Zomato Company: देश के स्टार्टअप और फूड-टेक सेक्टर में एक बड़ा नेतृत्व परिवर्तन देखने को मिला है। Zomato Company की पैरेंट कंपनी इटर्नल लिमिटेड में शीर्ष प्रबंधन स्तर पर अहम फेरबदल किया गया है। कंपनी के सह-संस्थापक और लंबे समय से ग्रुप CEO की जिम्मेदारी संभाल रहे दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। यह बदलाव 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। उनकी जगह क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट के CEO अल्बिंदर ढींडसा को इटर्नल लिमिटेड का नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है।
बोर्ड में वाइस चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे गोयल
हालांकि, दीपिंदर गोयल पूरी तरह से कंपनी से अलग नहीं हो रहे हैं। इटर्नल लिमिटेड की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, गोयल अब Zomato Company के बोर्ड में वाइस चेयरमैन और डायरेक्टर के रूप में जुड़े रहेंगे। इस नई भूमिका में वह रणनीतिक दिशा, दीर्घकालिक योजनाओं और बड़े फैसलों में बोर्ड स्तर पर अपनी भूमिका निभाते रहेंगे। वहीं, कंपनी के दैनिक संचालन और कारोबारी निर्णयों की कमान अब नए ग्रुप CEO अल्बिंदर ढींडसा के हाथ में होगी।
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मजबूत वित्तीय नतीजों के बीच हुआ बदलाव
यह नेतृत्व परिवर्तन ऐसे समय पर किया गया है, जब इटर्नल लिमिटेड का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत स्थिति में है। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कंपनी ने शानदार नतीजे दर्ज किए हैं। सालाना आधार पर शुद्ध लाभ में 73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और मुनाफा 102 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कंपनी के फूड डिलीवरी बिजनेस के साथ-साथ क्विक कॉमर्स सेगमेंट ने भी इस ग्रोथ में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
शेयरधारकों को गोयल का खुला पत्र
दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में अपने फैसले की वजहों को विस्तार से साझा किया है। उन्होंने कहा कि अब वह ऐसे नए विचारों और प्रयोगों पर ध्यान देना चाहते हैं, जिनमें जोखिम और नवाचार की भूमिका अधिक हो। गोयल के मुताबिक, इस तरह के प्रयोग सार्वजनिक कंपनी के दायरे से बाहर रहकर अधिक स्वतंत्रता के साथ किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका यह निर्णय कंपनी के भविष्य और दीर्घकालिक हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
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अल्बिंदर ढींडसा के नेतृत्व पर भरोसा
गोयल ने नए ग्रुप CEO अल्बिंदर ढींडसा की नेतृत्व क्षमता पर पूरा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि ब्लिंकिट के अधिग्रहण के बाद उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में ढींडसा ने अहम भूमिका निभाई। क्विक कॉमर्स जैसे प्रतिस्पर्धी और तेजी से बदलते सेक्टर में ब्लिंकिट की स्थिर ग्रोथ, मजबूत ऑपरेशनल मैनेजमेंट और रणनीतिक फैसले ढींडसा के नेतृत्व कौशल को दर्शाते हैं।
ESOP से जुड़े फैसले
कंपनी ने यह भी जानकारी दी है कि इस बदलाव के तहत दीपिंदर गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शंस को कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन (ESOP) पूल में वापस किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम कॉरपोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
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Zomato Company से इटर्नल तक का सफर
गौरतलब है कि दीपिंदर गोयल ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ जोमैटो की स्थापना की थी। शुरुआती दौर में यह प्लेटफॉर्म रेस्टोरेंट मेनू और रिव्यू तक सीमित था, लेकिन समय के साथ यह देश की प्रमुख फूड डिलीवरी कंपनियों में शामिल हो गया। बाद में कंपनी ने क्विक कॉमर्स और अन्य डिजिटल सेवाओं में कदम रखा और अपने व्यापक बिजनेस मॉडल को दर्शाने के लिए नाम बदलकर इटर्नल लिमिटेड कर लिया।
Zomato Company की आगे की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में इटर्नल लिमिटेड फूड डिलीवरी के साथ-साथ क्विक कॉमर्स और नई तकनीक आधारित सेवाओं को और मजबूत करने पर फोकस करेगी। वहीं, दीपिंदर गोयल अब डीपटेक, लॉन्गेविटी और पर्सनल रिसर्च जैसे नए क्षेत्रों में अपने प्रयोगों को आगे बढ़ाने की योजना बना सकते हैं। इस नेतृत्व परिवर्तन को Zomato Company के अगले विकास चरण की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।
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