Fake NIA Officer: दिल्ली में लाल किले के पास उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब पुलिस ने एक ऐसे शख्स को हिरासत में लिया, जो खुद को एनआईए का अधिकारी बता रहा था। जम्मू-कश्मीर नंबर की गाड़ी के साथ खड़ा यह व्यक्ति पुलिस को संदिग्ध लगा, जिसके बाद उससे पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ के दौरान उसने दावा किया कि वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़ा है और अपना आई कार्ड भी दिखाया। हालांकि, पुलिस को उसकी बातों और दस्तावेजों में गड़बड़ी नजर आई। शक गहराने पर जब उससे कड़ाई से पूछताछ की गई तो पूरा मामला फर्जी साबित हुआ।
संदिग्ध गतिविधि से बढ़ा शक
Fake NIA Officer घटना बुधवार शाम की बताई जा रही है। पुलिस की नियमित गश्त के दौरान लाल किले के पास खड़ी एक गाड़ी पर जम्मू-कश्मीर का नंबर प्लेट देख अधिकारियों का ध्यान गया। वाहन के पास खड़े युवक का व्यवहार भी संदिग्ध लगा।
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पुलिस ने जब उससे पूछताछ शुरू की तो उसने खुद को Fake NIA Officer बताया और एक पहचान पत्र भी दिखाया। हालांकि, पहचान पत्र की बनावट और उसकी भाषा पर पुलिस को शक हुआ। दस्तावेज़ की प्रारंभिक जांच में कई खामियां सामने आईं।
सख्ती से पूछताछ में खुलासा
जब पुलिस ने उससे एजेंसी से जुड़े सवाल पूछे और ड्यूटी के बारे में जानकारी मांगी तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर कोतवाली थाने ले जाया गया। वहां गहन पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मुदस्सिर बताया।
मुदस्सिर ने कबूल किया कि वह जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि वह फर्जी पहचान बनाकर लोगों को प्रभावित करता था और खुद को केंद्रीय एजेंसी का अधिकारी बताकर भरोसा जीतने की कोशिश करता था।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी कश्मीरी युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगने का काम करता था। वह सरकारी विभागों और सुरक्षा एजेंसियों में नियुक्ति का झांसा देता था और इसके बदले मोटी रकम वसूलता था।
प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि वह सोशल मीडिया और व्यक्तिगत संपर्कों के जरिए युवाओं तक पहुंचता था। भरोसा पैदा करने के लिए वह फर्जी पहचान पत्र और सरकारी रौब का इस्तेमाल करता था।
Fake NIA Officer आई कार्ड और दस्तावेज जब्त
पुलिस ने आरोपी के पास से एक कथित NIA का पहचान पत्र, कुछ दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किया है। मोबाइल फोन की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन लोगों से संपर्क किया और कितनों को ठगा। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या वह अकेले ही यह फर्जीवाड़ा चला रहा था।
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कोतवाली थाने में मामला दर्ज
दिल्ली के कोतवाली पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और सरकारी एजेंसी का प्रतिरूपण करने के आरोप में FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने उसे अदालत में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच हर पहलू से की जाएगी और यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
लाल किले जैसे संवेदनशील और ऐतिहासिक स्थल के पास इस तरह की घटना ने सुरक्षा एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राजधानी में किसी भी संदिग्ध गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा।
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सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी एजेंसियों के नाम पर Fake NIA Officer बनाकर ठगी करना गंभीर अपराध है। इससे न केवल लोगों का भरोसा टूटता है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में भी भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
पुलिस ने आम नागरिकों, खासकर युवाओं से अपील की है कि नौकरी या सरकारी नियुक्ति के नाम पर किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे न दें। किसी भी ऑफर की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित विभाग से पुष्टि अवश्य करें।
Fake NIA Officer घटना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। हालांकि, समय रहते पुलिस की सतर्कता से एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ गया और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गया।
जांच आगे बढ़ने के साथ और भी खुलासे होने की संभावना है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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