हरियाणा के सोनीपत जिला न्यायालय परिसर में मंगलवार को एक अनोखा और चर्चित प्रदर्शन देखने को मिला। यहां मौजूद वकीलों के एक समूह ने बलूचिस्तान के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए इलाके का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान वकील हाथों में बलूचिस्तान के झंडे लिए हुए न्यायालय परिसर में जुटे और जोरदार नारेबाजी की।
कोर्ट परिसर में गूंजे ‘बलूचिस्तान जिंदाबाद’ के नारे
सोनीपत कोर्ट परिसर में जुटे वकीलों ने बलूचिस्तान की आजादी के समर्थन में नारे लगाए। प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने साफ तौर पर अपनी बात रखी और कहा कि वे बलूचिस्तान के लोगों के साथ खड़े हैं।
भारत और बलूचिस्तान की संस्कृति में समानता का दावा
प्रदर्शन में शामिल वकीलों ने यह भी दावा किया कि बलूचिस्तान की संस्कृति और रहन-सहन भारतीय परंपराओं से काफी हद तक मेल खाते हैं। इसी आधार पर उन्होंने बलूचिस्तान के प्रति अपनी सहानुभूति जताई और आगे भी इस मुद्दे पर प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया।
महाशिवरात्रि के मौके पर भी की गई प्रार्थना
प्रदर्शन के दौरान वकीलों ने महाशिवरात्रि के अवसर का भी विशेष उल्लेख किया। उनका कहना था कि इस पावन मौके पर उन्होंने बलूचिस्तान की भलाई और वहां के हालात सुधरने के लिए प्रार्थना की। इस तरह धार्मिक आस्था को भी उन्होंने अपने प्रदर्शन के साथ जोड़ा।
संयुक्त राष्ट्र और PM मोदी को खून से पत्र भेजने का ऐलान
प्रदर्शन के दौरान सबसे चौंकाने वाला बयान यह रहा कि वकीलों ने संयुक्त राष्ट्र (UN) और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बलूचिस्तान के समर्थन में खून से लिखा हुआ पत्र भेजने का ऐलान किया। वकीलों का कहना है कि इस तरह के प्रतीकात्मक कदम के जरिए वे भारत सरकार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बिरादरी का ध्यान भी बलूचिस्तान के मुद्दे की ओर खींचना चाहते हैं।
वकीलों ने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका पहला कदम नहीं है और वे आने वाले समय में भी बलूचिस्तान के समर्थन में इसी तरह के प्रदर्शन आयोजित करते रहेंगे। इस घटनाक्रम के बाद सोनीपत कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए माहौल गरमाया रहा, हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
यह प्रदर्शन एक बार फिर बलूचिस्तान से जुड़े मुद्दे को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में ले आया है, खासतौर पर तब जब यह मुद्दा भारत की सीमाओं से जुड़े कानूनी क्षेत्र के भीतर से उठाया गया हो।


