रहे हैं। कुछ यूजर्स का कहना है, ‘त्योहार सेलिब्रेशन के लिए होते हैं, पाबंदियों के लिए नहीं।’ दूसरे लिख रहे हैं, ‘होली पर शराब खोलना भारतीय परंपरा के खिलाफ है।’
Holi Dry Day Controversy: क्या है पॉलिटिकल कैलकुलस?
दिल्ली में पॉलिटिकल डायनामिक्स हमेशा से सेंसिटिव रहे हैं। इसलिए, होली जैसे बड़े त्योहार पर लिया गया कोई भी फैसला सीधे तौर पर पब्लिक सेंटिमेंट से जुड़ा होता है। AAP इस मुद्दे का इस्तेमाल BJP की कथित ‘कल्चर पॉलिटिक्स’ का मुकाबला करने के लिए कर रही है, जबकि BJP इसे एडमिनिस्ट्रेटिव फैसला बताकर इसका बचाव कर सकती है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले चुनावों को ध्यान में रखते हुए दोनों पार्टियां इस मुद्दे को अपने-अपने तरीकों से भुनाने की कोशिश करेंगी।
Holi Dry Day Controversy: क्या सोचती है जनता?
जमीन पर लोगों की राय मिली-जुली है। कुछ का कहना है कि अगर कानून-व्यवस्था बनी रहे, तो दुकानें खुली रहने में कोई दिक्कत नहीं है। हालांकि, कई परिवारों और सामाजिक संगठनों का मानना है कि इससे त्योहार की गरिमा से समझौता होता है।
पढ़े ताजा अपडेट: Hindi News, Today Hindi News, Breaking News



