Sensex Nifty Fall: मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजार ने कमजोर शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में ही प्रमुख Sensex Nifty Fall देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 417.68 अंकों की गिरावट के साथ 81,120.02 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 111.10 अंक फिसलकर 24,937.55 पर कारोबार करता दिखा। बाजार की इस Sensex Nifty Fall कमजोरी ने निवेशकों की सतर्कता बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कमजोर वैश्विक संकेत, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और चुनिंदा सेक्टरों में दबाव के चलते घरेलू शेयर बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा है। हालांकि कुछ सेक्टरों में आंशिक मजबूती भी देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं रही।
Sensex Nifty Fall के साथ और फिसला सेंसेक्स
कारोबार की शुरुआत में ही सेंसेक्स 81,361.12 पर खुला, जो पिछले बंद स्तर से लगभग 177 अंक नीचे था। शुरुआती कुछ ही मिनटों में बिकवाली का दबाव और तेज हुआ, जिससे सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक की गिरावट के साथ नीचे फिसल गया। बैंकिंग, ऑटो और कंज्यूमर सेक्टर के शेयरों में बिकवाली ने बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया। विश्लेषकों का कहना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं, जिससे बड़े शेयरों पर दबाव बना हुआ है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की सतत निकासी भी बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।
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निफ्टी 25,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे
निफ्टी ने भी आज कमजोर रुख के साथ कारोबार की शुरुआत की। सूचकांक 25,017.50 के स्तर पर खुला और जल्द ही गिरावट बढ़ते हुए 24,937.55 तक पहुंच गया। निफ्टी का 25,000 के नीचे फिसलना बाजार की धारणा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
बाजार जानकारों के अनुसार, यदि Sensex Nifty Fall ज्यादा समय तक बना रहता है, तो निकट भविष्य में और दबाव देखने को मिल सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए इसे खरीदारी का अवसर भी माना जा रहा है।
वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असर
वैश्विक बाजारों से आज घरेलू बाजार को स्पष्ट दिशा नहीं मिल सकी। अमेरिकी शेयर बाजारों में हालिया सत्र में मजबूती देखने को मिली थी, लेकिन एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार रहा। कुछ एशियाई सूचकांक गिरावट में रहे, जबकि कुछ सीमित बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे। इस अनिश्चित वैश्विक माहौल ने भारतीय निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक ब्याज दरों, महंगाई और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर निवेशकों की नजर बनी हुई है।
FII की लगातार बिकवाली से बढ़ा दबाव
जनवरी 2026 में विदेशी संस्थागत निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पूंजी निकालते नजर आ रहे हैं। FII की इस बिकवाली ने बाजार पर अतिरिक्त दबाव बनाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर बढ़ते रुझान और डॉलर में मजबूती के कारण विदेशी निवेशक उभरते बाजारों से दूरी बना रहे हैं। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशक (DII) कुछ हद तक बाजार को सहारा दे रहे हैं, लेकिन FII की भारी बिकवाली के सामने यह समर्थन फिलहाल कमजोर साबित हो रहा है।
सेक्टर आधारित प्रदर्शन मिला-जुला
आज के कारोबार में सेक्टरों का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखी गई, जिससे इस सेक्टर का सूचकांक कमजोर रहा। वहीं मेटल और आईटी सेक्टर के शेयरों में सीमित मजबूती देखने को मिली, जिसने बाजार को कुछ हद तक संभालने की कोशिश की। बैंकिंग और फाइनेंशियल शेयरों में भी दबाव देखा गया, खासकर चुनिंदा बड़े निजी बैंकों के शेयरों में गिरावट रही।
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तिमाही नतीजों का असर
तिमाही नतीजों का असर भी आज के बाजार पर दिखा। एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसी बड़ी कंपनियों के नतीजे निवेशकों के रडार पर रहे। हालांकि एक्सिस बैंक ने मुनाफे में वृद्धि दर्ज की है, लेकिन बाजार की समग्र कमजोरी के चलते इसके शेयरों में सीमित प्रतिक्रिया देखने को मिली। विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में और कंपनियों के नतीजे बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।
आगे की राह पर निवेशकों की नजर
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निकट भविष्य में वैश्विक संकेत, FII की गतिविधियां और कॉर्पोरेट नतीजे बाजार की चाल तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और लंबी अवधि के नजरिये से मजबूत शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। Sensex Nifty Fall ने यह संकेत दिया है कि बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और आने वाले सत्रों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
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