Priyanka Chopra Bollywood Exit: ग्लोबल आइकॉन प्रियंका चोपड़ा इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘वाराणसी’ की तैयारियों में जुटी हैं, जो अगले साल बड़े पर्दे पर दस्तक देने वाली है। लेकिन इस बीच, प्रियंका ने एक हालिया इंटरव्यू में कुछ ऐसा कह दिया है जिसने बॉलीवुड के गलियारों में हलचल मचा दी है। लगभग एक दशक पहले हॉलीवुड का रुख करने वाली प्रियंका ने पहली बार विस्तार से उन परिस्थितियों पर बात की, जिन्होंने उन्हें अपने करियर के चरम (Peak) पर हिंदी फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने के लिए मजबूर किया था। प्रियंका ने साफ शब्दों में कहा कि उस दौर में वह बॉलीवुड की राजनीति और नकारात्मकता से तंग आ चुकी थीं।
अमांडा हिर्श के मशहूर पॉडकास्ट ‘नॉट स्किनी बट नॉट फैट’ में बात करते हुए प्रियंका ने अपने दिल का गुबार निकाला। उन्होंने बताया कि साल 2015 में जब उन्होंने ‘क्वांटिको’ के जरिए अमेरिका में कदम रखा, तो वह महज एक नया अवसर नहीं था, बल्कि बॉलीवुड की उस ‘गंदगी’ से बाहर निकलने का रास्ता था जिसने उन्हें एक सीमित दायरे में बांध दिया था। प्रियंका ने खुलासा किया कि उस समय उनके इंडस्ट्री में कुछ लोगों के साथ रिश्ते इतने खराब हो गए थे कि उनके पास वहां से हटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।
‘गंदगी की बदबू की आदत नहीं डालना चाहती थी’
पॉडकास्ट के दौरान प्रियंका ने अपनी तुलना एक ऐसी इंसान से की जो शांति और सम्मान की तलाश में रहती है। उन्होंने बॉलीवुड के तनावपूर्ण माहौल पर तंज कसते हुए कहा, ‘मैं ऐसी इंसान हूं जिसे गंदगी में रहना पसंद नहीं है क्योंकि फिर आपको उसकी बदबू की आदत हो जाती है। मैं बदलाव में बहुत यकीन रखती हूं। जब जिंदगी मुश्किल हो जाती है, तो हम इंसान के तौर पर बहुत मजबूत होते हैं, हममें खुद को संभालने, खुद को साफ करने, इमोशनल होने और दर्द महसूस करने के लिए एक मिनट लेने और फिर बदलाव करने की काबिलियत होती है।’ (Priyanka Chopra Bollywood Exit)
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ऐश्वर्या राय और मिंडी कलिंग से मिली प्रेरणा
जब प्रियंका से पूछा गया कि उन्होंने अमेरिकन इंडस्ट्री को ही क्यों चुना, तो उन्होंने ऐश्वर्या राय और मिंडी कलिंग का जिक्र किया। प्रियंका ने बताया कि उस समय हॉलीवुड में भारतीय कलाकारों का प्रतिनिधित्व बहुत कम था। उन्होंने कहा, ‘मिंडी कलिंग और ऐश्वर्या राय के अलावा, हॉलीवुड में बहुत कम भारतीय कलाकार थे। मुझे लगा कि हमें वो रिप्रेजेंटेशन क्यों नहीं मिलता। मुझे लगा कि वहां क्या पॉसिबिलिटीज हैं, यह देखना जरूरी है।’ (Priyanka Chopra Bollywood Exit)

बॉलीवुड में महसूस होने लगी थी ‘घुटन’
प्रियंका ने स्वीकार किया कि भारत में काम करते हुए उन्हें एक समय के बाद ‘लिमिटेड’ यानी सीमित महसूस होने लगा था। वह कुछ बड़ा करना चाहती थीं, लेकिन इंडस्ट्री की अंदरूनी खींचतान उन्हें आगे बढ़ने से रोक रही थी। उन्होंने बताया कि हॉलीवुड में रास्ता बनाना आसान नहीं था और उनके पास कोई तैयार ‘रोडमैप’ नहीं था, लेकिन उनकी मेहनत और काबिलियत ने उन्हें वहां टिकने का हौसला दिया। (Priyanka Chopra Bollywood Exit)
फिल्म ‘वाराणसी’ और भविष्य का सफर
प्रियंका चोपड़ा वर्तमान में अपनी फिल्म ‘वाराणसी’ पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं, जो उनकी जड़ों की ओर वापसी का संकेत है। हॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के बाद भी प्रियंका का मानना है कि एक मेहनती कलाकार के लिए दुनिया में कहीं भी जगह बनाना मुश्किल नहीं है। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि वह किसी भी फिल्ममेकर या को-एक्टर के सामने डटकर खड़ी रह सकती हैं क्योंकि उन्हें अपने काम की अच्छी समझ है। (Priyanka Chopra Bollywood Exit)



