Arvind Kejriwal Phansi Ghar Row: दिल्ली की पॉलिटिक्स एक बार फिर गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और AAP के नेशनल कन्वीनर अरविंद केजरीवाल को ‘फांसी घर’ विवाद को लेकर एक कमेटी के सामने पेश होने के लिए बुलाया गया है। इस घटनाक्रम ने राजधानी की पॉलिटिक्स में एक नई बहस छेड़ दी है।
AAP ने इसे पॉलिटिकल बदला बताया है और कार्रवाई की लाइव स्ट्रीमिंग की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अगर सब कुछ फेयर और ट्रांसपेरेंट है, तो पूरी प्रोसेस जनता के सामने होनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
इस ‘फांसी घर’ विवाद में ब्लेम गेम तेज हो गया है। BJP की अगुवाई वाली कमेटी ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री को बुलाया है। इसे लेकर पॉलिटिकल गलियारों में कई सवाल उठ रहे हैं कि, क्या यह सिर्फ एक एडमिनिस्ट्रेटिव जांच है या इसके पीछे कोई पॉलिटिकल स्ट्रैटेजी है?
Arvind Kejriwal Phansi Ghar Row अब सिर्फ कानूनी या एडमिनिस्ट्रेटिव मुद्दा नहीं रहा, बल्कि पॉलिटिकल ट्रांसपेरेंसी बनाम पॉलिटिकल बदले की बहस बन गया है।
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AAP का पलटवार – पूरा प्रोसेस लाइव दिखाओ
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि AAP ने अपने कार्यकाल में कई कमेटियां चलाईं और ट्रांसपेरेंसी के लिए उनका लाइव ब्रॉडकास्ट किया।
उन्होंने कहा, ‘हमने पत्रकारों को बुलाया और उनसे सच छापने को कहा। अब BJP ने एक पूर्व मुख्यमंत्री को कमेटी के सामने बुलाकर एक नई मिसाल कायम की है। इसके दूरगामी नतीजे होंगे।’
AAP का साफ कहना है कि अगर कमेटी निष्पक्ष है, तो कार्रवाई को पब्लिक किया जाना चाहिए। पार्टी इसे डेमोक्रेटिक वैल्यूज का टेस्ट बता रही है।
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BJP की स्ट्रैटेजी या पॉलिटिकल मैसेज?
पॉलिटिकल एनालिस्ट्स का मानना है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री को कमेटी के सामने पेश होने के लिए बुलाना एक बड़ा कदम है। एक तरफ, इससे जवाबदेही का उदाहरण बन सकता है, तो दूसरी तरफ, इसे पॉलिटिकल प्रेशर डालने का तरीका भी माना जा रहा है। BJP का तर्क है कि कानून सबके लिए बराबर है। वहीं, AAP इसे विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश बता रही है।
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क्या पॉलिटिकल परंपरा बदलेगी?
दिल्ली की राजनीति में यह पहली बार है कि किसी पूर्व मुख्यमंत्री को इस तरह से किसी कमेटी के सामने बुलाया गया है। अगर यह प्रोसेस आगे बढ़ता है, तो यह भविष्य में नेताओं की जवाबदेही के लिए एक नई मिसाल कायम कर सकता है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या यह प्रोसेस निष्पक्ष और पारदर्शी होगा? Aam Aadmi Party की लाइव स्ट्रीमिंग की मांग इसी चिंता को दिखाती है।
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इस पर जनता की नजरें
दिल्ली की जनता और देश भर के राजनीतिक जानकार इस पूरे घटनाक्रम पर करीब से नजर रखे हुए हैं। Arvind Kejriwal Phansi Ghar Row सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है।
जनता में साफ बंटवारा है कि, एक ग्रुप इसे अकाउंटेबिलिटी की तरफ़ एक कदम मानता है। दूसरा ग्रुप इसे पॉलिटिकल बदले की कार्रवाई कहता है।
आगे क्या?
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या कमिटी की कार्रवाई लाइवस्ट्रीम होगी। अगर BJP लाइव स्ट्रीमिंग की मांग मान लेती है, तो यह ट्रांसपेरेंसी की तरफ एक बड़ा कदम होगा।
हालांकि, अगर मांग खारिज होती है, तो पॉलिटिकल आरोप-प्रत्यारोप तेज हो सकते हैं। यह विवाद आने वाले दिनों में दिल्ली की पॉलिटिक्स का सेंटर पॉइंट बना रहेगा।
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